देहरादून, 28 मार्च 2026: राजधानी देहरादून के प्रेमनगर थानाक्षेत्र में हुए बहुचर्चित दिव्यांशु जाटराणा हत्याकांड में पुलिस ने अब सख्त रुख अपना लिया है। वारदात के पांच दिन बाद भी फरार चल रहे 11 मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी न होने पर एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने उन पर इनाम घोषित करने और गैर जमानती वारंट (NBW) जारी करने के निर्देश दिए हैं।
वहीं दूसरी ओर, मृतक के परिजनों और मुजफ्फरनगर के ग्रामीणों में भारी रोष है, जिन्होंने पुलिस कार्रवाई में देरी के विरोध में देहरादून कूच करने की चेतावनी दी है।
केस स्टेटस: दिव्यांशु हत्याकांड अपडेट
| मुख्य विवरण | घटना और कार्रवाई से जुड़े तथ्य |
| मृतक का नाम | दिव्यांशु जाटराणा (निवासी- मुजफ्फरनगर, उत्तर प्रदेश) |
| कुल नामजद आरोपी | 15 आरोपी (हत्या और बलवा की धाराओं में FIR) |
| गिरफ्तारी की स्थिति | 04 गिरफ्तार (11 आरोपी अब भी पुलिस की पहुंच से बाहर) |
| पुलिस की नई कार्रवाई | फरार आरोपियों पर इनाम और NBW जारी करने की तैयारी |
| परिजनों का अल्टीमेटम | मुख्य आरोपी की गिरफ्तारी न होने पर 3 मार्च को देहरादून कूच |
वर्चस्व की जंग और पुलिस की चौतरफा घेराबंदी
- छात्र गुटों का खूनी संघर्ष: पुलिस जांच के अनुसार, 23 मार्च की रात प्रेमनगर में बिहार और पश्चिमी उत्तर प्रदेश के छात्र गुटों के बीच वर्चस्व को लेकर खूनी संघर्ष हुआ था। इस मारपीट में मुजफ्फरनगर निवासी दिव्यांशु के सिर पर गंभीर चोट आई थी, जिससे 24 मार्च की सुबह उपचार के दौरान उसकी मौत हो गई।
- फरार 11 आरोपियों पर शिकंजा: इस हत्याकांड में शामिल 15 नामजद आरोपियों में से अब तक केवल 4 की गिरफ्तारी हो पाई है। एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बताया कि फरार 11 आरोपियों की तलाश में पुलिस की टीमें अलग-अलग राज्यों में दबिश दे रही हैं। आरोपियों पर दबाव बनाने के लिए जल्द ही उन पर इनाम की राशि घोषित की जाएगी।
- परिजनों में उबाल और सोशल मीडिया: दिव्यांशु की मौत के बाद मुजफ्फरनगर क्षेत्र में जबरदस्त आक्रोश है। सोशल मीडिया पर कई वीडियो वायरल हो रहे हैं, जिनमें लोग एकजुट होकर देहरादून पहुंचने की बात कह रहे हैं। परिजनों का आरोप है कि पुलिस मुख्य साजिशकर्ताओं को बचाने का प्रयास कर रही है।
- 3 मार्च को 'देहरादून कूच' की चेतावनी: परिजनों ने अल्टीमेटम दिया है कि यदि जल्द ही मुख्य आरोपियों की गिरफ्तारी नहीं हुई, तो वे 3 मार्च को बड़ी संख्या में देहरादून कूच करेंगे। इससे राजधानी की कानून-व्यवस्था के सामने बड़ी चुनौती खड़ी हो सकती है।
- पुलिस की अगली रणनीति: एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि आरोपियों के खिलाफ जल्द ही कोर्ट से गैर जमानती वारंट (NBW) हासिल किए जाएंगे। इसके बाद कुर्की की कार्रवाई भी अमल में लाई जा सकती है। पुलिस इस मामले को 'फास्ट ट्रैक' मोड में सुलझाने की कोशिश कर रही है।
सुलगता आक्रोश और न्याय की मांग
प्रेमनगर का यह छात्र गुटबाजी का मामला अब एक बड़े आंदोलन का रूप लेता दिख रहा है। पुलिस के लिए चुनौती केवल फरार आरोपियों को पकड़ना ही नहीं, बल्कि मुजफ्फरनगर से आने वाले भारी जनसमूह के आक्रोश को शांत करना भी है। आने वाले 48 घंटे इस मामले की दिशा तय करने में महत्वपूर्ण साबित होंगे।
