देहरादून में रसोई गैस का संकट हुआ खत्म: जिला प्रशासन की 3-चरणीय रणनीति लाई रंग; 100% होम डिलीवरी और पारदर्शी बुकिंग से उपभोक्ताओं को बड़ी राहत


Aapki Media AI


देहरादून, 19 मार्च 2026: राजधानी देहरादून में पिछले कुछ समय से रसोई गैस की किल्लत और वितरण में हो रही असुविधा अब बीते दिनों की बात होने जा रही है। जिला प्रशासन और पूर्ति विभाग की 'बहुस्तरीय रणनीति' के चलते जिले की गैस आपूर्ति व्यवस्था पूरी तरह पटरी पर लौट आई है। जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल के अनुसार, तीन चरणों में लागू की गई इस योजना के सकारात्मक परिणाम धरातल पर दिखने लगे हैं।


तीन चरणों में सुधार का 'ब्लूप्रिंट'

प्रशासन ने उपभोक्ताओं की सुविधा के लिए व्यवस्था को तीन मुख्य हिस्सों में विभाजित किया है:

चरणमुख्य फोकसपरिणाम / प्रभाव
प्रथम चरणबुकिंग प्रक्रिया का सरलीकरणऐप, ऑनलाइन पोर्टल और कॉल के जरिए आसानी से बुकिंग। अब तक 95,000+ बुकिंग दर्ज।
द्वितीय चरण100% होम डिलीवरीउपभोक्ताओं को एजेंसी के चक्कर काटने से मुक्ति। बुजुर्गों और कामकाजी लोगों को बड़ी राहत।
तृतीय चरणउपलब्धता सुनिश्चित करनासिलेंडरों का स्टॉक बढ़ाया गया ताकि मांग और आपूर्ति में अंतर न रहे।

दुरुपयोग रोकने के लिए QRT की पैनी नजर

घरेलू गैस की कालाबाजारी और व्यावसायिक प्रतिष्ठानों में इसके अवैध उपयोग को रोकने के लिए जिलाधिकारी के निर्देश पर कड़े कदम उठाए गए हैं।

  • छापेमारी: उपजिलाधिकारी (SDM) और क्षेत्राधिकारी (CO) के नेतृत्व में क्विक रिस्पांस टीमें (QRT) गठित की गई हैं।
  • निगरानी: ये टीमें होटलों, ढाबों और रिज़ॉर्ट्स में नियमित रूप से चेकिंग कर रही हैं ताकि घरेलू सिलेंडरों का व्यावसायिक उपयोग न हो सके।

व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के लिए अलग व्यवस्था

सरकार द्वारा होटलों और ढाबों के लिए कमर्शियल गैस की आपूर्ति को सुचारू करने से दोहरा लाभ हुआ है। इससे न केवल व्यापारियों को अपना काम करने में आसानी हो रही है, बल्कि घरेलू गैस पर पड़ने वाला अतिरिक्त दबाव भी कम हुआ है, जिससे आम जनता को समय पर सिलेंडर मिल पा रहे हैं।

"उपभोक्ताओं को अब नहीं होगी असुविधा": के.के. अग्रवाल

जिला पूर्ति अधिकारी के.के. अग्रवाल ने बाइट देते हुए स्पष्ट किया कि:

"हमारी प्राथमिकता उपभोक्ताओं को बिना किसी बाधा के गैस उपलब्ध कराना है। बुकिंग से लेकर डिलीवरी तक की पूरी चैन को डिजिटल और पारदर्शी बनाया गया है। वर्तमान में स्थिति पूरी तरह सामान्य है और प्रशासन किसी भी प्रकार की अनियमितता को बर्दाश्त नहीं करेगा।"

सुशासन का असर

देहरादून प्रशासन की इस पहल ने यह साबित कर दिया है कि सही नियोजन और सख्त निगरानी से सार्वजनिक सेवाओं में बड़ा सुधार लाया जा सकता है। 95 हजार से अधिक सफल बुकिंग इस बात का प्रमाण हैं कि जनता का भरोसा व्यवस्था पर वापस लौट रहा है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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