देहरादून, 14 मार्च 2026: उत्तराखंड की राजधानी देहरादून का पटेल नगर इलाका एक दिल दहला देने वाली घटना से दहल उठा है। यहाँ एक 14 वर्षीय नाबालिग किशोरी के साथ तीन नाबालिग युवकों द्वारा सामूहिक बलात्कार का सनसनीखेज मामला सामने आया है। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए तीनों आरोपियों को हिरासत में ले लिया है।
वारदात का घटनाक्रम: झांसा देकर जंगल ले गए आरोपी
पीड़िता की मां द्वारा दर्ज कराई गई शिकायत के अनुसार, यह घटना गुरुवार शाम करीब 7 बजे की है।
- बुलावा: किशोरी जब कपड़े धोने के लिए घर से निकली, तब एक परिचित नाबालिग ने उसे फोन कर हरिद्वार बाईपास स्थित एक स्कूल के पास बुलाया।
- साजिश: वहाँ पहले से ही दो अन्य नाबालिग साथी मौजूद थे। तीनों ने किशोरी को बहला-फुसलाकर पास के एक सुनसान जंगल में ले जाने में कामयाबी हासिल की।
- नशीला पदार्थ: आरोपियों ने किशोरी को कोल्ड ड्रिंक में नशीला पदार्थ मिलाकर पिला दिया। बेहोश होने के बाद तीनों ने उसके साथ क्रूरतापूर्वक सामूहिक बलात्कार किया।
ई-रिक्शा चालक ने घर छोड़ा, सहेली ने संभाला
शुक्रवार सुबह एक ई-रिक्शा चालक ने पीड़िता को बेहोशी की हालत में उसके घर के बाहर छोड़ा। पड़ोस में रहने वाली एक सहेली की मदद से उसे घर के भीतर ले जाया गया। होश आने पर जब किशोरी ने अपनी आपबीती सुनाई, तो परिजनों के पैरों तले जमीन खिसक गई। परिजन तुरंत शिकायत लेकर कोतवाली पटेल नगर पहुँचे।
मामले की कानूनी स्थिति और कार्रवाई
| विवरण | जानकारी |
| पीड़िता की उम्र | 14 वर्ष |
| आरोपियों की स्थिति | तीनों नाबालिग (Juveniles) |
| दर्ज मामला | भारतीय न्याय संहिता (BNS) के तहत सामूहिक बलात्कार |
| वर्तमान स्थिति | आरोपी पुलिस हिरासत में, बाल न्याय बोर्ड में पेशी की तैयारी |
| थाना क्षेत्र | पटेल नगर, देहरादून |
बजरंग दल का प्रदर्शन और पुलिस का आश्वासन
घटना की सूचना मिलते ही बजरंग दल के कार्यकर्ता बड़ी संख्या में कोतवाली पटेल नगर पहुँचे और पुलिस प्रशासन के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। प्रदर्शनकारियों ने आरोपियों के खिलाफ सख्त से सख्त कार्रवाई की मांग को लेकर हंगामा किया। कोतवाली प्रभारी चंद्रभान अधिकारी द्वारा तत्काल गिरफ्तारी और निष्पक्ष जांच के आश्वासन के बाद ही प्रदर्शन समाप्त हुआ।
नाबालिग आरोपियों के लिए क्या है कानून?
कोतवाली प्रभारी ने स्पष्ट किया कि चूंकि तीनों आरोपी नाबालिग हैं, इसलिए उन पर 'बाल न्याय अधिनियम' (Juvenile Justice Act) के तहत कार्रवाई की जा रही है।
- उन्हें हिरासत में लेकर बाल न्याय बोर्ड के समक्ष पेश किया जाएगा।
- बोर्ड के आदेशानुसार उन्हें बाल सुधार गृह भेजा जाएगा।
- पुलिस इस बात की भी जांच कर रही है कि क्या नशीला पदार्थ किसी सोची-समझी साजिश का हिस्सा था।
समाज और सुरक्षा पर सवाल
राजधानी के बीचों-बीच हुई इस वारदात ने महिलाओं और बच्चों की सुरक्षा के दावों की पोल खोल दी है। सरेआम एक किशोरी को झांसा देकर नशीला पदार्थ पिलाना और फिर वारदात को अंजाम देना, अपराधियों में कानून के खौफ की कमी को दर्शाता है। स्थानीय निवासियों ने क्षेत्र में पुलिस गश्त बढ़ाने और सुनसान इलाकों में रोशनी की व्यवस्था दुरुस्त करने की मांग की है।
