देहरादून: राजधानी के बिंदाल क्षेत्र (गांधी नगर) में एक घर की आड़ में चल रहे अनैतिक देह व्यापार के धंधे का दून पुलिस ने पर्दाफाश किया है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून को मिली गोपनीय सूचना के बाद पुलिस की एन्टी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट (AHTU) और कैंट पुलिस की संयुक्त टीम ने देर रात छापेमारी कर इस रैकेट का भंडाफोड़ किया। पुलिस ने मौके से मुख्य संचालिका सहित 3 अभियुक्तों को गिरफ्तार किया है, जबकि 3 मजबूर महिलाओं को सुरक्षित रेस्क्यू किया गया है।
कार्रवाई का विवरण: एक नज़र में
| विवरण | जानकारी |
| स्थान | रघुनाथ मंदिर के पास, गांधी नगर (बिंदाल क्षेत्र), देहरादून |
| मुख्य अभियुक्त | रानी देवी (मकान मालकिन), आशीष कुमार पाण्डे, फुलो खान |
| कार्रवाई टीम | AHTU देहरादून एवं थाना कैंट पुलिस |
| बरामदगी | 04 मोबाइल फोन और अन्य आपत्तिजनक सामग्री |
| पंजीकृत मुकदमा | मु.अ.सं. 48/26 (अनैतिक व्यापार निवारण अधिनियम) |
व्हाट्सएप के जरिए 'रेट' और 'फोटो' का खेल
पूछताछ में सामने आया है कि इस गिरोह का संचालन बेहद शातिर तरीके से किया जा रहा था। मुख्य अभियुक्ता रानी देवी अपने साथी आशिष कुमार पाण्डे (निवासी जयपुर, राजस्थान) के साथ मिलकर इस धंधे को चला रही थी।
कैसे चलता था नेटवर्क:
- डिजिटल डीलिंग: रानी देवी व्हाट्सएप के माध्यम से ग्राहकों को पीड़िताओं की फोटो भेजती थी।
- रेट और स्थान: फोन पर ही ग्राहकों के साथ रेट तय किए जाते थे और मिलने का स्थान निर्धारित होता था।
- लॉजिस्टिक्स: अभियुक्त आशीष कुमार पाण्डे लड़कियों को ग्राहकों तक पहुँचाने और डील को फाइनल करने का काम करता था, जिसके बदले उसे भारी कमीशन मिलता था।
मजबूरी का फायदा उठाकर बनाया शिकार
पुलिस द्वारा रेस्क्यू की गई 3 महिलाओं के मामले में बेहद चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। मुख्य अभियुक्ता रानी देवी ने इन महिलाओं को 'काम दिलाने' के बहाने बाहरी राज्यों से देहरादून बुलाया था। जब ये महिलाएं यहाँ पहुँचीं, तो उनकी आर्थिक मजबूरी का फायदा उठाकर उन्हें जबरन अनैतिक देह व्यापार के दलदल में धकेल दिया गया।
एसएसपी देहरादून की 'गोपनीय' स्ट्राइक
एसएसपी देहरादून को पिछले कुछ समय से बिंदाल क्षेत्र के इस मकान में संदिग्ध गतिविधियों की सूचना मिल रही थी। एसएसपी के निर्देश पर क्षेत्राधिकारी मसूरी जगदीश पंत के नेतृत्व में एक विशेष टीम गठित की गई।
टीम ने गांधी नगर स्थित घर पर जब औचक छापेमारी की, तो अंदर 3 महिलाएं और 2 पुरुष आपत्तिजनक स्थिति में पाए गए। पुलिस ने त्वरित कार्रवाई करते हुए घेराबंदी की और सभी आरोपियों को दबोच लिया।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण
- रानी देवी (42 वर्ष): पत्नी दीपक कुमार, निवासी गांधीनगर, देहरादून (मुख्य संचालिका)।
- आशीष कुमार पाण्डे: निवासी वैशाली नगर, जयपुर, राजस्थान (मैनेजर/सप्लायर)।
- फुलो खान: निवासी शास्त्री नगर खाला, कैंट, देहरादून (सहयोगी)।
पुलिस टीम की सराहना
इस सफल ऑपरेशन को अंजाम देने वाली टीम में क्षेत्राधिकारी जगदीश पंत, प्रभारी निरीक्षक प्रदीप पंत (AHTU), और चौकी प्रभारी बिन्दाल विनयता चौहान सहित अन्य पुलिसकर्मी शामिल रहे। पुलिस ने अभियुक्तों के पास से 4 मोबाइल फोन जब्त किए हैं, जिनमें मौजूद चैट और डेटा से कई बड़े ग्राहकों के नाम सामने आने की उम्मीद है।
देहरादून पुलिस द्वारा हाल के दिनों में सत्यापन अभियान (ऑपरेशन क्रैकडाउन) और ऐसी आकस्मिक छापेमारी से अपराधियों में खौफ है। पुलिस ने स्पष्ट किया है कि रिहायशी इलाकों में किसी भी प्रकार की अनैतिक गतिविधि को बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।
