लोकतंत्र के मंदिर पहुंचे 'कल के भविष्य': विधानसभा अध्यक्ष की पहल पर अनाथ बच्चों ने देखी सदन की कार्यवाही; ऋतु खण्डूडी ने बढ़ाया उत्साह

भराड़ीसैंण (गैरसैंण): उत्तराखंड की ग्रीष्मकालीन राजधानी गैरसैंण स्थित विधानसभा भवन में चल रहे बजट सत्र के दौरान एक बेहद भावुक और प्रेरणादायक दृश्य देखने को मिला। विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण की विशेष पहल पर क्षेत्र के अनाथ और जरूरतमंद बच्चों को लोकतंत्र की सर्वोच्च संस्था की कार्यप्रणाली को करीब से देखने का अवसर मिला।


सदन की कार्यवाही देख रोमांचित हुए बच्चे

बजट सत्र के तीसरे दिन सुबेर सोसाइटी, गैरसैंण के 9 बच्चों ने विधानसभा की दर्शक दीर्घा में बैठकर सदन की कार्यवाही को देखा। बच्चों के लिए यह पहला मौका था जब उन्होंने अपने सामने जनहित के मुद्दों पर चर्चा होते और प्रदेश के विकास से जुड़े फैसले लेते हुए जनप्रतिनिधियों को देखा। इस अनुभव से बच्चे न केवल रोमांचित नजर आए, बल्कि उन्होंने विधायी प्रक्रियाओं के बारे में कई नई जानकारियां भी हासिल कीं।

सुबेर सोसाइटी के प्रयासों की सराहना

विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने इस दौरान सुबेर सोसाइटी के कार्यों की जमकर सराहना की। उन्होंने बताया:

  • ढाई साल का संघर्ष: यह संस्था पिछले ढाई वर्षों से अनाथ और जरूरतमंद बच्चों की शिक्षा, दीक्षा और देखभाल का जिम्मा संभाल रही है।
  • दस्तावेज और सरकारी लाभ: सोसाइटी बच्चों के आधार कार्ड और अन्य जरूरी दस्तावेज बनाने में मदद करती है ताकि उन्हें 'वात्सल्य योजना' जैसी सरकारी योजनाओं का लाभ मिल सके।
  • आर्थिक सहायता: वर्तमान में इन बच्चों के खातों में वात्सल्य योजना के तहत हर महीने ₹4000 की सहायता राशि भी प्रदान की जा रही है।

विधानसभा भ्रमण: मुख्य बिंदु

विवरणजानकारी
पहलकर्ताऋतु खण्डूडी भूषण (विधानसभा अध्यक्ष)
लाभार्थीसुबेर सोसाइटी गैरसैंण के 9 अनाथ/जरूरतमंद बच्चे
उद्देश्यबच्चों को लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं और सदन की कार्यप्रणाली से परिचित कराना
योजना का लाभवात्सल्य योजना (₹4000 प्रतिमाह)
विशेष अतिथिएडवोकेट नवीन प्रकाश (अध्यक्ष, सुबेर सोसाइटी)

"बच्चों को प्रेरणा देना हमारा लक्ष्य": ऋतु खण्डूडी

मीडिया से बातचीत करते हुए विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि इन बच्चों को सदन में बुलाने का उद्देश्य उन्हें यह अहसास कराना है कि वे समाज का एक महत्वपूर्ण हिस्सा हैं। उन्होंने कहा:

"यह बच्चे हमारे प्रदेश का भविष्य हैं। सदन की कार्यवाही देखकर उनमें आत्मविश्वास बढ़ेगा और वे भविष्य में एक जागरूक नागरिक के रूप में उभरेंगे। लोकतांत्रिक प्रक्रियाओं को समझना हर बच्चे के लिए जरूरी है।"

संस्था ने जताया आभार

सुबेर सोसाइटी के अध्यक्ष एडवोकेट नवीन प्रकाश ने विधानसभा अध्यक्ष का आभार व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे बच्चों के लिए विधानसभा की कार्यवाही देखना किसी सपने के सच होने जैसा है। उन्होंने कहा कि इस तरह के अवसर बच्चों को जीवन में कुछ बड़ा करने और देश की सेवा के लिए प्रेरित करते हैं।

 संवेदना और सत्ता का मिलन

अक्सर विधानसभा सत्रों को सत्ता-विपक्ष के बीच तीखी नोकझोंक के लिए जाना जाता है, लेकिन भराड़ीसैंण से आई यह खबर बताती है कि संवेदनाएं अभी भी राजनीति का एक अभिन्न अंग हैं। अनाथ बच्चों के लिए विधानसभा के दरवाजे खोलकर ऋतु खण्डूडी भूषण ने समाज को एक सकारात्मक संदेश दिया है।

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