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भराड़ीसैंण (गैरसैंण): उत्तराखंड विधानसभा का पांच दिवसीय बजट सत्र बीती रात एक ऐतिहासिक और लंबी बहस के बाद अनिश्चितकाल के लिए स्थगित कर दिया गया। सत्र के अंतिम दिन विभागीय चर्चाओं के उपरांत वित्तीय वर्ष 2026-27 के बजट को सदन ने सर्वसम्मति से पारित कर दिया। विशेष बात यह रही कि सत्र के आखिरी दिन सदन की कार्यवाही देर रात साढ़े 12 बजे तक चली, जिसमें विपक्ष के सवालों और सरकार के उत्तरों के बीच विकास का खाका खींचा गया।
विधानसभा अध्यक्ष ने प्रस्तुत किया सत्र का 'रिपोर्ट कार्ड'
सत्र के समापन के अवसर पर विधानसभा अध्यक्ष ऋतु खण्डूडी भूषण ने सदन की कार्यवाही का ब्योरा साझा किया। उन्होंने बताया कि यह सत्र विधायी कार्यों के लिहाज से अत्यंत सफल रहा। सदन ने न केवल बजट को मंजूरी दी, बल्कि कई महत्वपूर्ण कानूनों को भी हरी झंडी दिखाई।
बजट सत्र 2026: मुख्य सांख्यिकी और उपलब्धियां
| विवरण | सांख्यिकी / डेटा |
| सत्र की अवधि | 9 मार्च से 13 मार्च 2026 (5 दिन) |
| कुल कार्य समय | 41 घंटे 10 मिनट |
| पारित विधेयक | 12 (विधायी कार्य) |
| प्रस्तुत अध्यादेश | 04 |
| सरकारी संकल्प | 05 |
| अंतिम दिन की कार्यवाही | देर रात 12:30 बजे तक |
| बजट वर्ष | वित्तीय वर्ष 2026-27 |
विधायी कार्यों की रही धूम: 12 विधेयक और 4 अध्यादेश पारित
इस सत्र के दौरान धामी सरकार ने विकास और सुशासन से जुड़े कई महत्वपूर्ण कदम उठाए। विधानसभा अध्यक्ष के अनुसार:
- महत्वपूर्ण विधेयक: सत्र के दौरान कुल 12 विधेयक सदन के पटल पर रखे गए और चर्चा के बाद उन्हें पारित किया गया। इनमें शिक्षा, स्वास्थ्य और अवस्थापना विकास से जुड़े महत्वपूर्ण संशोधन शामिल हैं।
- अध्यादेश: सरकार ने 4 अध्यादेश भी सदन में प्रस्तुत किए, जिन्हें विधिवत पारित कर कानून का रूप दिया गया।
- जनहित के मुद्दे: प्रश्नकाल और शून्यकाल के दौरान सदस्यों ने सड़कों, पेयजल, जंगली जानवरों के आतंक और पलायन जैसे गंभीर मुद्दों पर सरकार का ध्यान आकर्षित किया।
रातभर गूंजी लोकतंत्र की आवाज
भराड़ीसैंण की कड़ाके की ठंड के बीच लोकतंत्र की गर्माहट सदन के भीतर महसूस की गई। बजट पर सामान्य चर्चा और फिर विभागों के अनुदान मांगों पर विस्तृत चर्चा के कारण कार्यवाही आधी रात के बाद तक जारी रही। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने बजट को 'विकसित उत्तराखंड' की आधारशिला बताया, वहीं विपक्ष ने कुछ मुद्दों पर असहमति जताते हुए रचनात्मक सुझाव भी दिए।
गैरसैंण से विकास का नया संकल्प
9 मार्च को राज्यपाल के अभिभाषण के साथ शुरू हुआ यह सत्र कई मायनों में यादगार रहा। गैरसैंण की जनभावनाओं के अनुरूप बजट का पारित होना और रिकॉर्ड समय (41 घंटे से अधिक) तक सदन का चलना यह दर्शाता है कि राज्य सरकार ग्रीष्मकालीन राजधानी को लेकर गंभीर है। अब इस बजट के प्रावधानों को धरातल पर उतारना शासन और प्रशासन के लिए अगली बड़ी चुनौती होगी।
