हरिद्वार में फर्जी जन्म प्रमाण पत्र का बड़ा खेल: अस्पताल बनने से पहले ही करा लिया जन्म दर्ज; DM मयूर दीक्षित के निर्देश पर दंपति पर FIR के आदेश

हरिद्वार, 14 मार्च 2026: धर्मनगरी हरिद्वार में धोखाधड़ी और कूटरचना के माध्यम से फर्जी जन्म प्रमाण पत्र जारी कराने का एक सनसनीखेज मामला सामने आया है। जिलाधिकारी मयूर दीक्षित की 'जीरो टॉलरेंस' नीति के तहत जिला पंचायत राज अधिकारी (DPRO) ने बहादराबाद विकास खंड के इस मामले में संलिप्त दंपति के खिलाफ धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र सहित कठोर धाराओं में प्राथमिकी दर्ज कराने के निर्देश दिए हैं।

क्या है पूरा मामला?

ज्वालापुर के पावधोई राम रहीम कॉलोनी निवासी उस्मान और उनकी पत्नी शाहीन ने अपनी पुत्री अक्षा के लिए ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र बनवाने हेतु आवेदन किया था। उन्होंने दावा किया कि उनकी पुत्री का जन्म 01 मार्च 2008 को बहादराबाद स्थित जया मैक्सवेल हॉस्पिटल में हुआ था। आधार कार्ड अपडेट कराने के बहाने उन्होंने पुराने (हस्तलिखित) प्रमाण पत्र की छायाप्रति दिखाकर इसे CRS पोर्टल पर ऑनलाइन करवा लिया।

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अस्पताल की जांच में खुला राज

जब विभाग ने मामले की गहराई से जांच की और जया मैक्सवेल हॉस्पिटल जाकर रिकॉर्ड खंगाला, तो चौकाने वाला तथ्य सामने आया। जांच में पाया गया कि वर्ष 2008 में वह अस्पताल अस्तित्व में ही नहीं था। अस्पताल का निर्माण ही उसके बाद हुआ था। इससे यह स्पष्ट हो गया कि दंपति ने जाली दस्तावेजों के आधार पर सरकारी तंत्र को गुमराह किया।

प्रशासनिक कार्रवाई का विवरण: एक नजर में

विवरणजानकारी
आरोपीशाहीन (पत्नी) एवं उस्मान (पति), निवासी ज्वालापुर
मुख्य आरोपजाली दस्तावेज तैयार करना, धोखाधड़ी, आपराधिक षडयंत्र
रद्द पंजीकरणपंजीकरण संख्या 174 (दिनांक 18.02.2026)
संबंधित विभागजिला पंचायत राज विभाग, हरिद्वार
क्षेत्रविकास खंड बहादराबाद

कठोर धाराओं में FIR के निर्देश

जिला पंचायत राज अधिकारी अतुल प्रताप सिंह ने ग्राम पंचायत विकास अधिकारी को निर्देशित किया है कि इस षडयंत्र में शामिल उस्मान और शाहीन के विरुद्ध निम्नलिखित धाराओं में तत्काल FIR दर्ज कराई जाए:

  • धोखाधड़ी और आपराधिक षडयंत्र।
  • कूटरचना (Forgery) कर सरकारी अभिलेख तैयार करना।
  • फर्जी साक्ष्य प्रस्तुत करना।
  • सरकारी कार्यों में बाधा डालना।

नगर निगम और नगर पालिका को भी अलर्ट

प्रशासन को आशंका है कि इन षडयंत्रकारियों ने नगर पालिका शिवालिक नगर और नगर निगम हरिद्वार में भी इसी तरह के झूठे आवेदन किए हो सकते हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी ने निर्देश दिया है कि दिनांक 18.02.2026 को जारी ऑनलाइन जन्म प्रमाण पत्र को तत्काल निरस्त किया जाए और इसकी सूचना संबंधितों को पंजीकृत डाक से भेजी जाए।

जिलाधिकारी का सख्त रुख

जिलाधिकारी मयूर दीक्षित ने पहले ही सभी उपजिलाधिकारियों (SDMs) को निर्देश दिए हैं कि जनपद में किसी भी स्तर पर फर्जी प्रमाण पत्र जारी न हो सकें। उन्होंने स्पष्ट किया कि सरकारी दस्तावेजों के साथ छेड़छाड़ करने वालों को किसी भी सूरत में बख्शा नहीं जाएगा।

हरिद्वार प्रशासन की इस सक्रियता ने उन गिरोहों और व्यक्तियों को कड़ा संदेश दिया है जो जाली दस्तावेजों के सहारे आधार कार्ड या अन्य सरकारी पहचान पत्र अपडेट कराने की कोशिश करते हैं।

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