हरिद्वार, 10 मार्च 2026: उत्तराखंड पुलिस द्वारा हरिद्वार के बैरागी कैंप में आयोजित “न्याय संहिता” राज्यस्तरीय प्रदर्शनी जन-जागरूकता का एक विशाल केंद्र बन गई है। 7 मार्च से शुरू हुई इस प्रदर्शनी के चौथे दिन आज रिकॉर्ड संख्या में लोगों ने शिरकत की। प्रदर्शनी का मुख्य उद्देश्य नए कानूनों, नागरिक अधिकारों और पुलिस के तकनीकी नवाचारों को जनता के बीच सरल और रोचक तरीके से पहुँचाना है।
सुरक्षा बलों और छात्रों की सक्रिय भागीदारी
प्रदर्शनी के चौथे दिन आज केंद्रीय जांच एजेंसियों और अर्धसैनिक बलों के अधिकारियों ने विशेष रुचि दिखाई। ITBP, BSF, NCB और NIA जैसी प्रमुख एजेंसियों के अधिकारियों ने न्याय संहिता के नए प्रावधानों को समझा। इसके साथ ही, पीटीसी नरेंद्रनगर, एटीसी हरिद्वार और SDRF के युवा 'आपदा मित्रों' ने भी कानून और आपदा प्रबंधन के समन्वय की जानकारी ली।
आंकड़ों में प्रदर्शनी की सफलता (अब तक)
| मुख्य विवरण | सांख्यिकी / जानकारी |
| कुल आगंतुक (4 दिन में) | 8,000 से अधिक |
| चौथे दिन की उपस्थिति | लगभग 3,500 लोग |
| प्रमुख सहभागी संस्थान | ITBP, BSF, NCB, NIA, शांतिकुंज, PMS स्कूल |
| आयोजन स्थल | बैरागी कैंप, हरिद्वार |
| विशेष आकर्षण | नुक्कड़ नाटक, तकनीकी नवाचार, Zero-FIR जानकारी |
| अंतिम तिथि | 11 मार्च 2026 |
नुक्कड़ नाटकों के जरिए 'Zero-FIR' और न्याय का संदेश
प्रदर्शनी में केवल सूचनात्मक बोर्ड ही नहीं, बल्कि मनोरंजन के साथ शिक्षा का अनूठा संगम देखने को मिल रहा है। पुलिस मुख्यालय के मीडिया सेल के अनुसार, प्रदर्शनी के दौरान निरंतर नुक्कड़ नाटकों का मंचन किया जा रहा है। इन नाटकों के माध्यम से:
- पीड़ित-केंद्रित न्याय: कैसे पीड़ित को त्वरित सहायता मिले।
- Zero-FIR: किसी भी थाने में अपराध की सूचना दर्ज करने की सुविधा।
- इन प्रस्तुतियों को स्थानीय नागरिकों, विशेषकर छात्र-छात्राओं ने खूब सराहा। शांतिकुंज और हरिद्वार-देहरादून के विभिन्न स्कूलों से आए विद्यार्थियों के लिए यह कानून को समझने का एक व्यवहारिक अवसर साबित हुआ।
- पारदर्शी विवेचना: पुलिस जांच में तकनीक का उपयोग और पारदर्शिता।
11 मार्च को समापन: पुलिस की जनता से अपील (प्रमुख बिंदु)
उत्तराखंड पुलिस मुख्यालय ने राज्य की जनता से इस ज्ञानवर्धक आयोजन का हिस्सा बनने की पुनः अपील की है।
- प्रदर्शनी कल, 11 मार्च 2026 को अपने अंतिम दिन में प्रवेश करेगी।
- बैरागी कैंप में आम जनता के लिए प्रवेश निःशुल्क है और विशेषज्ञों की टीम हर स्टाल पर जानकारी देने के लिए उपलब्ध है।
- पुलिस का मानना है कि इस तरह के आयोजनों से समाज के हर वर्ग में कानून के प्रति सकारात्मक दृष्टिकोण विकसित हो रहा है।
- प्रदर्शनी में पुलिस द्वारा इस्तेमाल किए जा रहे आधुनिक ड्रोन, फॉरेंसिक टूल्स और डिजिटल विवेचना के उपकरणों का भी प्रदर्शन किया जा रहा है।
सुदृढ़ कानून व्यवस्था की ओर बढ़ता उत्तराखंड
'न्याय संहिता' प्रदर्शनी की सफलता यह दर्शाती है कि समाज में अपने अधिकारों और देश के बदलती न्याय व्यवस्था के प्रति गहरी जिज्ञासा है। हरिद्वार में उमड़ा यह जनसैलाब पुलिस और जनता के बीच के विश्वास को और मजबूत करने का काम कर रहा है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी और पुलिस महानिदेशक के विजन के अनुरूप, यह आयोजन 'सशक्त और जागरूक उत्तराखंड' की दिशा में एक बड़ा कदम है।
