गंगोत्री धाम में चारधाम यात्रा की तैयारी तेज: डीएम प्रशांत आर्य ने लिया व्यवस्थाओं का जायजा; बीआरओ और नगर पंचायत को अल्टीमेटम

उत्तरकाशी, 10 मार्च 2026: चारधाम यात्रा 2026 के औपचारिक आगाज से पहले उत्तरकाशी प्रशासन पूरी तरह मुस्तैद नजर आ रहा है। मंगलवार को जिलाधिकारी (डीएम) प्रशांत आर्य ने गंगोत्री धाम पहुंचकर यात्रा व्यवस्थाओं का स्थलीय निरीक्षण किया। उन्होंने अधिकारियों को दो टूक निर्देश दिए कि श्रद्धालुओं के पहुंचने से पहले सभी मूलभूत सुविधाएं, सड़क सुरक्षा और स्वच्छता के कार्य पूर्ण कर लिए जाएं।

भूस्खलन जोन और पार्किंग की विशेष समीक्षा

जिलाधिकारी ने निरीक्षण से पूर्व मंदिर समिति के पदाधिकारियों और संबंधित विभागों के अधिकारियों के साथ एक महत्वपूर्ण बैठक की। इस बैठक में गंगोत्री राष्ट्रीय राजमार्ग पर चिन्हित भूस्खलन (Landslide) जोन और संवेदनशील स्थानों पर विशेष चर्चा की गई। डीएम ने निर्देश दिए कि यात्रा के दौरान यातायात सुचारू रखने के लिए प्रमुख पड़ावों पर पार्किंग स्थलों का प्रबंधन बेहतर किया जाए।

नदियों की स्वच्छता और सीवरेज पर कड़ा रुख

गंगोत्री धाम की पवित्रता बनाए रखने के लिए जिलाधिकारी ने सीवरेज प्लांट की कार्यप्रणाली पर विशेष ध्यान दिया। उन्होंने निर्देश दिए कि किचन और बाथरूम का गंदा पानी सीवरेज प्लांट में समाहित न हो, इसके लिए नगर पंचायत और जल संस्थान संयुक्त चेकिंग अभियान चलाएं। साथ ही स्नान घाटों के सौंदर्यीकरण और निर्माणाधीन कार्यों में तेजी लाने के निर्देश दिए।

चारधाम यात्रा 2026: डीएम के प्रमुख निर्देश एक नजर में

विभाग/विषयमुख्य निर्देश और प्राथमिकतालक्षित परिणाम
बीआरओ (BRO)धराली में धूल रोकने के लिए छिड़काव और समय पर डामरीकरण।धूल मुक्त और सुगम सड़क मार्ग।
नगर पंचायतनिर्माणाधीन कार्यों में तेजी और स्वच्छता अभियान।धाम में उच्च स्तरीय साफ-सफाई।
उरेडा (UREDA)मंदिर परिसर में सोलर प्लांट स्थापित करने का प्रस्ताव।24x7 प्रकाश और हरित ऊर्जा का उपयोग।
रीप (REAP)आपदा प्रभावितों के लिए यात्रा मार्ग पर क्योस्क स्थापना।स्थानीय आजीविका को बढ़ावा।
एसडीएम (SDM)लंबित प्रतिकर (मुआवजा) मामलों का एक सप्ताह में निस्तारण।आपदा प्रभावितों को त्वरित न्याय।

धराली में आपदा प्रभावितों से मुलाकात

निरीक्षण के दौरान जिलाधिकारी ने धराली गांव पहुंचकर आपदा प्रभावित परिवारों की समस्याएं सुनीं। ग्रामीणों ने धूल की समस्या और लंबित मुआवजे के मामले उनके सामने रखे। डीएम ने बीआरओ को सड़क पर नियमित पानी छिड़कने और एसडीएम शालिनी नेगी को एक सप्ताह के भीतर मुआवजे के लंबित मामलों का निस्तारण करने के सख्त आदेश दिए।

"सुरक्षित और सुगम यात्रा हमारी प्राथमिकता": डीएम प्रशांत आर्य

जिलाधिकारी ने मीडिया से बात करते हुए कहा कि प्रशासन का मुख्य उद्देश्य श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुव्यवस्थित वातावरण प्रदान करना है। उन्होंने बताया कि यात्रा मार्ग के प्रमुख पड़ावों पर स्वास्थ्य सेवाओं, पेयजल, शौचालय और ठहरने की व्यवस्थाओं की विस्तार से समीक्षा की गई है। आपदा प्रबंधन विभाग को किसी भी आपात स्थिति से निपटने के लिए हाई अलर्ट पर रहने को कहा गया है।

निरीक्षण दल में शामिल प्रमुख अधिकारी (बुलेट पॉइंट्स)

  • एसडीएम शालिनी नेगी और सीओ जनक पंवार।
  • अधिशासी अभियंता मनोज गुसाईं और सचिन सिंघल।
  • उरेडा परियोजना प्रबंधक मयंक नोटियाल।
  • रीप परियोजना प्रबंधक कपिल उपाध्याय।
  • बीडीओ डॉ. अमित महंगाई और जिला आपदा प्रबंधन अधिकारी शार्दूल गुसाईं।

प्रशासन का 'मिशन मोड'

गंगोत्री धाम में जिलाधिकारी का यह दौरा यह स्पष्ट करता है कि उत्तराखंड सरकार चारधाम यात्रा को लेकर 'मिशन मोड' में काम कर रही है। सीमा सड़क संगठन (BRO) को यात्रा शुरू होने से पहले डामरीकरण पूर्ण करने का निर्देश देना यह सुनिश्चित करता है कि श्रद्धालुओं को उबड़-खाबड़ रास्तों से निजात मिलेगी।

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