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स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का 'नायक' अवतार: कतार में खड़े होकर जानी मरीजों की पीड़ा; दून अस्पताल में अचानक पहुँचे तो अफसरों के हाथ-पांव फूले!

देहरादून, 24 मार्च 2026: उत्तराखंड की सियासत और शासन में मंगलवार को एक 'फिल्मी' दृश्य देखने को मिला। कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल को स्वास्थ्य मंत्रालय की जिम्मेदारी मिले अभी 24 घंटे भी नहीं बीते थे कि वे पूरी तरह एक्शन मोड में नजर आए। दोपहर करीब डेढ़ बजे, बिना किसी तामझाम और सरकारी प्रोटोकॉल के, स्वास्थ्य मंत्री सीधे दून अस्पताल पहुँच गए और आम मरीजों के बीच कतार में खड़े हो गए।


दून अस्पताल निरीक्षण: मुख्य घटनाक्रम

समय/गतिविधिविवरण (Detailed Action)
प्रवेशबिना प्रोटोकॉल, सामान्य नागरिक की तरह प्रवेश
निरीक्षण स्थलटीकाकरण केंद्र, लैब रिपोर्टिंग सेंटर और ओपीडी
मुख्य मुद्दा 1फायर एनओसी (Fire NOC) में देरी पर नाराजगी
मुख्य मुद्दा 2ऑर्थो (Ortho) ऑपरेशन की लंबी वेटिंग लिस्ट
कड़ा निर्देशआईजी फायर सर्विस को फोन कर एनओसी प्रक्रिया तेज करने को कहा

1. जब कतार में खड़े मंत्री को पहचान लिया सुरक्षाकर्मियों ने

मंत्री सुबोध उनियाल ने अधिकारियों को भनक तक नहीं लगने दी और चुपचाप लैब रिपोर्टिंग सेंटर में जाकर मरीजों के साथ खड़े हो गए। वे व्यवस्थाओं को खुद महसूस करना चाहते थे। इससे पहले कि वे और गहराई से स्थिति समझते, सुरक्षाकर्मियों की नजर उन पर पड़ गई।

  • खलबली: सुरक्षाकर्मियों ने वॉकी-टॉकी पर जैसे ही सूचना प्रसारित की, पूरे अस्पताल प्रबंधन में हड़कंप मच गया।
  • अफरा-तफरी: प्राचार्य डॉ. गीता जैन अपनी ओपीडी छोड़कर आनन-फानन में मौके पर पहुँचीं। अधिकारियों को उम्मीद नहीं थी कि मंत्रालय बदलते ही मंत्री इतनी जल्दी 'ग्राउंड जीरो' पर होंगे।

2. फायर एनओसी पर बरसे मंत्री: आईजी को सीधे फोन

निरीक्षण के दौरान जब मंत्री को पता चला कि अस्पताल के पास फायर एनओसी नहीं है, तो उन्होंने कड़ी नाराजगी जताई। उन्होंने मौके से ही आईजी फायर सर्विस को फोन लगाया और निर्देश दिए कि जल्द से जल्द एनओसी की प्रक्रिया पूरी की जाए ताकि सुरक्षा मानकों में कोई कमी न रहे।

3. ऑर्थो विभाग में वेटिंग लिस्ट खत्म करने का अल्टीमेटम

मंत्री उनियाल ने कहा कि उनके पास ऑर्थो (हड्डी रोग विभाग) में ऑपरेशन की लंबी प्रतीक्षा सूची को लेकर शिकायतें आई थीं।

  • अधिकारियों का पक्ष: प्राचार्य डॉ. गीता जैन ने बताया कि 5 नए एनेस्थीसिया वर्क स्टेशन आ चुके हैं और उन्हें स्थापित किया जा रहा है।
  • मंत्री का निर्देश: मंत्री ने स्पष्ट किया कि जैसे ही स्टेशन स्थापित हों, ऑपरेशन के दिनों की संख्या बढ़ाई जाए ताकि मरीजों को महीनों इंतजार न करना पड़े।

4. पोस्टमार्टम हाउस और चिकित्सा सुधार पर निर्देश

स्वास्थ्य मंत्री ने अधिकारियों के साथ बैठक कर अस्पताल के निर्माण कार्यों की समीक्षा की। उन्होंने पोस्टमार्टम हाउस के लिए आवंटित जगह को मेडिकल कॉलेज को सौंपने के निर्देश दिए ताकि शैक्षणिक कार्यों में बाधा न आए।

मंत्री सुबोध उनियाल का संदेश:

"जब तक चिकित्सक और अधिकारी खुद को मरीज की जगह रखकर नहीं देखेंगे, तब तक बेहतर सेवा देना मुमकिन नहीं है। संवेदनशीलता ही स्वास्थ्य विभाग की पहली प्राथमिकता होनी चाहिए।"

5. धन सिंह रावत से सुबोध उनियाल तक: क्या बदलेगी स्वास्थ्य की सूरत?

एक दिन पूर्व ही धन सिंह रावत से स्वास्थ्य विभाग हटाकर सुबोध उनियाल को सौंपा गया है। उनियाल की पहचान एक 'सख्त प्रशासक' के रूप में रही है। कार्यभार संभालने के अगले ही दिन उनका यह औचक निरीक्षण संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों की व्यवस्थाओं में बड़े फेरबदल देखने को मिल सकते हैं।

जनता में जगी उम्मीद

सुबोध उनियाल का यह 'फिल्मी अंदाज' सोशल मीडिया पर भी चर्चा का विषय बना हुआ है। लोग इसे सुशासन की दिशा में एक सकारात्मक कदम मान रहे हैं। अब देखना यह होगा कि दून अस्पताल के इस निरीक्षण का असर प्रदेश के अन्य जिला अस्पतालों पर कितना पड़ता है।

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