राजभवन में गूँजा नारी शक्ति का सम्मान: रेखा आर्या बोलीं— 'घर की दहलीज से शुरू होगा असली महिला सशक्तिकरण', 2047 के विकसित भारत में उत्तराखंड की महिलाओं का होगा बड़ा योगदान

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर देहरादून स्थित राजभवन के लोक भवन में 'महिला कल्याण उत्कृष्ट सेवा सम्मान' एवं ‘मेरी पहचान–2026’ कार्यक्रम का आयोजन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह (सेनि.) और महिला सशक्तिकरण एवं बाल विकास मंत्री रेखा आर्या ने विभिन्न क्षेत्रों में उत्कृष्ट प्रदर्शन करने वाले अधिकारियों, कर्मचारियों और सरकारी योजनाओं के लाभार्थियों को सम्मानित किया।

घर की दहलीज से शुरू होगा असली महिला सशक्तिकरण

विकसित भारत @2047 की धुरी होंगी उत्तराखंड की महिलाएं: राज्यपाल

समारोह को संबोधित करते हुए राज्यपाल लेफ्टिनेंट जनरल गुरमीत सिंह ने कहा कि उत्तराखंड की महिलाओं ने पिछले एक दशक में जिस गति से प्रगति की है, वह अतुलनीय है। उन्होंने विश्वास जताया कि वर्ष 2047 तक 'विकसित भारत' के निर्माण के लक्ष्य में देवभूमि की मातृशक्ति का योगदान सबसे महत्वपूर्ण होगा। राज्यपाल ने महिलाओं की उद्यमशीलता और नेतृत्व क्षमता की जमकर सराहना की।

उत्तराखंड सरकार की प्रमुख महिला सशक्तिकरण पहलें

योजना/पहललाभ/विवरण
महिला आरक्षणसरकारी नौकरियों में महिलाओं को 30% क्षैतिज आरक्षण
अनाथ बच्चों हेतु आरक्षणसरकारी नौकरियों में अनाथ किशोर-किशोरियों को 5% आरक्षण
वात्सल्य योजनाकोविड काल में अनाथ हुए बच्चों को आर्थिक एवं शैक्षणिक सहायता।
नंदा गौरा योजनाबेटियों के जन्म और शिक्षा पर वित्तीय प्रोत्साहन।

"घर से शुरू होगा सशक्तिकरण": रेखा आर्या का प्रेरक संबोधन

कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने महिला सशक्तिकरण की परिभाषा को नए दृष्टिकोण से प्रस्तुत किया। उन्होंने कहा कि असली सशक्तिकरण की शुरुआत किसी सरकारी मंच से नहीं बल्कि घर की दहलीज से होती है।

  • बराबरी का स्थान: जब परिवार के भीतर महिलाओं को सम्मान और बराबरी का स्थान मिलेगा, तभी समाज में वास्तविक बदलाव आएगा।
  • अधिकारों की गूँज: मंत्री ने भावुक होते हुए कहा कि वास्तविक सशक्तिकरण उस दिन माना जाएगा जब महिलाओं को अपने अधिकारों के लिए अलग से आवाज उठाने की जरूरत नहीं पड़ेगी और महिला दिवस जैसे औपचारिक आयोजनों की आवश्यकता समाप्त हो जाएगी।

कार्यक्रम में मौजूद गणमान्य अतिथि

इस अवसर पर राज्य की प्रथम महिला गुरमीत कौर, राज्य महिला आयोग की अध्यक्ष कुसुम कंडवाल, बाल अधिकार संरक्षण आयोग की अध्यक्षा डॉ. गीता खन्ना, विभागीय सचिव चंद्रेश कुमार, राज्यपाल के सचिव रविनाथ रमन और निदेशक बंशीलाल राणा सहित शासन-प्रशासन के कई वरिष्ठ अधिकारी और प्रदेश भर से आई महिलाएं उपस्थित रहीं। कार्यक्रम के दौरान लाभार्थियों ने अपनी सफलता की कहानियाँ भी साझा कीं, जिन्होंने सभी को प्रेरित किया।

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