लखवाड़ परियोजना: उत्तराखंड की ऊर्जा क्रांति का 'पावर हाउस'; UJVN MD अजय कुमार सिंह का 'मिशन मोड' इंस्पेक्शन; जानें कब तक पूरा होगा राष्ट्र का यह सपना?


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देहरादून/लखवाड़, 24 मार्च 2026: उत्तराखंड की ऊर्जा सुरक्षा और जल संकट के समाधान के लिए सबसे महत्वपूर्ण मानी जाने वाली 300 मेगावाट की लखवाड़ बहुद्देशीय परियोजना (Lakhwar Multipurpose Project) अब अपने निर्णायक चरण में है। यूजेवीएन लिमिटेड (UJVN Ltd.) के नवनियुक्त प्रबंध निदेशक (MD) श्री अजय कुमार सिंह ने कार्यभार संभालते ही एक्शन मोड में आते हुए परियोजना का स्थलीय निरीक्षण किया। 

यह दौरा न केवल कार्यों की प्रगति जांचने के लिए था, बल्कि यह संदेश देने के लिए भी था कि इस 'नेशनल प्रोजेक्ट' में अब किसी भी प्रकार की देरी बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

लखवाड़ परियोजना: एक नज़र में (Quick Facts)

परियोजना की विशालता और इसके महत्व को समझने के लिए नीचे दी गई तालिका देखें:

पैरामीटर (Parameter)विवरण (Details)
कुल क्षमता (Total Capacity)300 मेगावाट (MW)
नदी (River)यमुना नदी (Yamuna River)
परियोजना का प्रकारबहुद्देशीय (विद्युत, सिंचाई, पेयजल)
लाभान्वित राज्यउत्तराखंड, हरियाणा, दिल्ली, यूपी, राजस्थान, हिमाचल
बांध की ऊंचाई204 मीटर (लगभग)
मुख्य एजेंसीयूजेवीएन लिमिटेड (UJVN Limited)
निरीक्षण नेतृत्वश्री अजय कुमार सिंह (MD, UJVN)

1. ग्राउंड ज़ीरो से रिपोर्ट: MD का 'इंटेंसिव' निरीक्षण

मैनेजिंग डायरेक्टर अजय कुमार सिंह ने परियोजना स्थल पर पहुँचकर केवल फाइलों पर नहीं, बल्कि धरातल पर ईंट-पत्थर और मशीनों की आवाज़ के बीच कार्यों का जायजा लिया। उन्होंने परियोजना के निम्नलिखित महत्वपूर्ण घटकों का सूक्ष्म निरीक्षण किया:

  • बांध निर्माण (Dam Structure): बांध की नींव और कंक्रीट फिलिंग की गुणवत्ता।
  • पावर हाउस (Power House): विद्युत उत्पादन के लिए बन रही संरचनाओं की तकनीकी बारीकियां।
  • सुरंग कार्य (Tunneling): जल निकासी और हेड रेस टनल (HRT) की प्रगति।
  • इंफ्रास्ट्रक्चर: कार्यस्थल पर श्रमिकों की सुरक्षा और मशीनों की उपलब्धता।

2. समय-सीमा पर 'सख्त' हिदायत: शिथिलता के लिए कोई जगह नहीं

निरीक्षण के दौरान एमडी अजय कुमार सिंह का तेवर सख्त नजर आया। उन्होंने स्पष्ट किया कि लखवाड़ परियोजना केवल उत्तराखंड के लिए नहीं, बल्कि पूरे उत्तर भारत के लिए जीवनदायिनी है।

"Quality और Safety के साथ कोई समझौता नहीं होगा, लेकिन Deadline को लेकर भी कोई बहाना नहीं चलेगा। हमें पर्याप्त मैनपावर और आधुनिक मशीनों का उपयोग कर काम की गति को दोगुना करना होगा।" > — अजय कुमार सिंह, प्रबंध निदेशक, UJVN Ltd.

3. लखवाड़ परियोजना का बहुआयामी महत्व (Multidimensional Benefits)

यह परियोजना केवल बिजली बनाने का कारखाना नहीं है, बल्कि यह एक Socio-Economic Engine है:

  • बिजली उत्पादन: 300 मेगावाट स्वच्छ ऊर्जा से उत्तराखंड 'ऊर्जा प्रदेश' के अपने लक्ष्य की ओर बढ़ेगा।
  • पेयजल आपूर्ति: दिल्ली और हरियाणा जैसे राज्यों को यमुना का पानी संकट के समय उपलब्ध हो सकेगा।
  • सिंचाई: पश्चिमी उत्तर प्रदेश और हरियाणा के लाखों हेक्टेयर खेतों को नया जीवन मिलेगा।
  • बाढ़ नियंत्रण: मानसून के दौरान यमुना के जलस्तर को नियंत्रित कर मैदानी इलाकों को तबाही से बचाया जा सकेगा।

4. PMO और CM कार्यालय की सीधी निगरानी (Top Priority Project)

लखवाड़ परियोजना माननीय प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'विजन' का हिस्सा है। 2026 में इसके कार्यों में तेजी आना इस बात का संकेत है कि सरकार इसे 2027-28 तक राष्ट्र को समर्पित करना चाहती है। एमडी ने अधिकारियों को याद दिलाया कि इसकी नियमित मॉनिटरिंग सीधे शासन स्तर से हो रही है।

📢 प्रबंध निदेशक (MD) द्वारा जारी 'पंच-सूत्र' निर्देश:

अजय कुमार सिंह ने कार्यदायी संस्थाओं और निगम के अधिकारियों को पांच कड़े निर्देश दिए:

  • संसाधनों की वृद्धि: कार्यस्थल पर मानव शक्ति (Manpower) और आधुनिक मशीनरी की संख्या तुरंत बढ़ाई जाए।
  • नियमित मॉनिटरिंग: साप्ताहिक प्रगति रिपोर्ट सीधे एमडी कार्यालय को भेजी जाए।
  • चुनौतियों का समाधान: वित्तीय या तकनीकी बाधा आने पर उसे प्रबंधन स्तर पर तुरंत साझा करें ताकि काम न रुके।
  • समन्वय (Coordination): विभिन्न विभागों और ठेकेदारों के बीच बेहतर तालमेल बिठाया जाए।
  • सुरक्षा मानक: हिमालयी क्षेत्र की संवेदनशीलता को देखते हुए 'Safety First' के सिद्धांत पर काम हो।

5. भविष्य की राह: उत्तराखंड का ऊर्जा भविष्य

अधिशासी निदेशक श्री राजीव अग्रवाल और महाप्रबंधक श्री एस. के. सिंह के साथ चर्चा के दौरान एमडी ने आगामी तीन वर्षों का रोडमैप तैयार किया। लखवाड़ परियोजना के पूर्ण होने से उत्तराखंड की वार्षिक आय में भारी वृद्धि होगी और स्थानीय स्तर पर पर्यटन की नई संभावनाएं (जैसे बांध झील के आसपास वाटर स्पोर्ट्स) विकसित होंगी।

विकसित उत्तराखंड का संकल्प

लखवाड़ परियोजना का समयबद्ध पूर्ण होना उत्तराखंड के लिए एक ऐतिहासिक उपलब्धि होगी। अजय कुमार सिंह के नेतृत्व में यूजेवीएन लिमिटेड ने जो 'जीरो टॉलरेंस' की नीति अपनाई है, उससे उम्मीद जगी है कि दशकों से लंबित यह महत्वाकांक्षी प्रोजेक्ट अब जल्द ही हकीकत बनेगा।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न (FAQs)

Q1. लखवाड़ परियोजना की कुल क्षमता कितनी है?

लखवाड़ परियोजना की कुल विद्युत उत्पादन क्षमता 300 मेगावाट है।

Q2. यह परियोजना किस नदी पर बन रही है?

यह परियोजना देहरादून जिले में यमुना नदी पर बनाई जा रही है।

Q3. UJVN के वर्तमान MD कौन हैं?

यूजेवीएन लिमिटेड (UJVN Ltd.) के वर्तमान प्रबंध निदेशक श्री अजय कुमार सिंह हैं।





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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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