देहरादून, 14 मार्च 2026: उत्तराखंड क्रांति दल (उक्रांद) के वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी और युवा नेताओं को नजरबंद किए जाने के विरोध में शनिवार को प्रदेश की राजनीति गर्मा गई। केंद्रीय अध्यक्ष सुरेन्द्र कुकरेती के आह्वान पर उक्रांद कार्यकर्ताओं ने देहरादून के द्रोण चौक पर एकत्र होकर प्रदेश की भाजपा सरकार के खिलाफ जोरदार प्रदर्शन किया और सरकार का पुतला दहन कर अपना रोष व्यक्त किया।
वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी से उबाल
पार्टी कार्यकर्ताओं में विशेष रूप से वरिष्ठ नेता काशी सिंह ऐरी, पुष्पेश त्रिपाठी की गिरफ्तारी और युवा प्रकोष्ठ अध्यक्ष आशीष नेगी को नजरबंद किए जाने को लेकर भारी नाराजगी है। दल का आरोप है कि सरकार गैरसैंण और जनहित के मुद्दों पर उठने वाली आवाज को पुलिस के दम पर दबाने का प्रयास कर रही है।
प्रदर्शन के मुख्य बिंदु और नेताओं के बयान
| नेता | पद | मुख्य वक्तव्य |
| प्रबीन रमोला | महानगर अध्यक्ष | "यह कार्रवाई जनता की आवाज दबाने का प्रयास है, जिसे उक्रांद स्वीकार नहीं करेगा।" |
| आशुतोष नेगी | केंद्रीय उपाध्यक्ष | "सरकार राजधानी गैरसैंण की आवाज दबाना चाहती है। जल्द ही प्रदेशभर में व्यापक आंदोलन होगा।" |
| संतोष भंडारी | केंद्रीय महिला अध्यक्ष | "उत्तराखंड के स्वाभिमान और लोकतांत्रिक अधिकारों की रक्षा के लिए हमारा संघर्ष जारी रहेगा।" |
"दमनात्मक नीति अपना रही सरकार"
महानगर अध्यक्ष प्रबीन रमोला ने प्रदर्शन के दौरान कहा कि वरिष्ठ नेताओं की गिरफ्तारी लोकतांत्रिक मूल्यों पर सीधा प्रहार है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार विपक्ष और जनआंदोलनों से डर गई है, इसलिए दमनकारी नीतियों का सहारा ले रही है।
केंद्रीय उपाध्यक्ष आशुतोष नेगी ने चेतावनी देते हुए कहा कि गैरसैंण उत्तराखंड की आत्मा है और उसकी आवाज को दबाने की कोशिश सरकार पर भारी पड़ेगी। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि गिरफ्तार नेताओं को जल्द रिहा नहीं किया गया और अलोकतांत्रिक कार्रवाइयां बंद नहीं हुईं, तो उक्रांद पूरे प्रदेश की सड़कों पर उतरकर सरकार को घेरने का काम करेगा।
इन प्रमुख नेताओं की रही मौजूदगी
प्रदर्शन के दौरान केंद्रीय महामंत्री मीनाक्षी घिल्डियाल, संगीता बहुगुणा, महानगर महामंत्री राजीव नौटियाल, निशिथ मनराल, गजेंद्र नेगी, संदीप असवाल, भोला चमोली, रुचि उनियाल, कपिल कुमार सहित सैकड़ों कार्यकर्ता उपस्थित रहे। उक्रांद के मुख्य मीडिया प्रभारी अनिल थपलियाल ने बताया कि पार्टी का संघर्ष अब तब तक थमेगा नहीं जब तक जनभावनाओं का सम्मान नहीं होता।
तेज होगी राजधानी की लड़ाई
उक्रांद नेताओं की यह गिरफ्तारी और इसके बाद हुआ यह प्रदर्शन संकेत दे रहा है कि आने वाले दिनों में उत्तराखंड की राजनीति में 'गैरसैंण' और 'क्षेत्रीय स्वाभिमान' के मुद्दे फिर से केंद्र में रहने वाले हैं। द्रोण चौक पर हुआ यह पुतला दहन सरकार के लिए एक बड़ी चेतावनी के रूप में देखा जा रहा है।
