उत्तराखंड मौसम विज्ञान केंद्र के ताजा पूर्वानुमान के अनुसार, प्रदेश में अगले दो दिन मौसम शुष्क रहने के बाद रविवार, 8 मार्च से बदलाव देखने को मिलेगा।
- शुरुआती असर: 8 मार्च को उत्तरकाशी, चमोली और पिथौरागढ़ में हल्की बारिश और गर्जना के साथ बिजली चमकने की संभावना है।
- बर्फबारी: 4000 मीटर से अधिक ऊँचाई वाले क्षेत्रों में बर्फ गिरने के आसार हैं।
9 से 11 मार्च तक बढ़ेगा बारिश का दायरा
सोमवार, 9 मार्च से बारिश और बर्फबारी का असर पांच जिलों तक फैल जाएगा।
- प्रभावित जिले: उत्तरकाशी, चमोली, पिथौरागढ़ के साथ-साथ रुद्रप्रयाग और बागेश्वर में भी हल्की बारिश का अनुमान है।
- निचली बर्फबारी: इन दिनों बर्फबारी का स्तर थोड़ा नीचे आकर 3800 मीटर तक पहुँच सकता है। 11 मार्च तक पर्वतीय क्षेत्रों में मौसम का यही पैटर्न रहने की उम्मीद है।
चारधाम में तापमान का हाल: जमने वाली ठंड
अगले महीने 19 अप्रैल से शुरू होने वाली चारधाम यात्रा से पहले चारों धामों में वर्तमान में शून्य से नीचे (Minus) तापमान रिकॉर्ड किया जा रहा है।
| धाम | अधिकतम तापमान | न्यूनतम तापमान | वर्तमान स्थिति |
| गंगोत्री | -1°C | -10°C | भीषण ठंड और पाला |
| यमुनोत्री | 6°C | -3°C | रात में बर्फानी हवाएं |
| केदारनाथ | 1°C | -8°C | फ्रीजिंग प्वाइंट के करीब |
| बदरीनाथ | 1°C | -7°C | अलकनंदा तट पर भारी ठंड |
दिनांक 05.03.2026 को जारी उत्तराखंड राज्य हेतु मौसम पूर्वानुमान एवं चेतावनी pic.twitter.com/uP6hB4I0CM
— Meteorological Centre Dehradun (@mcdehradun) March 5, 2026
मैदानी इलाकों में चढ़ने लगा है पारा
एक ओर जहाँ पहाड़ों में बर्फबारी का अलर्ट है, वहीं मैदानी इलाकों में सूरज के तेवर तल्ख होने लगे हैं। पिछले 24 घंटों में मैदानी और निचले पर्वतीय क्षेत्रों में तापमान सामान्य से अधिक दर्ज किया गया है। मौसम विभाग के अनुसार, अगले 2-3 दिनों में अधिकतम तापमान में 1 से 2 डिग्री सेल्सियस की और बढ़ोतरी हो सकती है, जिससे दोपहर के समय गर्मी का अहसास बढ़ेगा।
चारधाम यात्रा की तैयारियां और चुनौतियां
उत्तराखंड की प्रसिद्ध चारधाम यात्रा 19 अप्रैल से शुरू हो रही है। केदारनाथ और बदरीनाथ जैसे ऊँचे धामों में बहने वाली मंदाकिनी और अलकनंदा नदियाँ ग्लेशियरों की ठंडक साथ ला रही हैं, जिससे यहाँ का न्यूनतम तापमान अभी भी स्थिर नहीं हो पाया है। यात्रा शुरू होने तक प्रशासन के लिए बर्फ हटाना और रास्ते सुचारू करना एक बड़ी चुनौती होगी, खासकर यदि मार्च के मध्य तक बर्फबारी का सिलसिला जारी रहता है।
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