उत्तराखंड की लोकगायिका रिंकू राणा का सड़क हादसे में निधन, होली खेलकर लौटते वक्त ट्रैक्टर ने मारी टक्कर; सीएम धामी ने जताया दुख


Aapki Media AI


उधम सिंह नगर जिले के सितारगंज क्षेत्र से एक अत्यंत दुखद खबर सामने आई है। थारू जनजाति की उभरती और प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा (33/36 वर्ष) की एक सड़क दुर्घटना में असामयिक मृत्यु हो गई है। जानकारी के अनुसार, रिंकू अपने मायके बिचपुरी खैरना (नानकमत्ता) से होली खेलकर अपनी स्कूटी से ससुराल नौगजा, कल्याणपुर वापस जा रही थीं। इसी दौरान दोपहर करीब 12:30 बजे, जब वह सड़क किनारे स्कूटी खड़ी कर किसी से बात कर रही थीं, तभी ईंटों से लदी एक तेज रफ्तार अनियंत्रित ट्रैक्टर-ट्रॉली ने उन्हें जोरदार टक्कर मार दी।


भतीजी सुरक्षित, रिंकू ने अस्पताल में तोड़ा दम

हादसे के समय रिंकू के साथ उनकी भतीजी जिया राणा भी स्कूटी पर मौजूद थी। टक्कर इतनी जबरदस्त थी कि रिंकू गंभीर रूप से घायल हो गईं, जबकि उनकी भतीजी की हालत सामान्य बताई जा रही है। आसपास के लोगों ने तत्काल उन्हें उप-जिला अस्पताल सितारगंज पहुँचाया, जहाँ डॉक्टरों ने उन्हें मृत घोषित कर दिया। घटना के बाद ट्रैक्टर चालक वाहन छोड़कर मौके से फरार हो गया, जिसे पुलिस ने कब्जे में ले लिया है।

रिंकू राणा: थारू संस्कृति की एक मजबूत आवाज

विवरणजानकारी
नामरिंकू राणा
पहचानथारू जनजाति की प्रथम लोकगायिका
कला दलबंटी राणा के सांस्कृतिक दल की प्रमुख सदस्य
योगदानथारू लोकसंगीत और परंपराओं का राष्ट्रीय स्तर पर प्रचार
परिवारपति महेश राणा और चौथी कक्षा में पढ़ने वाला एक पुत्र

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने दी श्रद्धांजलि

 

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने लोकगायिका के निधन पर गहरा शोक प्रकट किया है। उन्होंने सोशल मीडिया के माध्यम से अपनी संवेदनाएं व्यक्त करते हुए कहा:

"थारू जनजाति की प्रसिद्ध लोकगायिका रिंकू राणा के असामयिक निधन का समाचार अत्यंत दुखद है। लोकसंस्कृति और लोकसंगीत के संरक्षण में उनका योगदान सदैव याद रखा जाएगा। उन्होंने थारू समाज की समृद्ध परंपराओं को व्यापक पहचान दिलाई।"

सीएम ने पुण्यात्मा की शांति और शोकाकुल परिजनों को इस अपार दुख को सहने की शक्ति देने की प्रार्थना की है।

लोक कलाकारों में शोक की लहर

रिंकू राणा केवल एक गायिका ही नहीं, बल्कि थारू समाज के कलाकारों के लिए एक मार्गदर्शक भी थीं। वह प्रसिद्ध कलाकार बंटी राणा के सांस्कृतिक दल के साथ राज्य और राष्ट्रीय स्तर के मंचों पर अपनी प्रस्तुति देती थीं। उनके निधन से थारू समाज की लोककला को एक अपूरणीय क्षति हुई है। पुलिस ने शव का पंचनामा भरकर पोस्टमार्टम के लिए खटीमा भेज दिया है और फरार चालक की तलाश शुरू कर दी है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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