योग महोत्सव 2026: देहरादून और ऋषिकेश में सजेगा अध्यात्म का संगम; वर्ल्ड रिकॉर्ड के साथ 'वेलनेस हब' बनेगा उत्तराखंड

देहरादून/ऋषिकेश, 04 अप्रैल 2026: देवभूमि उत्तराखंड की पावन धरा पर आगामी 8 से 10 अप्रैल तक योग, ध्यान और आयुर्वेद की त्रिवेणी बहेगी। दून योगपीठ द्वारा आयोजित 12वें दून योग महोत्सव और द्वितीय ऋषिकेश योग महोत्सव का उद्देश्य प्रदेश को प्राकृतिक चिकित्सा और वैलनेस का वैश्विक केंद्र बनाना है।

अभियान प्रणेता योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी के मार्गदर्शन में आयोजित इस तीन दिवसीय महोत्सव में देशभर के योग साधक न केवल अपनी कला का प्रदर्शन करेंगे, बल्कि नए वर्ल्ड रिकॉर्ड (विश्व कीर्तिमान) भी स्थापित करेंगे।

योग महोत्सव 2026: कार्यक्रम की रूपरेखा 

तिथि एवं समयस्थान  मुख्य गतिविधि  
8 अप्रैल (प्रातः)बी.एस. नेगी महिला पॉलिटेक्निक, देहरादूननिःशुल्क योग शिविर, योग प्रतियोगिताएं एवं औपचारिक शुभारंभ।
8 अप्रैल (सायं)स्वामी नारायण आश्रम, ऋषिकेशविशेष गंगा आरती, ध्यान सत्र एवं द्वितीय ऋषिकेश महोत्सव का आगाज।
9-10 अप्रैलस्वामी नारायण आश्रम, ऋषिकेशयोग एवं ध्यान कक्षाएं, 'आयुर्वेद ग्राम' विकास पर बृहद मंथन।
सम्मान समारोहकार्यक्रम के दौरानमहर्षि पतंजलि अंतर्राष्ट्रीय योग रत्न सम्मान 2026 का वितरण।
विशेष आकर्षणऋषिकेश एवं देहरादूनयोग साधकों द्वारा वर्ल्ड रिकॉर्ड बनाने का प्रयास।

अध्यात्म, आयुर्वेद और ग्रामीण विकास: महोत्सव के मुख्य बिंदु

  • निशुल्क योग शिविर से शुरुआत: महोत्सव का भव्य शुभारंभ 8 अप्रैल को देहरादून के ओएनजीसी राजेंद्र नगर स्थित बी.एस. नेगी महिला पॉलिटेक्निक में प्रातःकालीन विशेष योग शिविर के साथ होगा। यहाँ योग पर आधारित विभिन्न प्रतियोगिताओं का भी आयोजन किया जाएगा।
  • गंगा किनारे ध्यान और अध्यात्म: 8 अप्रैल की शाम 6 बजे से ऋषिकेश के शीशम झाड़ी स्थित स्वामी नारायण आश्रम में विशेष गंगा आरती और ध्यान के साथ महोत्सव के दूसरे चरण की शुरुआत होगी।
  • योग ग्राम और आयुर्वेद ग्राम की परिकल्पना: 9 और 10 अप्रैल को ऋषिकेश में होने वाले सत्रों में उत्तराखंड के गांवों को 'योग और आयुर्वेद ग्राम' के रूप में विकसित करने पर गहन चिंतन और मंथन किया जाएगा। यह ग्रामीण अर्थव्यवस्था और पर्यटन को मजबूती देने की दिशा में एक बड़ा कदम है।
  • दिग्गज योग गुरुओं का मार्गदर्शन: महोत्सव में महायोगी जीतानांद जी महाराज, योगाचार्य डॉ. बिपिन जोशी, और स्वामी नारायण आश्रम के परमाध्यक्ष सुनील भगत सहित दर्जनों प्रख्यात योग शिक्षकों का सानिध्य प्राप्त होगा।
  • प्रतिष्ठित सम्मान और रिकॉर्ड: योग के क्षेत्र में उत्कृष्ट कार्य करने वाले साधकों को 'महर्षि पतंजलि अंतर्राष्ट्रीय योग रत्न सम्मान 2026' से नवाजा जाएगा। इसके साथ ही, योग साधक अपनी क्षमताओं का प्रदर्शन कर नए विश्व रिकॉर्ड बनाएंगे।
  • सामूहिक सहयोग: इस आयोजन को सफल बनाने में एवरेस्ट योग संस्थान लुधियाना, स्वामी जीतानांद योग संस्थान, विभिन्न राज्य विश्वविद्यालयों और योग संस्थानों का विशेष सहयोग प्राप्त हो रहा है।
 

स्वास्थ्य और शांति का संदेश

12वां दून योग महोत्सव केवल एक आयोजन नहीं, बल्कि उत्तराखंड की समृद्ध विरासत को आधुनिक स्वास्थ्य पद्धतियों से जोड़ने का एक संकल्प है। योग के माध्यम से देवभूमि का यह संदेश विश्व शांति और निरोगी काया की दिशा में एक मील का पत्थर साबित होगा।

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