देहरादून, 17 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने 'सुशासन' के प्रति अपनी प्रतिबद्धता को दोहराते हुए एक अनूठा उदाहरण पेश किया है। सीएम हेल्पलाइन 1905 में दर्ज शिकायतों की प्रगति को फाइलों के बजाय धरातल पर परखने के लिए मुख्यमंत्री आज खुद औचक निरीक्षण पर निकल गए। जाखन क्षेत्र में उन्होंने न केवल शिकायतकर्ता के साथ मौके का मुआयना किया, बल्कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को कड़ी फटकार भी लगाई।
क्या थी शिकायत?
देहरादून के जाखन निवासी श्री विवेक मदान ने सीएम हेल्पलाइन पर शिकायत दर्ज कराई थी कि राजपुर रोड पर विद्युत लाइन अंडरग्राउंड करने के दौरान भारी लापरवाही बरती गई है। शिकायत में स्पष्ट था कि पहले फुटपाथ बनाया गया, लेकिन बाद में यूपीसीएल (UPCL) ने उसे खोदकर केबल तो बिछा दी, परंतु वापस मिट्टी का भराव ठीक से नहीं किया। नतीजतन, फुटपाथ की टाइल्स धंस गई हैं, जिससे राहगीरों को भारी असुविधा हो रही है और दुर्घटना का खतरा बना हुआ है।
वीडियो कॉल से अधिकारियों को दिखाया 'आईना'
मुख्यमंत्री समीक्षा बैठक में जाने से पहले सीधे जाखन पहुंचे। वहां उन्होंने शिकायतकर्ता श्री मदान को साथ लिया और मौके पर ही अपने मोबाइल से संबंधित अधिकारियों को वीडियो कॉल किया। मुख्यमंत्री ने अधिकारियों को फुटपाथ की बदहाल स्थिति दिखाते हुए पूछा कि आखिर काम के बाद समन्वय क्यों नहीं रखा गया?
निरीक्षण के दौरान सीएम धामी ने कई जगह बिजली की तारें जमीन के ऊपर देखीं, जो आम जनता के लिए खतरनाक साबित हो सकती हैं। मुख्यमंत्री ने सख्त लहजे में कहा:
"विभागों के बीच समन्वय का अभाव विकास कार्यों पर प्रश्नचिह्न लगाता है। बार-बार खुदाई करने से न केवल जनता को परेशानी होती है, बल्कि सरकारी धन की भी भारी बर्बादी होती है। अधिकारियों को प्लानिंग के साथ काम करना चाहिए।"
प्रदेशव्यापी अभियान के निर्देश
मुख्यमंत्री ने मुख्य सचिव श्री आनंद बर्द्धन को निर्देशित किया है कि इस तरह की समस्याओं के समाधान के लिए पूरे प्रदेश में एक विशेष अभियान चलाया जाए। उन्होंने स्पष्ट किया कि यदि कहीं भी अन्य विभागों के समन्वय की कमी से जनता को परेशानी हो रही है, तो उसे तत्काल दूर किया जाए।
आम जनता से सीधा संवाद
निरीक्षण के दौरान मुख्यमंत्री ने वहां मौजूद स्थानीय दुकानदारों और निवासियों से भी सीधे बातचीत की और उनकी समस्याएं सुनीं। मुख्यमंत्री ने संकल्प दोहराया कि वे आगे भी अपने दौरों के दौरान इसी तरह औचक निरीक्षण करते रहेंगे ताकि सरकारी योजनाओं का लाभ पारदर्शिता के साथ जनता तक पहुंचे।
मुख्यमंत्री का यह 'ऑन-ग्राउंड' एक्शन यह संदेश देता है कि शिकायतें सिर्फ दर्ज होने के लिए नहीं, बल्कि उनके त्वरित निस्तारण के लिए हैं। अधिकारियों को अब फाइलों से बाहर निकलकर जमीनी स्तर पर जवाबदेह होना ही होगा।