देहरादून, 07 अप्रैल 2026: राजधानी को स्वच्छ और सुंदर बनाने के संकल्प के साथ देहरादून के महापौर (मेयर) ने आज वार्ड संख्या 56 का औचक निरीक्षण किया। बिना किसी पूर्व सूचना के मौके पर पहुँचे महापौर ने गलियों, नालियों और कूड़ा उठान की व्यवस्था का जायजा लिया। इस दौरान उन्होंने सीधे सफाई कर्मियों से बातचीत की और उनकी कार्यप्रणाली व संसाधनों की जानकारी ली।
निरीक्षण के दौरान कुछ स्थानों पर अव्यवस्था पाए जाने पर महापौर ने अधिकारियों को कड़ी फटकार लगाई और नियमित निगरानी बढ़ाने के निर्देश दिए।
निरीक्षण डायरी: महापौर के कड़े निर्देश
| प्राथमिकता क्षेत्र | महापौर का एक्शन प्लान (Action Plan) |
| नियमित सफाई | हर गली और मोहल्ले में सफाई कर्मियों की उपस्थिति अनिवार्य। |
| नाली सफाई | मानसून से पहले सभी नालियों की गाद (Sludge) साफ करने के आदेश। |
| कूड़ा उठान | डोर-टू-डोर कूड़ा कलेक्शन में नियमितता और समय का पालन। |
| निगरानी (Monitoring) | सुपरवाइजरों को क्षेत्र में सक्रिय रहने और रिपोर्ट देने के निर्देश। |
| जन जागरूकता | लोगों को कूड़ा खुले में न फेंकने के लिए प्रेरित करना। |
स्वच्छ देहरादून का संकल्प: मेयर के दौरे की मुख्य बातें
- ग्राउंड जीरो पर संवाद: महापौर ने केवल सड़क मार्ग का ही नहीं, बल्कि वार्ड की तंग गलियों का भी निरीक्षण किया। उन्होंने मौके पर मौजूद सफाई कर्मचारियों से उनकी समस्याओं को सुना और समय पर कार्य पूरा करने के लिए प्रोत्साहित किया।
- अधिकारियों को सख्त हिदायत: महापौर ने स्पष्ट शब्दों में कहा कि देहरादून नगर निगम की प्राथमिकता शहर को स्वच्छ और व्यवस्थित बनाना है। यदि सफाई व्यवस्था में किसी भी स्तर पर ढिलाई पाई गई, तो संबंधित अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।
- सार्वजनिक स्थलों पर विशेष नजर: बस स्टॉप, पार्कों और मुख्य चौराहों की स्वच्छता को लेकर महापौर ने विशेष निर्देश दिए। उन्होंने कहा कि सार्वजनिक स्थल शहर का आइना होते हैं, इनकी नियमित धुलाई और सफाई में कोई कोताही नहीं होनी चाहिए।
- जनता की भागीदारी: महापौर ने वार्ड वासियों से भी अपील की कि वे अपने शहर को साफ रखने में सहयोग करें। उन्होंने अधिकारियों को निर्देश दिए कि सफाई के साथ-साथ लोगों को स्वच्छता एप और कूड़ा प्रबंधन के प्रति जागरूक भी किया जाए।
जवाबदेही से ही बदलेगी सूरत
महापौर के इस औचक निरीक्षण से नगर निगम के अमले में हड़कंप मच गया है। वार्ड 56 के निवासियों ने मेयर की इस पहल का स्वागत किया है। उम्मीद है कि महापौर की इस सक्रियता से शहर की सफाई व्यवस्था में सुधार आएगा और 'स्वच्छ देहरादून' का सपना धरातल पर उतरेगा।