हल्द्वानी में 'महंगी किताबों' के सिंडिकेट पर प्रशासन का प्रहार; 3 टीमों की छापेमारी, बिना मान्यता चल रहे प्ले-स्कूलों की भी होगी जांच

हल्द्वानी (नैनीताल), 07 अप्रैल 2026: नए शिक्षा सत्र के शुरू होते ही अभिभावकों की जेब पर डाका डालने वाले बुक सेलर्स और निजी स्कूलों के खिलाफ नैनीताल जिला प्रशासन ने युद्ध स्तर पर अभियान छेड़ दिया है। जिला मजिस्ट्रेट नैनीताल के निर्देशों पर आज हल्द्वानी नगर क्षेत्र में संचालित बुक स्टोर्स की सघन जांच की गई।


प्रशासन ने साफ कर दिया है कि एनसीईआरटी (NCERT) की पुस्तकों के स्थान पर निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें थोपना अब बर्दाश्त नहीं किया जाएगा।

हल्द्वानी प्रशासन की कार्रवाई: मुख्य बिंदु

जांच का स्वरूपविवरण और प्रशासनिक दल (Investigation Details)
टीमों का गठनकुल 03 विशेष टीमें (नगर मजिस्ट्रेट, एसडीएम और तहसीलदार के नेतृत्व में)।
शामिल विभागशिक्षा विभाग और राज्य कर (State Tax) विभाग के अधिकारी।
मुख्य अनियमितताNCERT के बजाय भारी कीमतों वाली बाहरी पुस्तकों का संचालन।
स्कूलों पर शिकंजाप्ले ग्रुप, प्री-नर्सरी और LKG/UKG की मान्यता की जांच के आदेश।
प्रशासनिक रुखमहंगी किताबों का कोई औचित्य नहीं; दोषियों पर होगी सख्त कार्यवाही।

महंगी किताबें और 'कमीशन का खेल': प्रशासन की रडार पर स्कूल

  • NCERT बनाम निजी प्रकाशक: जांच के दौरान यह पाया गया कि कई निजी स्कूल जानबूझकर एनसीईआरटी की सस्ती और मानक पुस्तकों के बजाय निजी प्रकाशकों की महंगी किताबें लगवा रहे हैं। प्रशासन ने शिक्षा विभाग को इन पुस्तकों की कीमतों और उनके चयन के औचित्य की विस्तृत रिपोर्ट तैयार करने के निर्देश दिए हैं।
  • टैक्स चोरी की भी जांच: छापेमारी में राज्य कर विभाग की मौजूदगी यह संकेत देती है कि किताबों की बिक्री में बड़े पैमाने पर जीएसटी और बिलिंग की हेराफेरी की भी आशंका है। प्रशासन रिकॉर्ड खंगाल रहा है कि क्या किताबों की बिक्री का उचित हिसाब रखा जा रहा है।
  • बिना मान्यता के चल रहे 'प्ले-स्कूल': जांच में एक और चौंकाने वाला खुलासा हुआ है। कई स्कूलों में प्ले ग्रुप, प्री-नर्सरी, एलकेजी और यूकेजी की कक्षाएं संचालित की जा रही हैं, लेकिन उनके पास आवश्यक मान्यता और पंजीकरण (Registration) नहीं है। शिक्षा विभाग को ऐसे सभी स्कूलों की लिस्ट बनाकर उनकी वैधता जांचने को कहा गया है।
  • अभिभावकों को राहत की उम्मीद: प्रशासन के इस सख्त रुख से हल्द्वानी के हजारों अभिभावकों ने राहत की सांस ली है, जो हर साल किताबों और कॉपी-किताबों के सेट के नाम पर हजारों रुपये लूटे जाने से परेशान थे।

प्रशासन की स्पष्ट चेतावनी

नगर मजिस्ट्रेट और उपजिलाधिकारी ने संयुक्त रूप से स्पष्ट किया है कि:

  1. स्कूलों द्वारा किसी खास दुकान से किताब खरीदने का दबाव बनाना गैरकानूनी है।
  2. एनसीईआरटी की पुस्तकों के मुकाबले अधिक कीमत वाली पुस्तकों को किसी भी हाल में उचित नहीं माना जाएगा।
  3. बिना पंजीकरण के चल रही छोटी कक्षाओं (Pre-Primary) पर तत्काल तालाबंदी की कार्यवाही की जाएगी।

शिक्षा के बाजारीकरण पर लगाम

हल्द्वानी में हुई यह कार्यवाही एक नजीर पेश करती है कि शिक्षा को व्यापार बनाने वालों की अब खैर नहीं है। जिला मजिस्ट्रेट के इस कदम से न केवल पारदर्शिता आएगी, बल्कि मध्यमवर्गीय परिवारों पर पड़ने वाला आर्थिक बोझ भी कम होगा।

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