भू-माफियाओं पर आयुक्त का 'हंटर': लैंड फ्रॉड के 51 मामलों का निस्तारण; एक ही जमीन दो बार बेचने वालों पर FIR के निर्देश

देहरादून, 07 अप्रैल 2026: उत्तराखंड में जमीन की खरीद-फरोख्त में होने वाली धोखाधड़ी को रोकने के लिए गठित लैंड फ्रॉड समन्वय समिति की बैठक में आज गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय ने कड़े तेवर दिखाए। आयुक्त ने स्पष्ट किया कि जमीन संबंधी धोखाधड़ी के मामलों में किसी भी स्तर पर शिथिलता बर्दाश्त नहीं की जाएगी।

भू-माफियाओं पर आयुक्त का 'हंटर'

बैठक में चौंकाने वाले खुलासे हुए, जिसमें एक ही खसरा नंबर की जमीन को दो अलग-अलग व्यक्तियों को बेचने और कागजों में कहीं और की जमीन दिखाकर कब्जा कहीं और दिलाने जैसी गंभीर अनियमितताएं सामने आईं।

लैंड फ्रॉड समन्वय समिति: बैठक के मुख्य आंकड़े 

मुख्य विवरणजांच और निस्तारण के आंकड़े (Statistics)
कुल विचाराधीन मामले170 मामले
आज की सुनवाई77 मामलों पर विस्तृत चर्चा
निस्तारित मामले51 प्रकरणों का सफल निस्तारण
एफआईआर के निर्देश05 गंभीर मामलों में तत्काल केस दर्ज करने के आदेश
डेडलाइनशेष मामलों के लिए एक सप्ताह के भीतर रिपोर्ट तलब

धोखाधड़ी का 'खेल': आयुक्त की रडार पर आए जालसाज

  • डबल रजिस्ट्री और गलत कब्जा: जांच के दौरान ऐसे कई मामले सामने आए जहाँ जालसाजों ने एक ही जमीन को दो अलग-अलग खरीदारों को बेचकर करोड़ों का चूना लगाया। इसके अलावा, खरीदारों को गुमराह कर किसी अन्य स्थान की जमीन पर कब्जा दिलाने के प्रकरणों पर आयुक्त ने सख्त नाराजगी जाहिर की।
  • अधिकारियों को कड़ी चेतावनी: आयुक्त ने राजस्व और पुलिस विभाग के अधिकारियों को निर्देशित किया कि लैंड फ्रॉड के मामलों में त्वरित कार्रवाई सुनिश्चित की जाए। उन्होंने कहा कि किसी भी फाइल को अनावश्यक रूप से लंबित रखना भी अपराध की श्रेणी में आता है।
  • कोर्ट के बाहर के मामलों पर फोकस: विनय शंकर पांडेय ने निर्देश दिए कि जो मामले न्यायालय में लंबित हैं उन्हें छोड़कर, अन्य सभी प्रकरणों में विभागीय स्तर पर तत्काल समाधान निकाला जाए ताकि पीड़ितों को राहत मिल सके।
  • एक सप्ताह का अल्टीमेटम: शेष लंबित मामलों के लिए आयुक्त ने संबंधित अधिकारियों से एक सप्ताह के भीतर विस्तृत रिपोर्ट मांगी है। उन्होंने साफ कहा कि लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों की जवाबदेही तय की जाएगी।

गढ़वाल आयुक्त विनय शंकर पांडेय का कड़ा संदेश

बैठक के दौरान आयुक्त ने अधिकारियों को संबोधित करते हुए कहा:

"भूमि धोखाधड़ी से जुड़े मामलों में आम जनता की गाढ़ी कमाई फंसी होती है। हमारा उद्देश्य पीड़ितों को जल्द से जल्द न्याय दिलाना है। जिन मामलों में स्पष्ट रूप से धोखाधड़ी पाई गई है, उनमें बिना किसी देरी के एफआईआर दर्ज की जाए। सरकारी तंत्र में किसी भी प्रकार की कोताही स्वीकार्य नहीं होगी।"

सुरक्षित निवेश की ओर कदम

आयुक्त के इस कड़े रुख से भू-माफियाओं में हड़कंप मच गया है। 51 मामलों का एक साथ निस्तारण होना यह दर्शाता है कि प्रशासन अब जमीन के खेल को खत्म करने के लिए गंभीर है। इससे न केवल पीड़ितों को न्याय मिलेगा, बल्कि प्रदेश में पारदर्शी रियल एस्टेट सेक्टर को भी बढ़ावा मिलेगा।

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