देहरादून | 21 अप्रैल, 2026 : राजधानी देहरादून का सबसे लोकप्रिय पर्यटन स्थल 'सहस्त्रधारा' एक बार फिर अपने पुराने वैभव और नई खूबसूरती के साथ पर्यटकों के स्वागत के लिए तैयार है। पिछले साल मानसून के दौरान आई भीषण आपदा ने यहाँ के बुनियादी ढांचे और प्राकृतिक स्वरूप को भारी नुकसान पहुँचाया था, लेकिन प्रशासन और स्थानीय लोगों के साझा प्रयासों से अब यह स्थल एक नए रूप में निखर कर सामने आया है।
आपदा के बाद का कायाकल्प
पिछले वर्ष आई बाढ़ और भूस्खलन के कारण सहस्त्रधारा क्षेत्र में दुकानों, पैदल मार्गों और मुख्य झरनों को काफी क्षति पहुँची थी। लंबी मरम्मत प्रक्रिया और सौंदर्यीकरण कार्य के बाद, अब यहाँ की सुरक्षा व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ किया गया है। पर्यटकों के बैठने, चलने और झरनों का आनंद लेने के लिए नए सिरे से इंतजाम किए गए हैं।
गर्मी बढ़ते ही उमड़ने लगी भीड़
जैसे-जैसे पारा चढ़ रहा है, वैसे-वैसे पर्यटकों का रुख फिर से सहस्त्रधारा की ओर होने लगा है:
- ठंडे झरने: यहाँ के गंधक युक्त पानी और ठंडे झरने एक बार फिर आकर्षण का केंद्र बने हुए हैं।
- प्राकृतिक सुंदरता: पहाड़ियों के बीच स्थित यह स्थल गर्मी से राहत पाने के लिए पर्यटकों की पहली पसंद साबित हो रहा है।
- वीकेंड रश: शनिवार और रविवार को पर्यटकों की संख्या में भारी इजाफा देखा जा रहा है।
स्थानीय कारोबारियों के चेहरे खिले
सहस्त्रधारा के फिर से गुलजार होने से यहाँ के सैकड़ों स्थानीय कारोबारियों ने राहत की सांस ली है। आपदा के बाद महीनों तक यहाँ पर्यटन गतिविधियां ठप रहने से होटल, रेस्टोरेंट और स्थानीय दुकानों पर गहरा आर्थिक संकट मंडरा रहा था।
"सहस्त्रधारा का फिर से खुलना हमारे लिए संजीवनी जैसा है। पर्यटकों की वापसी से उम्मीद जगी है कि इस सीजन में हमारा कारोबार फिर से पटरी पर लौट आएगा।" — एक स्थानीय दुकानदार
पर्यटन गतिविधियों में आई तेजी
सहस्त्रधारा के खुलने के साथ ही आसपास के अन्य एक्टिविटीज जैसे रोप-वे (Ropeway) और स्थानीय ट्रेकिंग रूट्स पर भी चहल-पहल बढ़ गई है। जिला प्रशासन ने पर्यटकों से अपील की है कि वे स्थल की स्वच्छता बनाए रखें और नदियों के किनारे सावधानी बरतें।
यदि आप भी इस चिलचिलाती गर्मी में प्रकृति की गोद में कुछ पल बिताना चाहते हैं, तो 'नए स्वरूप' वाले सहस्त्रधारा का रुख जरूर करें।
