देहरादून | 21 अप्रैल, 2026 : देहरादून के ऐतिहासिक नमक सत्याग्रह स्थल, खाराखेत में आयोजित भव्य मेले के दौरान आज देश के अमर शहीदों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों को नमन किया गया। इस गौरवशाली अवसर पर प्रदेश के कैबिनेट मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने महान स्वतंत्रता संग्राम सेनानी खड़क बहादुर बिष्ट की प्रतिमा का अनावरण कर उन्हें श्रद्धासुमन अर्पित किए।
शहीद की स्मृति में बनेगी "शहीद खड़क बहादुर वाटिका"
समारोह को संबोधित करते हुए मंत्री सुबोध उनियाल ने एक महत्वपूर्ण घोषणा की। उन्होंने कहा कि भावी पीढ़ियों को खड़क बहादुर बिष्ट के बलिदान और देशप्रेम से परिचित कराने के लिए यहाँ “शहीद खड़क बहादुर वाटिका” का निर्माण किया जाएगा।
"खाराखेत की यह पवित्र मिट्टी देशभक्ति और स्वाधीनता संग्राम की जीवंत गवाह है। खड़क बहादुर जी जैसे नायकों के कारण ही आज हम स्वतंत्र हवा में सांस ले रहे हैं। यह वाटिका आने वाली पीढ़ियों के लिए प्रेरणा का केंद्र बनेगी।" — सुबोध उनियाल, कैबिनेट मंत्री
खाराखेत: नमक सत्याग्रह का गौरवशाली प्रतीक
ऐतिहासिक संदर्भों का उल्लेख करते हुए वक्ताओं ने बताया कि महात्मा गांधी के नमक सत्याग्रह के दौरान खाराखेत ने उत्तराखण्ड में आंदोलन की मशाल जलाई थी। कार्यक्रम के दौरान:
- श्रद्धांजलि: सत्याग्रहियों और स्वतंत्रता संग्राम सेनानियों के चित्र पर पुष्प अर्पित कर उन्हें याद किया गया।
- सांस्कृतिक प्रस्तुति: स्थानीय कलाकारों और स्कूली बच्चों ने देशभक्ति से ओत-प्रोत सांस्कृतिक कार्यक्रमों के जरिए माहौल को भक्तिमय और गौरवशाली बना दिया।
युवाओं में राष्ट्रभक्ति का संचार
क्षेत्रीय विधायक सहदेव पुंडीर ने भी कार्यक्रम में प्रतिभाग किया। उन्होंने कहा कि खाराखेत मेले जैसे आयोजन केवल परंपरा नहीं, बल्कि हमारी गौरवशाली विरासत को जीवित रखने का माध्यम हैं। ऐसे आयोजनों से युवाओं में राष्ट्र के प्रति जिम्मेदारी और देशभक्ति की भावना और अधिक मजबूत होती है।
विकास और विरासत का संगम
सरकार का उद्देश्य खाराखेत जैसे ऐतिहासिक स्थलों को पर्यटन मानचित्र पर उभारने के साथ-साथ इन्हें 'हेरिटेज साइट' के रूप में विकसित करना है। 'शहीद खड़क बहादुर वाटिका' इसी दिशा में एक बड़ा कदम माना जा रहा है, जिससे इस क्षेत्र की ऐतिहासिक महत्ता को वैश्विक पहचान मिलेगी।
