देहरादून, 01 अप्रैल 2026: राजधानी देहरादून में रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की सनसनीखेज हत्या के बाद प्रदेश सरकार और पुलिस महकमा 'एक्शन मोड' में है। मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी की कड़ी नाराजगी के बाद डीजीपी दीपम सेठ ने देहरादून पुलिस को 'ऑपरेशन प्रहार' शुरू करने के निर्देश दिए हैं। इस अभियान के तहत अपराधियों, नियम तोड़ने वाले पब-बार संचालकों और संदिग्धों के खिलाफ निर्णायक कार्रवाई की जाएगी।
मंगलवार को हुई उच्च स्तरीय बैठक में डीजीपी ने आईजी गढ़वाल और एसएसपी देहरादून सहित एसटीएफ के आला अफसरों को स्पष्ट कर दिया कि राजधानी की सुरक्षा में कोई भी कोताही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
'ऑपरेशन प्रहार': अधिकारियों की जिम्मेदारी और मुख्य निर्देश
| अधिकारी/इकाई | सौंपी गई मुख्य जिम्मेदारी (Assigned Tasks) |
| आईजी गढ़वाल | देहरादून की कानून-व्यवस्था की दैनिक मॉनिटरिंग। |
| एसएसपी देहरादून | थाना प्रभारियों की जवाबदेही तय करना और हॉटस्पॉट पर चेकिंग। |
| STF (आईजी/एसएसपी) | सक्रिय अपराधियों और गैंग्स के विरुद्ध विशेष स्ट्राइक। |
| थाना प्रभारी/CO | सुबह और देर रात फील्ड में सक्रियता और बैरियर चेकिंग। |
| पब/बार संचालक | निर्धारित समय के बाद संचालन पर सीधे मुकदमा और लाइसेंस निरस्त। |
सत्यापन अभियान और पब-बार के लिए 'जीरो टॉलरेंस'
- पब और बार पर 'डिजिटल' नजर: एसएसपी देहरादून प्रमेंद्र डोबाल ने सभी पब, बार और रेस्टोरेंट संचालकों को निर्देश दिए हैं कि वे अपने एंट्री और एग्जिट पॉइंट्स के CCTV कैमरों का एक्सेस पुलिस को उपलब्ध कराएं। यदि निर्धारित समय के बाद कोई भी प्रतिष्ठान खुला मिला, तो बिना नोटिस दिए सीधे मुकदमा दर्ज किया जाएगा।
- शत-प्रतिशत कर्मचारी सत्यापन: सभी पब और रेस्टोरेंट मालिकों को अपने स्टाफ का पुलिस वेरिफिकेशन कराना अनिवार्य कर दिया गया है। किसी भी आपराधिक पृष्ठभूमि वाले व्यक्ति को नौकरी पर रखने वाले संचालक के विरुद्ध विधिक कार्रवाई की जाएगी।
- 'न्याय' और 'सूचना' की जिम्मेदारी: प्रतिष्ठान में होने वाले किसी भी छोटे-बड़े विवाद की सूचना तत्काल पुलिस को देनी होगी। सूचना छिपाने पर और उसके बाद कोई अपराध घटित होने पर संचालक को भी सह-आरोपी माना जा सकता है।
- किरायेदारों और पीजी का सघन सत्यापन: शहर में बढ़ती बाहरी आबादी को देखते हुए डीजीपी ने सभी पीजी (PG), हॉस्टल और किरायेदारों का सघन सत्यापन करने के निर्देश दिए हैं। होम-स्टे में होने वाली संदिग्ध गतिविधियों पर भी एलआईयू (LIU) की पैनी नजर रहेगी।
- ड्रंक एंड ड्राइव पर लगाम: अक्सर छात्र देर रात तक बार में शराब पीकर वाहन चलाते हैं, जिससे दुर्घटनाएं और रोड रेज की घटनाएं बढ़ रही हैं। पुलिस अब रात के समय ब्रीथ एनालाइजर के साथ सघन चेकिंग अभियान चलाएगी।
- हॉटस्पॉट पर पुलिस विजिबिलिटी: शहर के चिन्हित संवेदनशील इलाकों (हॉटस्पॉट) पर पुलिस की मौजूदगी बढ़ाई जाएगी। क्षेत्राधिकारी (CO) स्वयं सुबह और रात के समय गश्त का नेतृत्व करेंगे ताकि आम जनता में सुरक्षा का भाव पैदा हो सके।
सुरक्षित राजधानी के लिए 'विकल्प रहित संकल्प'
'ऑपरेशन प्रहार' के माध्यम से देहरादून पुलिस ने यह साफ कर दिया है कि राजधानी की शांति भंग करने वालों के लिए अब कोई जगह नहीं है। सख्त चेकिंग, डिजिटल निगरानी और जवाबदेह पुलिसिंग के जरिए दून के माहौल को फिर से सुरक्षित बनाने की कोशिश की जा रही है।