देहरादून, 04 अप्रैल 2026: राजधानी देहरादून में कानून-व्यवस्था को चुनौती देने वाले तत्वों के खिलाफ आईजी गढ़वाल रेंज, राजीव स्वरूप ने आर-पार की जंग का ऐलान कर दिया है। हाल के दिनों में हुए ब्रिगेडियर हत्याकांड और प्रेमनगर कांड जैसी घटनाओं से सबक लेते हुए आईजी ने पूरे पुलिस महकमे को मिशन मोड पर सक्रिय कर दिया है।
अब पुलिस की नजर केवल सड़कों पर ही नहीं, बल्कि उन सुरक्षित पनाहगाहों (PG और हॉस्टल्स) पर भी है जहाँ अपराधी छात्रों का चोला ओढ़कर छिपे हो सकते हैं। आईजी ने स्पष्ट कर दिया है कि कोताही बरतने वाले थानेदारों और सीओ (CO) पर सीधी कार्रवाई की जाएगी।
आईजी गढ़वाल की 'सुरक्षा चेकलिस्ट' और मुख्य रणनीतियां
| अभियान/क्षेत्र | पुलिस का एक्शन प्लान (Action Plan) |
| शिक्षा संस्थान | कॉलेज डीन के साथ मिलकर संदिग्ध छात्रों की पहचान। |
| आवास सत्यापन | पीजी (PG) और हॉस्टल्स की कुंडली खंगालना (Digital Verification)। |
| तकनीकी जांच | बाहरी राज्यों के संदिग्धों का फिंगरप्रिंट और पोर्टल मिलान। |
| नाइट वॉच अभियान | रात में रश ड्राइविंग और अवैध हथियारों की सघन चेकिंग। |
| जवाबदेही | लापरवाही पर संबंधित थानेदार और क्षेत्राधिकारी (CO) जिम्मेदार। |
| लक्ष्य | आगामी पर्यटन सीजन से पहले 'देवभूमि' को सुरक्षित बनाना। |
'आस्तीन के सांपों' पर वार: पुलिस की 5 बड़ी स्ट्राइक
- शिक्षण संस्थानों के साथ समन्वय: आईजी राजीव स्वरूप ने निर्देश दिए हैं कि सभी कॉलेजों के डीन और प्रॉक्टर के साथ पुलिस नियमित बैठकें करेगी। बाहरी राज्यों से आकर 'छात्र' बनकर रह रहे अपराधियों को बेनकाब करने के लिए उनके शैक्षणिक दस्तावेजों और चरित्र प्रमाण पत्रों की दोबारा जांच होगी।
- सर्जिकल वेरिफिकेशन: अब केवल आधार कार्ड देखना काफी नहीं होगा। संदिग्धों का डिजिटल पोर्टल्स के जरिए डेटा निकाला जाएगा और उनके मूल राज्यों की पुलिस से फिंगरप्रिंट मिलान कराया जाएगा। खासकर पीजी और हॉस्टल्स में बिना सत्यापन के रह रहे लोगों पर भारी जुर्माना लगेगा।
- 'नाइट वॉच' और रसूखदारों पर नकेल: देहरादून की सड़कों पर देर रात गाड़ियों में अवैध हथियार लेकर घूमने वाले या रश ड्राइविंग करने वाले रसूखदारों के खिलाफ 'नाइट वॉच' अभियान शुरू किया गया है। आईजी ने साफ कहा है कि कोई भी 'सिफारिश' काम नहीं आएगी, दोषी सीधे जेल जाएगा।
- फरार आरोपियों के लिए विशेष टीमें: ब्रिगेडियर कांड और अन्य संगीन मामलों में फरार चल रहे आरोपियों की गिरफ्तारी के लिए आईजी ने एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की संयुक्त विशेष टीमें (Special Teams) तैनात की हैं। इन टीमों को 'फ्री हैंड' दिया गया है।
- थानेदारों की सीधी जवाबदेही: यदि किसी थाना क्षेत्र में सत्यापन में लापरवाही मिली या अपराध की पुनरावृत्ति हुई, तो संबंधित थानेदार और क्षेत्राधिकारी (CO) की जवाबदेही तय की जाएगी। अब 'कागजी कार्रवाई' के बजाय धरातल पर परिणाम दिखाने होंगे।
पर्यटन सीजन से पहले सुरक्षित दून का संकल्प
गढ़वाल आईजी की इस सख्ती ने पुलिस महकमे में हलचल पैदा कर दी है। देवभूमि की शांति भंग करने वाले असामाजिक तत्वों के लिए यह स्पष्ट चेतावनी है। आगामी पर्यटन सीजन में भारी भीड़ उमड़ने की संभावना है, जिसे देखते हुए यह 'प्रहार' रणनीति दून वासियों और पर्यटकों के लिए सुरक्षा का सुरक्षा कवच बनेगी।
