ऋषिकेश में 'पर्यटक' बनकर छिपा था महाराष्ट्र का शातिर डकैत; 18.5 लाख की डकैती कर था फरार, पुलिस ने त्रिवेणी घाट से दबोचा

ऋषिकेश, 04 अप्रैल 2026: शांति और आध्यात्म की नगरी ऋषिकेश इन दिनों बाहरी राज्यों के अपराधियों की 'सेफ हेवन' बनती जा रही है, लेकिन उत्तराखंड पुलिस के 'ऑपरेशन प्रहार' ने उनके मंसूबों पर पानी फेरना शुरू कर दिया है। महाराष्ट्र के रायगढ़ जिले में ₹18.5 लाख की बड़ी डकैती को अंजाम देकर फरार चल रहे शातिर अपराधी योगेश रमेश लहारे को ऋषिकेश पुलिस और महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच की संयुक्त टीम ने त्रिवेणी घाट क्षेत्र से गिरफ्तार कर लिया है।


बीते दिनों उड़ीसा जेल से फरार राजा साहनी की गिरफ्तारी के बाद, यह दूसरी बड़ी कामयाबी है जिसने साबित कर दिया है कि ऋषिकेश की गलियों में अब अपराधियों का बचना नामुमकिन है।

अपराधी का प्रोफाइल और गिरफ्तारी विवरण (Case Summary)

मुख्य विवरणअपराधी एवं घटना से जुड़े तथ्य (Key Facts)
अभियुक्त का नामयोगेश रमेश लहारे (महाराष्ट्र निवासी)
मुख्य अपराधरायगढ़ (महाराष्ट्र) में ₹18.50 लाख की डकैती
गिरफ्तारी का स्थानशिव मूर्ति के पास, त्रिवेणी घाट (ऋषिकेश)
संयुक्त टीमऋषिकेश कोतवाली पुलिस + महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच
टीम का नेतृत्वसहायक पुलिस निरीक्षक भास्कर जाधव (महाराष्ट्र)
वर्तमान स्थितिट्रांजिट रिमांड पर महाराष्ट्र ले जाने की प्रक्रिया जारी

त्रिवेणी घाट पर 'ट्रैप': ऐसे हत्थे चढ़ा शातिर अपराधी

  • खुफिया इनपुट और घेराबंदी: महाराष्ट्र क्राइम ब्रांच को सूचना मिली थी कि रायगढ़ डकैती का मुख्य आरोपी ऋषिकेश में छिपकर रह रहा है। सूचना मिलते ही एपीआई भास्कर जाधव के नेतृत्व में टीम ऋषिकेश पहुँची और स्थानीय पुलिस के साथ तालमेल बिठाकर त्रिवेणी घाट पर जाल बिछाया।
  • पर्यटक के भेष में पहचान: मुखबिर की सटीक सूचना पर जब पुलिस टीम शिव मूर्ति के पास पहुँची, तो आरोपी योगेश वहाँ किसी आम पर्यटक की तरह बेखौफ घूम रहा था। पुलिस की वर्दी देखते ही उसने भागने की कोशिश की, लेकिन चारों तरफ से घेराबंदी कर उसे दबोच लिया गया।
  • अपराधियों का नया ठिकाना ऋषिकेश?: गौर करने वाली बात यह है कि बीते रोज ही उड़ीसा जेल तोड़कर भागा मोस्ट वांटेड राजा साहनी भी इसी इलाके से पकड़ा गया था। इन लगातार गिरफ्तारियों से संकेत मिल रहे हैं कि बाहरी राज्यों के खूंखार अपराधी ऋषिकेश की भीड़भाड़ और धर्मशालाओं को अपनी पनाहगाह बनाने की कोशिश कर रहे हैं।
  • सत्यापन अभियान में तेजी: इन घटनाओं के बाद ऋषिकेश के होटलों, धर्मशालाओं और घाटों के आसपास रहने वाले संदिग्धों का डिजिटल वेरिफिकेशन तेज कर दिया गया है। बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की कुंडली खंगाली जा रही है।
  • DGP का कड़ा संदेश: उत्तराखंड के डीजीपी दीपम सेठ ने स्पष्ट कर दिया है कि देवभूमि में अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। उन्होंने कहा कि "ऑपरेशन प्रहार" के तहत बाहरी राज्यों की पुलिस के साथ बेहतर समन्वय स्थापित कर हर संदिग्ध की धरपकड़ की जा रही है।

 सुरक्षित ऋषिकेश की चुनौती

महाराष्ट्र के इस डकैत की गिरफ्तारी ऋषिकेश पुलिस की सतर्कता का प्रमाण है। हालांकि, जिस तरह से एक के बाद एक मोस्ट वांटेड अपराधी यहाँ मिल रहे हैं, उसने स्थानीय प्रशासन और खुफिया तंत्र के लिए चुनौती बढ़ा दी है। आने वाले चारधाम यात्रा सीजन से पहले ऐसी गिरफ्तारियां सुरक्षा के लिहाज से बेहद महत्वपूर्ण हैं।

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