चारधाम यात्रा पर सतपाल महाराज की सख्त समीक्षा; 'लापरवाही बर्दाश्त नहीं', सड़कों की मरम्मत और सफाई के लिए दिए कड़े निर्देश

देहरादून | 18 अप्रैल, 2026 : उत्तराखंड के पर्यटन, लोक निर्माण (PWD), सिंचाई एवं संस्कृति मंत्री श्री सतपाल महाराज ने चारधाम यात्रा-2026 की सफलता और श्रद्धालुओं की सुरक्षा को लेकर कड़ा रुख अपनाया है। शनिवार को यमुना कॉलोनी स्थित लोनिवि सभागार में विभिन्न विभागों की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान उन्होंने स्पष्ट किया कि यात्रा के दौरान किसी भी प्रकार की लापरवाही स्वीकार नहीं की जाएगी।

चारधाम यात्रा 2026: "लापरवाही बर्दाश्त नहीं होगी!"– मंत्री सतपाल महाराज ने अधिकारियों को दिए सख्त निर्देश, 13 वैकल्पिक मार्ग रहेंगे तैयार।

वैकल्पिक मार्ग और ब्लैक स्पॉट्स पर विशेष ध्यान

मंत्री सतपाल महाराज ने लोक निर्माण विभाग के अधिकारियों को चारधाम यात्रा रूट की सभी सड़कों का तत्काल आंकलन करने और 13 वैकल्पिक मार्गों को हर समय तैयार रखने के निर्देश दिए। उन्होंने सुरक्षा के लिहाज से निम्नलिखित कार्यों को प्राथमिकता देने को कहा:

संवेदनशील स्थानों की मैपिंग: भूस्खलन संभावित क्षेत्रों की पहचान।

  • ब्लैक स्पॉट: दुर्घटना संभावित क्षेत्रों में तत्काल सुधार।
  • जीपीएस ट्रैकिंग: मशीनों और उपकरणों की रीयल-टाइम मॉनिटरिंग।
  • सुरक्षा उपाय: क्रैश बैरियर, रिफ्लेटर और रोड साइन की पर्याप्त व्यवस्था।

श्रद्धालुओं के लिए सुविधाओं का विस्तार: 'फ्री टॉयलेट' अनिवार्य

पर्यटकों की सुविधा के लिए मंत्री ने एक महत्वपूर्ण निर्देश जारी किया। उन्होंने कहा कि यात्रा मार्ग पर स्थित सभी पेट्रोल पंपों और होटलों में श्रद्धालुओं के लिए निशुल्क शौचालय और पानी की पर्याप्त उपलब्धता होनी चाहिए।

  1. साइन बोर्ड: सड़क के दोनों ओर साइन बोर्ड लगाए जाएं, जिनमें अस्पताल, पेट्रोल पंप और रेस्टोरेंट की दूरी स्पष्ट हो।
  2. फ्री डब्ल्यूसी (Free WC): रेस्टोरेंटों के बाहर 'वेस्टर्न कमोड' की उपलब्धता वाले साइन बोर्ड अनिवार्य रूप से लगाए जाएं।
  3. हाइजीन: होटलों और ढाबों के कर्मचारियों के लिए दस्ताने (Gloves) पहनना और सैनिटाइजर की व्यवस्था अनिवार्य की गई है।

नदियों के चैनेलाइजेशन और ट्रैक रूटों की मरम्मत

सिंचाई विभाग के अधिकारियों के साथ बातचीत में उन्होंने भटवाड़ी, डबराड़ी और चडेथी जैसे क्षेत्रों में सिल्ट के कारण नदियों का जलस्तर बढ़ने पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने निर्देश दिए कि सड़कों को बचाने के लिए नदियों के चैनेलाइजेशन का कार्य समय से पूरा किया जाए। इसके अतिरिक्त, रैथल, द्वारा, रोड़ीताल और खोड़ाताल के खराब हो चुके ट्रैक रूटों को भी तत्काल ठीक करने के आदेश दिए गए।

विश्व शांति के लिए हो पहली प्रार्थना

आध्यात्मिक पक्ष पर जोर देते हुए महाराज ने कहा कि जब धामों के कपाट खुलें, तो सबसे पहले विश्व शांति के लिए विशेष प्रार्थना की जाए। उन्होंने मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के विजन को दोहराते हुए कहा कि हमारी सरकार यात्रा को सरल, सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए प्रतिबद्ध है।

बैठक में मौजूद रहे शीर्ष अधिकारी

समीक्षा बैठक में गंगोत्री विधायक सुरेश सिंह चौहान (वर्चुअल माध्यम से), लोनिवि सचिव पंकज पांडे, पर्यटन सचिव धीराज सिंह गबर्याल, प्रमुख अभियंता राजेश कुमार, सिंचाई विभाग की अपर सचिव गरिमा रौंकली और बीआरओ (BRO) के कमांडेंट मंजुनाथ सहित कई वरिष्ठ अधिकारी मौजूद रहे।

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