Aapki Media AI
देहरादून/सितारगंज | 24 अप्रैल, 2026 : मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के 'अपराध मुक्त उत्तराखंड' मिशन के तहत एसटीएफ ने एक बड़ी सफलता हासिल की है। वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (STF) अजय सिंह के नेतृत्व में कुमाऊं एसटीएफ और सितारगंज पुलिस की संयुक्त टीम ने मथुरा रेलवे स्टेशन से 25 हजार रुपये के इनामी बदमाश चेतन सिंह बिष्ट को गिरफ्तार कर लिया है। शातिर अपराधी अपनी पहचान छुपाकर उत्तराखंड और उत्तर प्रदेश के विभिन्न इलाकों में फरारी काट रहा था।
फरवरी 2025 की खौफनाक वारदात: दुकानदार पर किया था जानलेवा हमला
चेतन सिंह बिष्ट की तलाश पुलिस को पिछले एक साल से अधिक समय से थी। घटना का विवरण इस प्रकार है:
- लूट और हमला: फरवरी 2025 में चेतन ने अपने साथियों के साथ मिलकर सितारगंज क्षेत्र में एक परचून की दुकान को निशाना बनाया था।
- कुल्हाड़ी से वार: आरोपियों ने गल्ले से नकदी और तीन मोबाइल फोन लूट लिए थे। जब दुकानदार ने विरोध किया, तो चेतन ने उसके सिर पर कुल्हाड़ी से जानलेवा वार किया और उसे मरणासन्न अवस्था में छोड़कर फरार हो गया।
- सहयोगी पहले ही गिरफ्तार: इस मामले में पुलिस दो आरोपियों को पहले ही जेल भेज चुकी थी, लेकिन चेतन तब से लगातार फरार चल रहा था।
अपराधी का प्रोफाइल और गिरफ्तारी का विवरण
चेतन सिंह बिष्ट एक शातिर और पेशेवर अपराधी है, जिसके खिलाफ नैनीताल जनपद में भी चोरी और लूट के कई मुकदमे दर्ज हैं। एसटीएफ के टेक्निकल हैंड किशन चंद्र शर्मा के सटीक इनपुट की मदद से उसे उस समय दबोचा गया, जब वह मथुरा से कहीं और भागने की फिराक में था।
| विवरण का शीर्षक | संबंधित जानकारी |
| अभियुक्त का नाम | चेतन सिंह बिष्ट (उम्र 34 वर्ष) |
| निवासी | चांदनी चौक घुड़दौड़ा, कालीनगर, हल्द्वानी (नैनीताल) |
| इनाम की राशि | ₹25,000/- (पच्चीस हजार रुपये) |
| गिरफ्तारी स्थल | मथुरा रेलवे स्टेशन, उत्तर प्रदेश |
| मुख्य आरोप | हत्या का प्रयास (307 IPC/109 BNS) और लूट |
"देवभूमि में संगठित अपराध और फरार अपराधियों के लिए कोई जगह नहीं है। एसटीएफ की टीमें लगातार ऐसे असामाजिक तत्वों पर नजर रख रही हैं। ऑपरेशन प्रहार के तहत यह गिरफ्तारी अपराधियों के लिए एक सख्त संदेश है।" — अजय सिंह, एसएसपी एसटीएफ
कार्यवाही में शामिल मुख्य पुलिस टीम
एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की इस संयुक्त कार्यवाही में निम्नलिखित अधिकारियों ने मुख्य भूमिका निभाई:
- उत्तराखंड STF: निरीक्षक विकास चौधरी, उपनिरीक्षक विपिन चंद्र जोशी, उपनिरीक्षक कृष्ण गोपाल मठपाल, हेड कांस्टेबल महेंद्र गिरी, किशोर कुमार और कांस्टेबल जितेंद्र कुमार।
- सितारगंज पुलिस: वरिष्ठ उपनिरीक्षक राजेंद्र मुनियाल और कांस्टेबल विनोद जोशी।
एसटीएफ के इस तकनीकी और जमीनी इनपुट के संगम से एक खतरनाक अपराधी अब सलाखों के पीछे है। पुलिस अब उससे पूछताछ कर रही है ताकि फरारी के दौरान उसके द्वारा की गई अन्य संभावित घटनाओं का खुलासा किया जा सके।
