देहरादून, 08 अप्रैल 2026: मुख्यमंत्री के 'अपराध मुक्त उत्तराखंड' मिशन के तहत एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह के नेतृत्व में साइबर क्राइम टीम ने अंतरराज्यीय साइबर गिरोह पर कड़ा प्रहार किया है। टीम ने पश्चिम बंगाल के उत्तरी 24 परगना से एक ऐसे अभियुक्त को गिरफ्तार किया है, जिसने खुद को बैंक अधिकारी बताकर एक रिटायर्ड बैंक कर्मचारी की जीवन भर की जमा पूंजी पर डाका डाला था।
साइबर स्ट्राइक: केस का पूरा विवरण (Case Summary)
| मुख्य विवरण | घटना और पुलिस कार्यवाही के तथ्य |
| शिकायतकर्ता | देहरादून निवासी एक रिटायर्ड बैंक कर्मी |
| ठगी की राशि | कुल ₹10,00,000 (दस लाख रुपये) |
| ठगी का तरीका | पेंशन अपडेट के नाम पर HRMS और YONO SBI लॉगिन की जानकारी लेना। |
| गिरफ्तार अभियुक्त | जीतेन प्रजापति (उम्र 31 वर्ष), निवासी उत्तरी 24 परगना, पश्चिम बंगाल। |
| गिरफ्तारी का स्थान | बारानगर, पश्चिम बंगाल |
| दर्ज मुकदमा | मु0अ0सं0- 26/2023 (धारा 420, 120B भादवि एवं 66D IT Act) |
बैंक अधिकारी बनकर बिछाया जाल: ऐसे हुई ठगी
- फर्जी कॉल और भरोसा: साइबर अपराधियों ने पीड़ित को कॉल कर खुद को भारतीय स्टेट बैंक (SBI) का अधिकारी बताया। उन्होंने पीड़ित को विश्वास में लिया कि उनकी पेंशन अपडेट होनी अनिवार्य है।
- लॉगिन क्रेडेंशियल की चोरी: ठगों ने पेंशन अपडेट करने के बहाने पीड़ित से HRMS का विवरण माँगा और उन्हें YONO (SBI) खाते में लॉगिन करने के लिए निर्देशित किया।
- खाता किया साफ: जैसे ही पीड़ित ने लॉगिन किया, अभियुक्तों ने दो बार में कुल 10 लाख रुपये अलग-अलग खातों में ट्रांसफर कर लिए। जांच में पाया गया कि गिरफ्तार अभियुक्त जीतेन प्रजापति के खाते में सीधे ₹5 लाख क्रेडिट हुए थे।
- एसटीएफ की दबिश: तकनीकी टीम की मदद से एसटीएफ ने अभियुक्त की लोकेशन पश्चिम बंगाल में ट्रैक की। निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला के नेतृत्व में टीम ने बंगाल पहुँचकर स्थानीय पुलिस की मदद से छापेमारी की और आरोपी को गिरफ्तार कर लिया
एसटीएफ टीम
इस सफल ऑपरेशन में निरीक्षक त्रिभुवन रौतेला, अपर उपनिरीक्षक सुरेश कुमार, सुमेर सिंह और साइबर/एसटीएफ की तकनीकी टीम शामिल रही। गौरतलब है कि इस मामले में एक अभियुक्त की गिरफ्तारी पहले ही की जा चुकी है
एसएसपी एसटीएफ अजय सिंह की जनता से अपील
साइबर अपराधों से बचने के लिए वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक अजय सिंह ने नागरिकों को सचेत रहने की सलाह दी है:
- निजी जानकारी: किसी भी अनजान कॉल पर अपना ओटीपी (OTP), पासवर्ड या व्यक्तिगत दस्तावेज (HRMS/YONO लॉगिन) साझा न करें।
- वीडियो कॉल से बचें: अनजान नंबरों से आने वाली संदिग्ध वीडियो कॉल रिसीव न करें।
- फर्जी स्कीम: पैसा दोगुना करने या Telegram/YouTube आधारित निवेश स्कीमों के झांसे में न आएं।
- गूगल सर्च: गूगल पर कस्टमर केयर नंबर सर्च करने के बजाय बैंक की आधिकारिक वेबसाइट या पासबुक पर दिए नंबरों का ही उपयोग करें।
- हेल्पलाइन: यदि आप साइबर ठगी का शिकार होते हैं, तो तत्काल 1930 डायल करें या
www.cybercrime.gov.inपर शिकायत दर्ज करें।
अपराधियों के लिए चेतावनी
एसटीएफ की इस कार्यवाही ने स्पष्ट कर दिया है कि साइबर अपराधी चाहे देश के किसी भी कोने में छिपा हो, उत्तराखंड पुलिस उसे सलाखों के पीछे पहुँचाने में सक्षम है।
