देहरादून, 01 अप्रैल 2026: प्रदेश के युवाओं को स्वरोजगार और कौशल विकास से जोड़ने के लिए धामी सरकार ने बड़ा कदम उठाया है। शिक्षा मंत्री डॉ. धन सिंह रावत ने घोषणा की है कि नए शिक्षा सत्र 2026-27 में राज्य के 544 और विद्यालयों में व्यावसायिक शिक्षा कार्यक्रम शुरू किया जाएगा। इसके साथ ही पूर्व से संचालित 200 स्कूलों में भी यह कार्यक्रम निर्बाध रूप से जारी रहेगा।
मंत्री ने टेंडर प्रक्रिया में देरी को लेकर विभागीय अधिकारियों को फटकार लगाते हुए निर्देश दिए कि जब तक नई संस्था का चयन नहीं हो जाता, तब तक पुरानी संस्था ही कार्य जारी रखेगी ताकि छात्रों की पढ़ाई प्रभावित न हो।
वोकेशनल एजुकेशन: विस्तार और पाठ्यक्रम की रूपरेखा (Project Overview)
| मुख्य विवरण | अपडेट और जानकारी (Key Updates) |
| कुल नए विद्यालय | 544 स्कूल (सत्र 2026-27 से) |
| वर्तमान संचालित विद्यालय | 200 स्कूल (संचालन जारी रहेगा) |
| कुल लाभान्वित स्कूल | 744 विद्यालय |
| पाठ्यक्रम के क्षेत्र | 08 प्रमुख सेक्टर्स (एग्रीकल्चर, आईटी, टूरिज्म आदि) |
| संचालन मॉडल | निजी संस्थाओं के साथ अनुबंध (Outsource Model) |
| स्वीकृति | भारत सरकार (समग्र शिक्षा के तहत) |
रोजगारोन्मुखी शिक्षा पर सरकार का फोकस: मुख्य बिंदु
- पढ़ाई में नहीं आएगी रुकावट: डॉ. धन सिंह रावत ने स्पष्ट किया कि टेंडर प्रक्रिया में लेटलतीफी के कारण व्यावसायिक शिक्षा बंद नहीं होगी। नए टेंडर होने तक पुरानी अनुबंधित संस्था ही 200 विद्यालयों में शिक्षण कार्य संभालती रहेगी। इससे छात्रों के कौशल विकास (Skill Development) पर कोई असर नहीं पड़ेगा।
8 विभिन्न क्षेत्रों में मिलेगा प्रशिक्षण: नए सत्र से 544 स्कूलों में जिन विषयों की पढ़ाई होगी, उनमें शामिल हैं:
- एग्रीकल्चर (Agriculture)
- ऑटोमोटिव (Automotive)
- ब्यूटी एंड वेलनेस (Beauty & Wellness)
- इलेक्ट्रॉनिक्स एंड हार्डवेयर (Electronics & Hardware)
- आईटी (IT/ITeS)
- प्लंबिंग (Plumbing)
- रिटेल (Retail)
टूरिज्म व हॉस्पिटैलिटी (Tourism & Hospitality)
- पारदर्शिता और गुणवत्ता: शिक्षा मंत्री ने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि टेंडर प्रक्रिया में पूरी पारदर्शिता बरती जाए और केवल गुणवत्तापूर्ण संस्थानों के साथ ही अनुबंध किया जाए। उन्होंने नियमित मॉनिटरिंग के लिए जिला स्तर पर अधिकारियों की जवाबदेही तय करने को कहा है।
- रोजगार के बढ़ेंगे अवसर: सरकार का लक्ष्य छात्रों को पारंपरिक विषयों के साथ-साथ व्यावहारिक ज्ञान देना है, ताकि स्कूल छोड़ने के बाद युवा सीधे रोजगार प्राप्त कर सकें या अपना स्टार्टअप शुरू कर सकें।
- भारत सरकार की मंजूरी: समग्र शिक्षा अभियान के तहत इन 544 अतिरिक्त स्कूलों के लिए केंद्र सरकार ने बजट और योजना की स्वीकृति प्रदान कर दी है, जिससे अब राज्य के दूरस्थ क्षेत्रों के छात्रों को भी इसका लाभ मिलेगा।
कौशल विकास की ओर बढ़ता उत्तराखंड
शिक्षा मंत्री की यह पहल न केवल शिक्षा व्यवस्था को आधुनिक बनाएगी, बल्कि राज्य में बढ़ती बेरोजगारी को कम करने में भी सहायक सिद्ध होगी। 544 नए स्कूलों का जुड़ना राज्य के शैक्षिक इतिहास में एक बड़ा मील का पत्थर है।