उत्तराखंड में एंटी-रेबीज वैक्सीन का संकट: कच्चे माल की कमी से थमा उत्पादन; दून मेडिकल कॉलेज में उमड़ी मरीजों की भीड़


Aapki Media AI


देहरादून, 02 अप्रैल 2026: देवभूमि उत्तराखंड के सरकारी अस्पतालों में इन दिनों एंटी-रेबीज वैक्सीन (ARV) की भारी किल्लत देखी जा रही है। मुख्य कारण वैक्सीन निर्माण के लिए आवश्यक कच्चे माल (Raw Material) की वैश्विक कमी बताया जा रहा है, जिससे उत्पादन की रफ्तार धीमी पड़ गई है। इस स्थिति ने उन मरीजों की चिंता बढ़ा दी है जो आवारा कुत्तों या अन्य जानवरों के काटने के बाद इलाज के लिए सरकारी केंद्रों पर निर्भर हैं।


हालांकि, राजधानी देहरादून के दून मेडिकल कॉलेज से राहत भरी खबर है, जहाँ वैक्सीन का पर्याप्त स्टॉक मौजूद है, लेकिन अन्य अस्पतालों में कमी के कारण यहाँ दबाव बढ़ गया है।

 एंटी-रेबीज वैक्सीन स्थिति रिपोर्ट (Current Health Status)

मुख्य विवरणताजा अपडेट और जानकारी (Latest Updates)
संकट का मुख्य कारणकच्चे माल की कमी (Shortage of Raw Material)
प्रभावित क्षेत्रप्रदेश के अधिकांश जिला एवं उप-जिला अस्पताल
दून मेडिकल कॉलेज की स्थितिपर्याप्त स्टॉक उपलब्ध (मरीजों को लगाई जा रही वैक्सीन)
चुनौतीअन्य अस्पतालों से मरीजों का दून मेडिकल कॉलेज की ओर पलायन
प्राथमिकताइमरजेंसी और गंभीर मामलों को पहले दी जा रही वैक्सीन

कच्चे माल की किल्लत और अस्पतालों की हकीकत

  • उत्पादन पर ब्रेक: वैक्सीन निर्माता कंपनियों के पास कच्चा माल समय पर न पहुँचने के कारण एंटी-रेबीज वैक्सीन का उत्पादन देशव्यापी स्तर पर प्रभावित हुआ है। इसका सीधा असर उत्तराखंड की सप्लाई चेन पर पड़ा है।
  • मरीजों की बढ़ती परेशानी: प्रदेश के दूरस्थ इलाकों और अन्य सरकारी अस्पतालों में वैक्सीन न मिलने के कारण मरीजों को निजी क्लीनिकों का रुख करना पड़ रहा है, जहाँ वैक्सीन की कीमत काफी अधिक है।

“हमारे यहाँ रेबीज वैक्सीन की कोई कमी नहीं है। पर्याप्त मात्रा में स्टॉक उपलब्ध है और आने वाले हर मरीज को वैक्सीन लगाई जा रही है। चूँकि अन्य अस्पतालों में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, इसलिए हमारे यहाँ मरीजों की संख्या में अचानक बढ़ोतरी हुई है। हम इमरजेंसी मामलों को प्राथमिकता दे रहे हैं।”

  • दून मेडिकल कॉलेज बना सहारा: दून मेडिकल कॉलेज की वरिष्ठ अधिकारी गीता जैन ने स्थिति स्पष्ट करते हुए बताया:
  • संसाधनों पर दबाव: दून मेडिकल कॉलेज में मरीजों की बढ़ती भीड़ के कारण मेडिकल स्टाफ और ओपीडी (OPD) सेवाओं पर अतिरिक्त दबाव पड़ रहा है। अस्पताल प्रशासन स्थिति को संभालने के लिए अतिरिक्त काउंटर और स्टाफ की व्यवस्था पर विचार कर रहा है।
  • स्वास्थ्य विभाग की रणनीति: राज्य स्वास्थ्य महानिदेशालय अन्य राज्यों और केंद्र सरकार से संपर्क साधकर वैक्सीन की खेप जल्द से जल्द मंगवाने का प्रयास कर रहा है ताकि ग्रामीण क्षेत्रों के अस्पतालों में भी आपूर्ति बहाल की जा सके।

सतर्कता और धैर्य की आवश्यकता

रेबीज एक घातक बीमारी है, इसलिए किसी भी जानवर के काटने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करें। यदि आपके नजदीकी अस्पताल में वैक्सीन उपलब्ध नहीं है, तो दून मेडिकल कॉलेज जैसे बड़े केंद्रों का रुख करें। उम्मीद है कि कच्चे माल की आपूर्ति सुधरते ही यह संकट जल्द दूर होगा।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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