देहरादून पुलिस में महा-तबादला: ब्रिगेडियर हत्याकांड के बाद SSP का बड़ा एक्शन; एक साथ 30 पुलिस अफसर इधर से उधर

देहरादून, 02 अप्रैल 2026: राजधानी देहरादून में रोड रेज और फायरिंग में निर्दोष रिटायर्ड ब्रिगेडियर मुकेश कुमार जोशी की मौत के बाद पुलिस महकमे में 'क्लीन स्वीप' अभियान शुरू हो गया है। मुख्यमंत्री की नाराजगी और 'ऑपरेशन प्रहार' के बीच एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने बुधवार रात जिले के 30 पुलिस अधिकारियों के कार्यक्षेत्र में तत्काल प्रभाव से बदलाव कर दिया है।


इस फेरबदल में कई थाना प्रभारियों और चौकी इंचार्जों की कुर्सियां छिन गई हैं, जबकि कई को नई और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां सौंपी गई हैं।

प्रमुख तबादले: नई तैनाती की एक झलक (Major Postings)

अधिकारी का नामवर्तमान/पुरानी तैनातीनई तैनाती (New Posting)
कुंदन रामथानाध्यक्ष, प्रेमनगरप्रभारी, मानवाधिकार प्रकोष्ठ
संजीत कुमारथानाध्यक्ष, नेहरू कॉलोनीथानाध्यक्ष, रायपुर
मनोज नौटियालपुलिस लाइनथानाध्यक्ष, नेहरू कॉलोनी
प्रवीन सैनीउप निरीक्षक, ऋषिकेशप्रभारी, कुठालगेट चौकी (राजपुर)
पंकज कुमारपुलिस लाइनप्रभारी, धर्मावाला चौकी (सहसपुर)
अर्जुन गुसाईंचौकी इंचार्ज, IT पार्कचौकी इंचार्ज, बाजार (विकासनगर)
विवेक राठीचौकी प्रभारी, धर्मावालाचौकी प्रभारी, IDPL (ऋषिकेश)
देवेंद्र कु. गुप्तापुलिस लाइनप्रभारी, ANTF (एंटी नारकोटिक्स)
 

ब्रिगेडियर हत्याकांड का 'साइड इफेक्ट' और पुलिस की नई रणनीति

  • राजपुर और कुठालगेट पर गाज: मालसी क्षेत्र (थाना राजपुर) में हुई फायरिंग की घटना के बाद सबसे अधिक बदलाव इसी रूट पर देखे गए हैं। प्रवीन सैनी को कुठालगेट जैसी संवेदनशील चौकी की कमान सौंपी गई है, जहाँ से मसूरी जाने वाले हुड़दंगियों पर लगाम कसने की चुनौती होगी।
  • थानाध्यक्षों के बदले कार्यक्षेत्र: नेहरू कॉलोनी के थानाध्यक्ष संजीत कुमार को रायपुर भेजा गया है, जबकि पुलिस लाइन से मनोज नौटियाल को नेहरू कॉलोनी की महत्वपूर्ण जिम्मेदारी दी गई है। प्रेमनगर थानाध्यक्ष कुंदन राम को फील्ड से हटाकर पुलिस कार्यालय भेज दिया गया है।
  • महिला उप-निरीक्षकों का फेरबदल: महिला सुरक्षा और थानों में महिला डेस्क को मजबूत करने के लिए नीमा, मालिनी, हेमा बिष्ट, प्रेरणा चौधरी और ज्योति जैसी महिला अधिकारियों को भी नई पोस्टिंग दी गई है। प्रेरणा चौधरी को ANTF से हटाकर रायपुर थाने भेजा गया है।
  • बॉर्डर और चेकपोस्ट पर फोकस: धर्मावाला (सहसपुर) और विकासनगर जैसे सीमावर्ती क्षेत्रों में नए चौकी प्रभारियों की नियुक्ति की गई है ताकि बाहरी राज्यों से आने वाले संदिग्धों और अवैध गतिविधियों पर 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत नजर रखी जा सके।
  • जवाबदेही तय करने की कोशिश: एसएसपी प्रमेंद्र डोबाल ने स्पष्ट किया है कि यह तबादले केवल प्रशासनिक प्रक्रिया नहीं हैं, बल्कि फील्ड में सक्रियता और अपराध नियंत्रण की समीक्षा का परिणाम हैं। लापरवाही बरतने वाले अधिकारियों को फील्ड से हटाकर कार्यालयों (Line/Cells) में भेजा गया है।

क्या बदलेगी दून की कानून व्यवस्था?

30 मार्च की उस काली सुबह ने देहरादून पुलिस की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े किए थे। अब 30 अफसरों के इन तबादलों और 'ऑपरेशन प्रहार' से पुलिस अपनी खोई हुई साख वापस पाने की कोशिश कर रही है। जनता की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या ये नए चेहरे राजधानी की सड़कों पर फिर से सुरक्षित माहौल बना पाएंगे।

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