देहरादून पुलिस का 'प्रहार': ऋषिकेश में दबोचा गया 1 लाख का इनामी बदमाश; उड़ीसा जेल तोड़कर हुआ था फरार

देहरादून/ऋषिकेश, 02 अप्रैल 2026: राजधानी देहरादून में अपराधियों के खिलाफ जारी महा-अभियान में पुलिस को एक और बड़ी कामयाबी मिली है। एसएसपी के कुशल नेतृत्व में ऋषिकेश पुलिस ने उड़ीसा की जेल से फरार चल रहे 1 लाख रुपये के इनामी शातिर अपराधी राजा साहनी को गिरफ्तार किया है। बिहार के बेगूसराय का रहने वाला यह बदमाश कुख्यात कल्लू गैंग का सक्रिय सदस्य बताया जा रहा है।

उड़ीसा से फरार कल्लू गैंग के गुर्गे को पुलिस ने सुमन पार्क के पास घेरा!

पिछले 6 महीनों से पुलिस की आंखों में धूल झोंक रहे इस अपराधी की गिरफ्तारी से अंतरराज्यीय आपराधिक नेटवर्क को बड़ा झटका लगा है।

अपराधी का प्रोफाइल: राजा साहनी (Case Summary)

मुख्य विवरणअपराधी से जुड़े तथ्य (Key Details)
नाम और पहचानराजा साहनी (निवासी: बेगूसराय, बिहार)
गैंग का नामकुख्यात कल्लू गैंग (Bihar Based)
इनामी राशि₹1,00,000 (एक लाख रुपये)
फरारी का इतिहास2 अक्टूबर 2025 को उड़ीसा की कटक जेल से फरार
गिरफ्तारी का स्थानसुमन पार्क के पास, ऋषिकेश (उत्तराखंड)
बरामदगीसंदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार

त्रिवेणी घाट से नटराज चौक तक: ऐसे बिछाया पुलिस ने जाल

  • उड़ीसा पुलिस का इनपुट: उड़ीसा पुलिस को गुप्त सूचना मिली थी कि कटक जेल से फरार इनामी बदमाश राजा साहनी ऋषिकेश के त्रिवेणी घाट क्षेत्र में छिपा हुआ है। सूचना साझा होते ही एसएसपी देहरादून ने ऋषिकेश क्षेत्र में विशेष टीमों का गठन कर घेराबंदी शुरू की।
  • CCTV और कार चेकिंग: पुलिस ने ऋषिकेश के व्यस्त चौराहों के सीसीटीवी फुटेज खंगाले। सघन चेकिंग के दौरान एक संदिग्ध स्विफ्ट डिजायर कार नटराज चौक से टिहरी रोड की ओर जाती दिखी। पुलिस ने पीछा कर सुमन पार्क के पास वाहन को रोका।
  • पहचान और गिरफ्तारी: कार में सवार व्यक्ति ने शुरुआत में पुलिस को गुमराह करने की कोशिश की, लेकिन कड़ाई से पूछताछ और हुलिए के मिलान के बाद उसकी पहचान राजा साहनी के रूप में हुई। पुलिस ने उसे तुरंत हिरासत में ले लिया।
  • गंभीर आपराधिक इतिहास: राजा साहनी पर उड़ीसा में डकैती, लूट और जेल तोड़ने जैसे संगीन धाराओं में कई मुकदमे दर्ज हैं। उड़ीसा पुलिस लंबे समय से उसकी तलाश में थी। अब उत्तराखंड पुलिस अन्य राज्यों से भी उसके आपराधिक रिकॉर्ड खंगाल रही है।
  • पूछताछ जारी: फिलहाल आरोपी से गुप्त स्थान पर पूछताछ की जा रही है। पुलिस यह जानने की कोशिश कर रही है कि ऋषिकेश में उसे पनाह किसने दी थी और क्या वह किसी बड़ी वारदात को अंजाम देने की फिराक में था।

दून पुलिस की बढ़ती धमक

ब्रिगेडियर हत्याकांड के बाद पुलिस पर उठ रहे सवालों के बीच 1 लाख के इनामी बदमाश की गिरफ्तारी ने विभाग की साख को मजबूती दी है। 'ऑपरेशन प्रहार' के तहत अपराधियों के खिलाफ जारी यह कार्रवाई स्पष्ट संदेश है कि उत्तराखंड अब बदमाशों के लिए सुरक्षित पनाहगाह नहीं है।

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