सीएम धामी ने 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026' के काउंटडाउन रन को किया फ्लैग ऑफ; हिम तेंदुआ "क्यालु" बना शुभंकर, 27 राज्यों और 2 देशों से जुटेंगे धावक


Aapki Media AI


देहरादून, 23 मई, 2026: उत्तराखंड को देश का नंबर वन एडवेंचर स्पोर्ट्स और स्पोर्ट्स टूरिज्म डेस्टिनेशन (Sports Tourism Destination) बनाने के संकल्प के साथ मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने आज एक और बड़े वैश्विक खेल आयोजन की नींव रख दी है। शनिवार को मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय (CM Camp Office) में आयोजित एक भव्य और ऊर्जावान कार्यक्रम के दौरान सीएम धामी ने 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026' के काउंटडाउन रन का विधिवत फ्लैग ऑफ किया।.

हिम तेंदुआ "क्यालु" बना शुभंकर, 27 राज्यों और 2 देशों से जुटेंगे धावक

इस ऐतिहासिक अवसर पर मुख्यमंत्री ने पारंपरिक मशाल प्रज्ज्वलित की और इस महादौड़ में भाग ले रहे देश-विदेश के धावकों का हौसला बढ़ाने के लिए खुद ट्रैक पर उतरकर उनके साथ एक प्रतीकात्मक दौड़ (Symbolic Run) में हिस्सा लिया। इसके साथ ही मुख्यमंत्री ने आगामी 31 मई 2026 को भारत-चीन सीमा से सटी पावन नीति घाटी (चमोली) में आयोजित होने वाली इस मुख्य अल्ट्रा रन के आधिकारिक शुभंकर (Mascot) "क्यालु- हिम तेंदुआ" (Kyalu - Snow Leopard) का भी अनावरण किया। यह आयोजन सीमांत क्षेत्रों में रिवर्स पलायन, पर्यटन और स्थानीय रोजगार के लिए मील का पत्थर साबित होने जा रहा है।

वैश्विक आकर्षण: 27 राज्यों और 2 देशों के 900 से अधिक धावक रचेंगे इतिहास

'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन' ने अपने पहले ही सीजन के काउंटडाउन में वैश्विक स्तर पर सुर्खियां बटोर ली हैं। यह महज एक सामान्य एथलेटिक्स प्रतियोगिता नहीं है, बल्कि अत्यधिक ऊंचाई (High Altitude) और कम ऑक्सीजन वाले दुर्गम हिमालयी क्षेत्रों में मानव की शारीरिक और मानसिक सहनशक्ति की सबसे कठिन परीक्षा है।

  • व्यापक पंजीकरण (Registration Data): मुख्यमंत्री ने बेहद प्रसन्नता व्यक्त करते हुए आंकड़ों की घोषणा की कि इस महाआयोजन के लिए अब तक भारत के 27 राज्यों और 2 अन्य देशों से 900 से अधिक जांबाज एथलीटों ने अपना पंजीकरण कराया है।
  • बढ़ता आकर्षण: इतनी बड़ी संख्या में वैश्विक और राष्ट्रीय धावकों का देवभूमि की तरफ रुख करना यह साबित करता है कि उत्तराखंड अब अंतरराष्ट्रीय स्तर के एडवेंचर स्पोर्ट्स के नक्शे पर मजबूती से स्थापित हो चुका है।

'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026' परियोजना व आयोजन का मुख्य विवरण 

 

आयोजन का नाम / बिंदुमुख्य विवरण एवं तकनीकी आंकड़ेसामरिक व पर्यटन महत्व
मुख्य दौड़ की तिथि31 मई, 2026चमोली जिले की नीति घाटी की पावन और चुनौतीपूर्ण धरती पर।
शुभंकर (Mascot)"क्यालु" (हिम तेंदुआ - Snow Leopard)उच्च हिमालयी जैव विविधता और वन्यजीव संरक्षण का प्रतीक।
प्रतिभागियों की संख्या900+ धावकभारत के 27 राज्यों और 2 अंतरराष्ट्रीय देशों से प्रतिनिधित्व।
मुख्य विजन (Vision)वाइब्रेंट विलेज प्रोग्राम (Vibrant Village)सीमांत गांवों को देश का 'पहला गांव' मानकर पर्यटन व रोजगार बढ़ाना।

शुभंकर "क्यालु": उच्च हिमालयी साहस और पर्यावरण संरक्षण का संदेश

इस दौड़ का सबसे आकर्षक पहलू इसका शुभंकर (Mascot) है, जिसका अनावरण मुख्यमंत्री ने किया। इस शुभंकर को "क्यालु" नाम दिया गया है, जो कि भोटिया/स्थानीय बोली में हिम तेंदुए (Snow Leopard) को कहा जाता है।

हिम तेंदुआ शून्य से कई डिग्री नीचे के तापमान और सीधी खड़ी चट्टानों पर रहने के लिए जाना जाता है। उसकी फुर्ती, साहस और विपरीत परिस्थितियों में जीवित रहने की क्षमता ही इस 'अल्ट्रा रन' के मूल मंत्र को दर्शाती है। मुख्यमंत्री ने कहा कि "क्यालु" का अनावरण केवल खेल भावना को बढ़ावा देने के लिए नहीं है, बल्कि यह दुनिया भर के पर्यटकों और पर्यावरणविदों को उत्तराखंड के उच्च हिमालयी वन्यजीवों के संरक्षण का संदेश भी देता है।

पीएम मोदी के "वाइब्रेंट विलेज" विजन को धरातल पर उतार रहे सीएम धामी

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने संबोधन में देश के प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के सामरिक और भौगोलिक विजन का विशेष रूप से उल्लेख किया। उन्होंने कहा कि पहले की सरकारों में जिन सीमावर्ती गांवों को "देश का अंतिम गांव" कहकर उपेक्षित छोड़ दिया जाता था, आज पीएम मोदी की सोच के कारण वे गांव "देश के पहले गांव" के रूप में पूजे और विकसित किए जा रहे हैं।

सीमांत क्षेत्रों को मिलेगी नई आर्थिक संजीवनी:

मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन' केवल एथलीटों के दौड़ने का माध्यम नहीं है, बल्कि यह नीति घाटी जैसे सुदूर सीमांत क्षेत्रों में नई ऊर्जा, नए अवसर और नए विश्वास को जागृत करने का एक बड़ा सामाजिक-आर्थिक अभियान है। जब देश-विदेश के 900 से अधिक समृद्ध धावक, उनके कोच, मीडिया और पर्यटक इन गांवों में पहुंचेंगे, तो वहां के होमस्टे (Homestays), स्थानीय हस्तशिल्प, पहाड़ी जैविक उत्पादों (पहाड़ी दालें, जड़ी-बूटियां) और युवा उद्यमिता को एक अभूतपूर्व गति मिलेगी।

उत्तराखंड को 'स्पोर्ट्स टूरिज्म हब' बनाने वाले 4 मुख्य स्तंभ

राज्य सरकार द्वारा खेल और साहसिक पर्यटन को जनआंदोलन बनाने की दिशा में उठाए जा रहे कदमों को मुख्यमंत्री ने इस प्रकार रेखांकित किया:

  • फिट इंडिया और खेलो इंडिया का विस्तार: प्रधानमंत्री मोदी के फिट इंडिया मूवमेंट और खेलो इंडिया अभियान की तर्ज पर उत्तराखंड सरकार राज्य के सुदूर पर्वतीय अंचलों में पारंपरिक और आधुनिक खेलों के लिए बुनियादी ढांचे का विकास कर रही है।
  • एंटरप्रिन्योरशिप और रिवर्स पलायन: नीति घाटी जैसी जगहों पर एडवेंचर टूरिज्म बढ़ने से स्थानीय युवाओं को गाइड, कैंपिंग ऑपरेटर और होटल मैनेजमेंट के क्षेत्र में स्वरोजगार मिलेगा, जिससे पहाड़ों से हो रहा पलायन थमेगा।
  • धावक बने देवभूमि के 'ब्रांड एंबेसडर': मुख्यमंत्री ने इस रेस में भाग ले रहे सभी 900 से अधिक प्रतिभागियों को उत्तराखंड के साहस, अनूठे पर्यटन और असीमित सामर्थ्य का ग्लोबल ब्रांड एंबेसडर (Brand Ambassador) घोषित किया।
  • खेल नीति 2021 का लाभ: राज्य की नई खेल नीति के माध्यम से अंतरराष्ट्रीय और साहसिक खेलों के आयोजकों को सिंगल विंडो क्लीयरेंस और वित्तीय सहायता प्रदान की जा रही है, जिससे 'नीति एक्सट्रीम' जैसे बड़े आयोजन संभव हो पा रहे हैं।बुलंद हौसले की परीक्षा: "नीति घाटी में दौड़ने के लिए चाहिए हिमालय जैसा अडिग विश्वास"

मुख्यमंत्री धामी ने धावकों के जोश की सराहना करते हुए कहा कि नीति घाटी जैसे अत्यधिक दुर्गम, कम दबाव वाले और चुनौतीपूर्ण इलाके में दौड़ना कोई सामान्य बात नहीं है। इसके लिए केवल शारीरिक सौष्ठव ही काफी नहीं है, बल्कि व्यक्ति के भीतर बुलंद हौसला, हिमालय जैसा अडिग विश्वास और हर मोड़ पर आने वाली प्राकृतिक चुनौतियों को स्वीकार करने का अद्भुत साहस होना आवश्यक है।

उन्होंने युवाओं के जोश की तारीफ करते हुए कहा:

  

"आज देहरादून की सड़कों पर गूंज रहे हमारे इन युवा धावकों के कदम आने वाले 31 मई को जब नीति घाटी की बर्फीली और ऐतिहासिक ऊंचाइयों पर दौड़ेंगे, तो वे उत्तराखंड के खेल इतिहास में एक स्वर्णिम अध्याय लिख रहे होंगे। यह दौड़ नए उत्तराखंड की उस शक्ति और सामर्थ्य का प्रदर्शन है, जो आज हर क्षेत्र में देश का नेतृत्व करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है।"


ग्राउंड जीरो पर जुटे आला अधिकारी; तैयारियों को अंतिम रूप देने में जुटा प्रशासन

कैंप कार्यालय में आयोजित इस गरिमामय फ्लैग ऑफ कार्यक्रम के दौरान खेल और पर्यटन विभाग के कई शीर्ष अधिकारी मौजूद रहे। मुख्य रूप से सचिव पर्यटन श्री धीराज गर्ब्याल और उत्तराखंड पर्यटन विकास परिषद (UTDB) के अपर मुख्य कार्यकारी अधिकारी श्री नरेन्द्र भंडारी ने मुख्यमंत्री को आश्वस्त किया कि 31 मई को होने वाली मुख्य रेस के लिए नीति घाटी में सुरक्षा, मेडिकल सपोर्ट, ऑक्सीजन सिलेंडर्स, रुकने की व्यवस्था और रूट मार्किंग के सभी इंतजाम अंतरराष्ट्रीय मानकों के अनुरूप पूरे कर लिए गए हैं। स्थानीय प्रशासन और भोटिया जनजाति के ग्रामीण भी मेहमानों के स्वागत के लिए बेहद उत्साहित हैं।

उत्तराखंड के खेल और साहसिक इतिहास का स्वर्णिम काल

'नीति एक्सट्रीम अल्ट्रा रन 2026' का यह काउंटडाउन रन केवल एक खेल आयोजन की शुरुआत नहीं है, बल्कि यह इस बात का उद्घोष है कि उत्तराखंड अब केवल तीर्थाटन और शांति की तलाश का केंद्र नहीं रहा, बल्कि यह वैश्विक युवाओं के एडवेंचर और थ्रिल (Thrill) का सबसे बड़ा गंतव्य बन चुका है।

मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी द्वारा खुद ट्रैक पर दौड़ लगाना और "क्यालु- हिम तेंदुआ" के जरिए पर्यावरण और स्थानीय संस्कृति को जोड़ना इस बात का प्रमाण है कि राज्य सरकार खेल के माध्यम से सीमांत गांवों की आर्थिकी को बदलने की एक बहुत बड़ी और दूरदर्शी पटकथा लिख चुकी है। 31 मई को जब नीति घाटी की ऊंचाइयों पर भारत और दुनिया के धावक कदमताल करेंगे, तो वह नए और आत्मनिर्भर उत्तराखंड की गूंज पूरी दुनिया में सुनाएगा।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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