देहरादून: महिला कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज, सरकारी कार्य में बाधा और आत्मदाह के प्रयास का आरोप


Aapki Media AI


देहरादून। राजधानी के परेड ग्राउंड क्षेत्र में पिछले तीन दिनों से चल रहे नर्सिंग बेरोजगारों के आंदोलन ने अब कानूनी मोड़ ले लिया है। उत्तराखंड महिला कांग्रेस की प्रदेश अध्यक्ष ज्योति रौतेला और उनके सहयोगियों के खिलाफ कोतवाली डालनवाला में विभिन्न गंभीर धाराओं के तहत अभियोग पंजीकृत किया गया है। पुलिस प्रशासन द्वारा यह कार्रवाई सरकारी आदेशों की अवहेलना, प्रतिबंधित क्षेत्र में अनाधिकृत प्रवेश और लोक सुरक्षा को खतरे में डालने के आधार पर की गई है।

ज्योति रौतेला के विरुद्ध संगीन धाराओं में मुकदमा दर्ज

घटना का विस्तृत विवरण

मामले की शुरुआत 11 मई 2026 को हुई, जब नर्सिंग बेरोजगार संगठन की मांगों को पुरजोर तरीके से उठाने के उद्देश्य से श्रीमती ज्योति रौतेला अपने चार अन्य साथियों के साथ परेड ग्राउंड स्थित पेयजल विभाग की पानी की टंकी पर चढ़ गईं। यह क्षेत्र सुरक्षा कारणों से प्रतिबंधित है। पुलिस और जिला प्रशासन के वरिष्ठ अधिकारियों द्वारा बार-बार वार्ता और नीचे उतरने के आग्रह के बावजूद प्रदर्शनकारी अपनी मांगों पर अड़े रहे।

अगले दो दिनों तक यह गतिरोध जारी रहा, जिससे न केवल पुलिस बल को दिन-रात वहां तैनात रहना पड़ा, बल्कि आसपास की लोक व्यवस्था भी प्रभावित हुई।

कानूनी कार्रवाई और एफआईआर (FIR) का संक्षिप्त विवरण

पुलिस ने जनमानस को हुई असुविधा और ज्वलनशील पदार्थों के अवैध प्रदर्शन को आधार बनाकर निम्नलिखित कानूनी रूपरेखा तैयार की है:

विवरणविवरण/जानकारी
नामजद आरोपीश्रीमती ज्योति रौतेला एवं नर्सिंग संगठन के सदस्य
मुकदमा संख्यामु0अ0सं0- 74/2026 (कोतवाली डालनवाला)
पंजीकरण दिनांक13 मई 2026
कानूनी धाराएं (BNS)126(2)/221/223/226/292/329(3)
विशेष एक्टधारा 23 पेट्रोलियम अधिनियम
प्रमुख आरोपलोक संपत्ति का अवरोध, आत्मदाह की धमकी, सरकारी कार्य में बाधा

प्रदर्शन के दौरान उत्पन्न हुई गंभीर स्थितियाँ

पुलिस रिपोर्ट के अनुसार, इस आंदोलन के दौरान कुछ ऐसी स्थितियाँ उत्पन्न हुईं जिन्होंने कानून व्यवस्था के समक्ष कड़ी चुनौती पेश की:

  • ज्वलनशील पदार्थ का प्रदर्शन: 12 मई को प्रदर्शन के दौरान ज्योति रौतेला ने अपने पास रखे पेट्रोल को स्वयं पर डालकर आग लगाने की चेतावनी दी, जो सार्वजनिक सुरक्षा के लिहाज से एक अत्यंत जोखिम भरा कृत्य माना गया।
  • यातायात और लोक व्यवस्था में व्यवधान: नर्सिंग एकता मंच के अन्य सदस्यों द्वारा मुख्य सड़क मार्ग को अवरुद्ध कर नारेबाजी की गई, जिससे घंटों तक शहर की यातायात व्यवस्था बाधित रही और आम नागरिकों को परेशानी का सामना करना पड़ा।
  • प्रशासनिक दबाव: प्रशासन ने स्थिति की गंभीरता और किसी भी अप्रिय घटना को रोकने हेतु त्वरित रूप से मांगों का प्रस्ताव शासन को प्रेषित किया, जिसके पश्चात ही आंदोलनकारी नीचे उतरने को तैयार हुए।

प्रशासनिक रुख


देहरादून पुलिस के मीडिया सेल द्वारा जारी सूचना के अनुसार, किसी भी व्यक्ति को अपनी मांगें रखने का लोकतांत्रिक अधिकार है, परंतु सरकारी संपत्ति को क्षति पहुँचाना, प्रतिबंधित क्षेत्रों में प्रवेश करना या स्वयं के जीवन को संकट में डालकर प्रशासनिक कार्यों में बाधा उत्पन्न करना कानूनन अपराध है। डालनवाला पुलिस अब मामले की जांच कर रही है और साक्ष्यों के आधार पर आगे की वैधानिक कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।



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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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