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देहरादून, 13 मई, 2026: राजधानी देहरादून में आवारा कुत्तों की बढ़ती संख्या और उनके प्रबंधन को लेकर नगर निगम गंभीर नजर आ रहा है। इसी क्रम में बुधवार को नगर आयुक्त ने केदारपुर स्थित एनीमल बर्थ कंट्रोल (ABC) सेंटर का विस्तृत स्थलीय निरीक्षण किया। इस दौरान उन्होंने सेंटर में चल रही नसबंदी प्रक्रियाओं, उपचार सुविधाओं और वहां निर्माणाधीन नए डॉग कैनल के कार्यों का जायजा लिया। नगर आयुक्त ने स्पष्ट किया कि पशुओं की देखभाल और उनके सुरक्षित आवास में किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी।
निरीक्षण के मुख्य बिंदु: उपचार और स्वच्छता पर जोर
नगर आयुक्त महोदया ने सेंटर के भीतर संचालित हॉस्पिटल और अन्य गतिविधियों का बारीकी से अवलोकन किया। निरीक्षण के दौरान निम्नलिखित क्षेत्रों पर विशेष ध्यान दिया गया:
- पशु चिकित्सा सुविधाएं: सेंटर में भर्ती पशुओं के उपचार और उनकी देखभाल के लिए उपलब्ध चिकित्सा उपकरणों और दवाओं की उपलब्धता की जांच की गई।
- स्वच्छता व्यवस्था: पशुओं के रहने के स्थान और ऑपरेशन थिएटर (OT) के आसपास स्वच्छता के मानकों का निरीक्षण किया गया। अधिकारियों को निर्देश दिए गए कि संक्रमण को रोकने के लिए नियमित रूप से सैनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए।
- संसाधनों की उपलब्धता: कार्यदायी संस्था और संबंधित अधिकारियों को निर्देशित किया गया कि सेंटर में आवश्यक संसाधनों की कभी कमी न होने दी जाए।
निर्माणाधीन डॉग कैनल: गुणवत्ता और समयसीमा पर सख्त निर्देश
निरीक्षण का एक मुख्य हिस्सा नगर निगम द्वारा बनाए जा रहे नए डॉग कैनल (Dog Kennels) का अवलोकन करना था। यह कैनल आवारा कुत्तों को सुरक्षित आवास प्रदान करने के उद्देश्य से बनाए जा रहे हैं।
- गुणवत्ता और मजबूती: नगर आयुक्त ने निर्माणाधीन संरचना की मजबूती और निर्माण सामग्री की गुणवत्ता को परखा। उन्होंने स्पष्ट किया कि पशुओं के अनुकूल सुविधाओं का ध्यान रखना प्राथमिकता होनी चाहिए।
- समय पर पूर्णता: संबंधित अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए गए कि निर्माण कार्य को निर्धारित समयसीमा के भीतर ही पूर्ण किया जाए।
- क्षमता विस्तार: नए कैनल बनने से शहर में पकड़े गए आवारा कुत्तों को रखने की क्षमता बढ़ेगी, जिससे एबीसी प्रोग्राम (नसबंदी अभियान) में और तेजी आएगी।
एबीसी (ABC) सेंटर की कार्यप्रणाली का संक्षिप्त विवरण
| गतिविधि | वर्तमान स्थिति / निर्देश |
| एनीमल बर्थ कंट्रोल (ABC) | नसबंदी अभियान में तेजी लाने के निर्देश |
| पशु चिकित्सा (Medical) | 24/7 देखभाल और उपचार की गुणवत्ता सुनिश्चित करना |
| आवास (Shelter) | नए डॉग कैनल का निर्माण कार्य प्रगति पर |
| स्वच्छता (Sanitation) | परिसर में निरंतर सफाई और संक्रमण नियंत्रण |
नगर आयुक्त के प्रमुख दिशा-निर्देश
- कार्यदायी संस्था को चेतावनी: सेंटर का संचालन कर रही संस्था को निर्देशित किया गया कि पशुओं के प्रति मानवीय व्यवहार सुनिश्चित करें और चिकित्सा मानकों का पूर्ण अनुपालन करें।
- पशुओं के अनुकूल सुविधाएं: कैनल के भीतर वेंटिलेशन, पीने के पानी और प्रकाश की उचित व्यवस्था सुनिश्चित करने को कहा गया।
- नियमित रिपोर्टिंग: अधिकारियों को सेंटर की गतिविधियों और निर्माण कार्य की प्रगति की साप्ताहिक रिपोर्ट प्रस्तुत करने के निर्देश दिए गए।
- जन-शिकायत निवारण: नगर आयुक्त ने कहा कि शहर के विभिन्न वार्डों से आवारा कुत्तों की आ रही शिकायतों के आधार पर प्रभावी कार्रवाई की जाए।
व्यवस्थित प्रबंधन की ओर बढ़ते कदम
देहरादून नगर निगम का लक्ष्य शहर को आवारा पशुओं की समस्या से मुक्त करना और साथ ही पशुओं के प्रति संवेदनशील प्रबंधन सुनिश्चित करना है। केदारपुर एबीसी सेंटर का यह निरीक्षण दर्शाता है कि प्रशासन केवल कागजों पर नहीं, बल्कि धरातल पर भी सुविधाओं में सुधार का इच्छुक है। निर्माणाधीन डॉग कैनल के पूरा होने के बाद, नगर निगम के पास आवारा कुत्तों के प्रबंधन के लिए बेहतर और अधिक व्यवस्थित बुनियादी ढांचा उपलब्ध होगा।
शहरवासियों की उम्मीद है कि इस सेंटर के प्रभावी संचालन से न केवल कुत्तों के काटने की घटनाओं में कमी आएगी, बल्कि लावारिस पशुओं को भी बेहतर जीवन और चिकित्सा मिल सकेगी।
