Aapki Media AI
देहरादून, 21 मई, 2026: वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) देहरादून के कुशल नेतृत्व और "ऑपरेशन प्रहार" के अंतर्गत देहरादून की राजपुर थाना पुलिस और एसओजी (SOG) की संयुक्त टीम को एक बहुत बड़ी सफलता हाथ लगी है। पुलिस ने राजधानी के पॉश इलाके जाखन में ठीक एक वर्ष पूर्व हुई सनसनीखेज हत्या की घटना का न केवल पर्दाफाश किया है, बल्कि इस वारदात को अंजाम देने वाले पश्चिमी उत्तर प्रदेश के बेहद कुख्यात और शातिर शार्प शूटर को भी सलाखों के पीछे पहुंचा दिया है।
जांच में जो तथ्य सामने आए हैं, उसने रिश्तों को एक बार फिर शर्मसार कर दिया है। करोड़ों रुपये की बेशकीमती जमीनों और संपत्तियों के विवाद में मृतक के सगे सौतेले भाई ने ही मुजफ्फरनगर के इस इनामी और खूंखार कॉन्ट्रैक्ट किलर (सुपारी किलर) को भाई की हत्या का जिम्मा सौंपा था। इस पूरी खूनी साजिश में शूटर ने अपनी प्रेमिका का सहारा लेकर बेहद शातिर तरीके से वारदात को आत्महत्या का रूप देने की कोशिश की थी, लेकिन कानून के लंबे हाथों से वह बच नहीं सका।
क्या थी घटना: जाखन के बंद कमरे में मिला था अजय बटेजा का शव
इस सनसनीखेज मामले का घटनाक्रम 26 मई 2025 से शुरू होता है। उस दिन वादी श्री जतिन कुमार (निवासी: जीएमएस रोड, देहरादून) ने थाना राजपुर में एक लिखित तहरीर दी थी। शिकायत में बताया गया था कि उनके ममेरे भाई अजय बटेजा (निवासी: 58/1, कृष्णा विहार, जाखन, देहरादून) की उनके ही घर के भीतर किसी अज्ञात व्यक्ति द्वारा बेरहमी से हत्या कर दी गई है।
तहरीर के आधार पर तत्काल कार्रवाई करते हुए थाना राजपुर में भारतीय न्याय संहिता की धारा 103 (BNS - हत्या) के तहत मुकदमा अपराध संख्या 101/2025 पंजीकृत कर तफ्तीश शुरू की गई। शुरुआत में कोई पुख्ता सबूत न होने के कारण मामला पूरी तरह अंधा (Blind Murder Case) बना हुआ था।
सर्विलांस और सीसीटीवी से खुला राज; मुजफ्फरनगर के खालापार से दबोचा गया शूटर
मामले की गंभीरता और राजधानी में हुए इस वीआईपी मर्डर को देखते हुए एसएसपी देहरादून ने तत्काल राजपुर थाने के साथ-साथ एसओजी को भी टास्क सौंपा।
- टेक्निकल सर्विलांस की मदद: पुलिस टीम ने घटना के समय और उससे पहले के सैकड़ों मोबाइल नंबरों के डंप डेटा, सर्विलांस मैपिंग और जाखन व मसूरी रोड के तमाम सीसीटीवी (CCTV) कैमरों के फुटेज खंगाले।
- मुखबिर तंत्र सक्रिय: इसी दौरान पुलिस के मुखबिर तंत्र से सूचना मिली कि घटना वाली रात मुजफ्फरनगर के एक कुख्यात और शातिर हिस्ट्रीशीटर को जाखन इलाके में देखा गया था।
- दबिश और गिरफ्तारी: सटीक जानकारी के आधार पर देहरादून पुलिस की एक विशेष टीम ने उत्तर प्रदेश के जनपद मुजफ्फरनगर के खालापार इलाके में घेराबंदी कर दबिश दी। पुलिस ने वहां से संदिग्ध राजन उर्फ जैकी को हिरासत में लिया और कड़े सुरक्षा घेरे में देहरादून के राजपुर थाने लाया गया। यहां हुई मनोवैज्ञानिक और कड़ाई से पूछताछ में शातिर अपराधी टूट गया और उसने अपना जुर्म कबूल कर लिया।
अजय बटेजा हत्याकांड और सुपारी किलिंग का मुख्य विवरण
| जांच और घटना के मुख्य बिंदु | पुलिस तफ्तीश और अभियुक्त के बयान का विवरण |
| हत्याकांड का मुख्य मास्टरमाइंड | अमित बटेजा (मृतक अजय बटेजा का सगा सौतेला भाई) - वर्तमान में वांछित। |
| सुपारी का सौदा और डील | जाखन स्थित करोड़ों की प्रॉपर्टी का आधा हिस्सा और पुराने केस से नाम हटाना। |
| हत्या का तरीका (Modus Operandi) | प्रेमिका के जरिए ज्यादा शराब पिलाई, फिर तकिये से मुंह और गला दबाकर मार डाला। |
| गिरफ्तार शूटर / मुख्य आरोपी | राजन उर्फ जैकी (उम्र 36 वर्ष), निवासी: रामपुर मनिहारान, सहारनपुर (यूपी)। |
| हत्या का मुख्य कारण | देहरादून और मसूरी में स्थित मृतक की करोड़ों रुपये की पैतृक और स्वअर्जित संपत्तियां। |
स्वीकारोक्ति: "करोड़ों की जायदाद अकेले उड़ा रहा था भाई, इसलिए रास्ते से हटाया"
राजपुर पुलिस की पूछताछ में गिरफ्तार शूटर राजन उर्फ जैकी ने जो कहानी बयां की, वह किसी फिल्मी स्क्रिप्ट जैसी है। जैकी ने बताया कि वह मृतक अजय बटेजा और उसके सौतेले भाई अमित बटेजा को पिछले कई वर्षों से जानता था।
मसूरी के कॉटेज में रची गई साजिश:
अजय बटेजा अत्यधिक शराब पीने का आदी था और अविवाहित होने के कारण उसके पास देहरादून व मसूरी में कई बेशकीमती संपत्तियां थीं। 23 मई 2025 को सौतेला भाई अमित बटेजा, शूटर जैकी को अपने भाई अजय और दो अन्य महिलाओं के साथ मसूरी स्थित अपना एक कॉटेज दिखाने ले गया। वहां अमित ने जैकी से दर्द रोया कि:
"अजय के पास जो भी प्रॉपर्टी है, उसमें मेरे पिता का भी पैसा लगा है। मैंने कई बार उससे अपना जायज हिस्सा मांगा, लेकिन वह मुझे एक रुपया नहीं दे रहा और सारी संपत्ति और पैसा अय्याशी और शराब में लुटा रहा है।"
प्रॉपर्टी का आधा हिस्सा और केस से राहत का मिला ऑफर:
अमित बटेजा ने भाई को रास्ते से हटाने के एवज में शूटर जैकी को जाखन स्थित कीमती प्रॉपर्टी में से आधा हिस्सा सीधे अपने नाम ट्रांसफर करने का लिखित और मौखिक वादा किया। इसके साथ ही, सहारनपुर के नकुड़ में हुए एक पुराने गोलीकांड में (जिसमें जैकी मुख्य आरोपी था) अमित ने अपने रसूख के दम पर जैकी का नाम पुलिस फाइल से हटवाने का भरोसा दिया। इस बड़े ऑफर के लालच में आकर पेशेवर अपराधी जैकी मर्डर के लिए तैयार हो गया।
वारदात की रात: प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया का लिया सहारा, डीवीआर लेकर भागा
योजना के मुताबिक, 25 मई 2025 को जैकी अपनी प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया के साथ सहारनपुर में अमित बटेजा से मिला, जहां मर्डर का फाइनल ब्लूप्रिंट तैयार हुआ। उसी रात जैकी, उसकी प्रेमिका जोया, मास्टरमाइंड अमित बटेजा और एक अन्य साथी नीरज (जिसे इस मर्डर प्लान की कोई भनक नहीं थी) देहरादून पहुंचे। ये लोग अपने एक घायल दोस्त अक्षय को देखने के बहाने आए थे जो मैक्स अस्पताल में भर्ती था।
शराब पिलाई और तकिये से घोंट दिया दम:
रात्रि में ये सभी जाखन स्थित अजय बटेजा के घर पर ही रुके। प्लान के अनुसार, जैकी ने अपनी प्रेमिका जोया को अजय बटेजा के कमरे में छोड़ दिया ताकि वह उस पर शक न करे और खुद अमित व नीरज को लेकर बाहर गाड़ी में शराब पीने चला गया। रात करीब 1.00 बजे अमित बटेजा ने नीरज को बहाने से गाड़ी में ही रोके रखा और शूटर जैकी अकेले घर के अंदर दाखिल हुआ।
कमरे में जोया की मदद से अजय बटेजा को अत्यधिक मात्रा में शराब पिलाई गई। जैसे ही अजय पूरी तरह नशे में धुत होकर बेसुध हुआ, जैकी ने मौका पाकर तकिये से उसका मुंह और नाक कसकर दबा दी। शराब के अत्यधिक नशे के कारण अजय चाहकर भी छटपटा नहीं पाया और कुछ ही मिनटों में घुटकर उसकी मौत हो गई।
आत्महत्या का रूप देने की थी कोशिश:
हत्या के बाद शातिर शूटर जैकी ने अजय के शव को पंखे से लटकाने की कोशिश की ताकि पुलिस इसे आत्महत्या समझे। लेकिन जल्दबाजी और डर के कारण वह शव को ऊपर नहीं टांग सका। इसी बीच उसकी नजर कमरे के बाहर लगे सीसीटीवी कैमरे पर पड़ी। पकड़े जाने के डर से वह कंप्यूटर टेबल से सीसीटीवी की डीवीआर (DVR) उखाड़कर अपने साथ ले गया। इसके बाद वह जोया के साथ ऑटो से आईएसबीटी पहुंचा और बस पकड़कर सहारनपुर फरार हो गया।
कुख्यात शूटर राजन उर्फ जैकी की लंबी आपराधिक कुंडली
गिरफ्तार अभियुक्त राजन उर्फ जैकी सहारनपुर का घोषित हिस्ट्रीशीटर (A-Category) है। उस पर उत्तर प्रदेश के शामली, सहारनपुर, मुजफ्फरनगर और कर्नलगंज सहित विभिन्न जनपदों में गुंडा एक्ट, गैंगस्टर, लूट और रंगदारी के 21 से अधिक संगीन मामले दर्ज हैं। उसकी आपराधिक हिस्ट्री इस प्रकार है:
- हिस्ट्रीशीटर नंबर 4/बी: थाना रामपुर मनिहारान, जिला सहारनपुर (यूपी)।
- गैंगस्टर एक्ट के मुकदमे: मु०अ०सं० 486/2012 (थाना झिझाना, शामली) एवं मु०अ०सं० 212/2022 (थाना रामपुर मनिहारान)।
- जानलेवा हमले (धारा 307/308 IPC): शामली और सहारनपुर के विभिन्न थानों में हाफ मर्डर और पुलिस टीम पर हमले के 5 से अधिक केस दर्ज।
- गुंडा एक्ट और जिला बदर: साल 2010 और 2021 में उत्तर प्रदेश गुंडा नियंत्रण अधिनियम के तहत कार्रवाई और फरवरी 2022 में जिला सहारनपुर की सीमा से जिला बदर किया गया।
- 85 लाख की संपत्ति कुर्क: वर्ष 2022 में जिलाधिकारी सहारनपुर के आदेश पर गिरोहबंद एवं असामाजिक क्रियाकलाप निवारण अधिनियम के तहत जैकी द्वारा अवैध रूप से अर्जित की गई 85 लाख रुपये की चल-अचल संपत्ति को कुर्क (Seize) किया जा चुका है।
- हालिया अपराध (2025): मु०अ०सं० 0089/2025 के तहत थाना कैराना (शामली) में घर में घुसकर जानलेवा हमला करने और रंगदारी वसूलने का ताजा मामला दर्ज।
पुलिस टीम को नकद पुरस्कार; फरार आरोपियों की तलाश में दबिश
साल भर पुराने इस बेहद पेचीदा और अंधे कत्ल के सफल अनावरण पर पुलिस विभाग में खुशी का माहौल है।
- आईजी गढ़वाल की घोषणा: पुलिस महानिरीक्षक (IG) गढ़वाल परिक्षेत्र द्वारा बेहतरीन कप्तानी और तफ्तीश के लिए राजपुर पुलिस व एसओजी टीम को 5,000 रुपये के नकद पुरस्कार की घोषणा की गई है।
- एसएसपी देहरादून का इनाम: इसके साथ ही वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक देहरादून द्वारा टीम के उत्साहवर्धन हेतु 2,500 रुपये का अतिरिक्त नकद पुरस्कार देने की घोषणा की गई है।
वांछितों की तलाश:
पुलिस ने बताया कि मामले के मुख्य सूत्रधार और सौतेले भाई अमित बटेजा तथा शूटर की प्रेमिका हुमेरा उर्फ जोया की गिरफ्तारी अभी शेष है। दोनों आरोपियों के संभावित ठिकानों पर देहरादून पुलिस और यूपी पुलिस की टीमें लगातार दबिश दे रही हैं और जल्द ही उन्हें भी गिरफ्तार कर लिया जाएगा।
सफलता पाने वाली जांबाज पुलिस एवं एसओजी टीम
इस ब्लाइंड मर्डर केस को खोलने वाली टीम के मुख्य हीरो निम्नलिखित हैं:
थाना राजपुर पुलिस टीम:
- उ०नि० पी०डी० भट्ट (थानाध्यक्ष, राजपुर)
- उ०नि० प्रवेश रावत (वरिष्ठ उपनिरीक्षक - SSI, थाना राजपुर)
- उ०नि० अनित कुमार
- कानि० विशाल कुमार
- एसओजी (SOG) देहरादून टीम:
- कानि० विपिन कुमार
- कानि० अमित
- कानि० आशीष शर्मा
देवभूमि में भाड़े के किलरों के लिए कोई जगह नहीं
देहरादून का यह अजय बटेजा हत्याकांड यह साबित करता है कि प्रॉपर्टी का लालच किस कदर इंसान को अंधा बना देता है कि वह अपने ही भाई के खून का प्यासा हो जाता है। पश्चिमी उत्तर प्रदेश के कुख्यात अपराधियों और शूटरों का देहरादून आकर ऐसी घटनाओं को अंजाम देना निश्चित रूप से उत्तराखंड पुलिस के लिए एक बड़ी चुनौती है।
लेकिन "ऑपरेशन प्रहार" के तहत एसएसपी देहरादून और राजपुर पुलिस ने जिस तरह कड़ियों से कड़ियां जोड़कर इस ब्लाइंड केस को खोला है, उसने साफ कर दिया है कि अपराधी चाहे कितना भी शातिर क्यों न हो, वह कानून की नजरों से बच नहीं सकता। ८५ लाख की संपत्ति कुर्की और दो दर्जन मुकदमों वाले इस कुख्यात शूटर की गिरफ्तारी से न केवल देहरादून में अपराधियों के हौसले पस्त होंगे, बल्कि आम जनमानस में पुलिस की कार्यप्रणाली के प्रति विश्वास और मजबूत होगा।
