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देहरादून, 13 मई, 2026: राजधानी देहरादून के पॉश इलाके डालनवाला में हुए सनसनीखेज विक्रम शर्मा हत्याकांड में देहरादून पुलिस और स्पेशल टास्क फोर्स (STF) उत्तराखण्ड को एक बड़ी सफलता हाथ लगी है। घटना के बाद से ही पुलिस को चकमा दे रहे ₹1 लाख के इनामी अभियुक्त यशराज सिंह को संयुक्त टीम ने उत्तर प्रदेश के सहारनपुर से गिरफ्तार कर लिया है। अभियुक्त न केवल इस हत्याकांड की साजिश का हिस्सा था, बल्कि शूटरों को फंडिंग करने और उनके रहने-खाने का इंतजाम करने का मुख्य सूत्रधार भी था।
एसएसपी देहरादून ने बताया कि अभियुक्त अपनी गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा था और हाल ही में पश्चिम बंगाल से लौटकर वकीलों से मशविरा करने सहारनपुर पहुंचा था, जहां पुलिस ने उसे दबोच लिया।
घटना का बैकग्राउंड: जिम के बाहर दिनदहाड़े हुई थी हत्या
मामला 13 फरवरी, 2026 का है, जब राजपुर रोड स्थित सिल्वर सिटी के पास एक जिम से बाहर निकलते समय विक्रम शर्मा की अज्ञात बदमाशों ने अंधाधुंध गोलियां मारकर हत्या कर दी थी। इस घटना से पूरे शहर में दहशत फैल गई थी।
- मुकदमा: थाना डालनवाला पर मु0अ0सं0 30/2026 दर्ज कर जांच शुरू की गई।
- झारखंड कनेक्शन: विवेचना के दौरान खुलासा हुआ कि हत्या की साजिश झारखंड के जमशेदपुर (टाटानगर) में रची गई थी और शूटर भी वहीं से आए थे।
- पूर्व गिरफ्तारियां: पुलिस इस मामले में पहले ही दो अभियुक्तों (जिनमें यशराज के पिता राजकुमार भी शामिल हैं) को जेल भेज चुकी थी, लेकिन 6 मुख्य आरोपी फरार चल रहे थे।
ऑपरेशन सहारनपुर: ₹1 लाख का इनाम और गिरफ्तारी
फरार चल रहे 06 अभियुक्तों पर पुलिस महानिदेशक द्वारा ₹1-1 लाख का इनाम घोषित किया गया था। एसटीएफ और देहरादून पुलिस की टीमें लगातार झारखंड, पश्चिम बंगाल और दिल्ली में दबिश दे रही थीं।
- सटीक सूचना: 12 मई, 2026 को मुखबिर से सूचना मिली कि इनामी बदमाश यशराज सिंह अपने पिता के वकील से मिलने के बाद सहारनपुर पहुंचा है।
- घेराबंदी: पुलिस टीम ने रेलवे रोड सहारनपुर स्थित होटल सूर्य लोक के सामने जाल बिछाया और अभियुक्त यशराज सिंह को सफलतापूर्वक गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार अभियुक्त और अपराध का विवरण
| विवरण | जानकारी |
| नाम | यशराज सिंह (उम्र 23 वर्ष) |
| पिता का नाम | राजकुमार सिंह |
| पता | बागबेड़ा, जमशेदपुर, जिला पूर्वी सिंहभूम, झारखण्ड |
| इनामी राशि | ₹1,00,000 (एक लाख रुपये) |
| गिरफ्तारी स्थल | रेलवे रोड, सहारनपुर (उत्तर प्रदेश) |
| मुख्य भूमिका | साजिशकर्ता और लॉजिस्टिक/फंडिंग मैनेजर |
पूछताछ में सनसनीखेज खुलासा: 'भिकाजी नमकीन' सप्लायर से बना अपराधी
पुलिस की पूछताछ में यशराज ने जो खुलासे किए, वे चौंकाने वाले हैं। उसने बताया कि वह टाटानगर स्टेशन पर दुकानों में नमकीन और बिस्किट सप्लाई का काम करता था, लेकिन अपराध की दुनिया के लालच में उसने विशाल सिंह के साथ हाथ मिला लिया।
साजिश की कहानी:
- दिल्ली-नोएडा में फेल हुए प्रयास: अभियुक्तों ने विक्रम शर्मा को दिसंबर 2025 में नोएडा और दिल्ली में भी मारने की कोशिश की थी, लेकिन भीड़ और सुरक्षा के कारण वे सफल नहीं हो पाए।
- देहरादून में रेकी: साजिशकर्ताओं ने अंकित वर्मा को विक्रम की दिनचर्या जानने के लिए कई बार देहरादून भेजा। अंकित ने ही बताया कि विक्रम सुबह जिम अकेले जाता है और वही वक्त हमले के लिए सही है।
- फंडिंग का डिजिटल ट्रेल: यशराज ने ही शूटर आकाश प्रसाद को रांची से दिल्ली की फ्लाइट का टिकट पेटीएम (Paytm) के जरिए कराया था। होटलों के बिल, स्कूटी का किराया और रास्ते के खर्च का भुगतान भी यूपीआई (UPI) के माध्यम से किया गया था।
पिता-पुत्र की जोड़ी और स्कॉर्पियो का इस्तेमाल
हत्याकांड में यशराज के पिता राजकुमार सिंह की भी अहम भूमिका रही। हालांकि यशराज अपनी मां की बीमारी के कारण खुद मौके पर नहीं आ सका, लेकिन उसने अपने पिता की स्कॉर्पियो (JH05DZ5517) शूटरों को उपलब्ध कराई। घटना को अंजाम देने के लिए शूटरों ने स्कूटी और मोटरसाइकिल का इस्तेमाल किया, जिसका भुगतान 'सारिका ट्रेडर्स' के खाते से (जो उसके पिता से संबंधित है) किया गया था।
गिरफ्तारी से बचने के लिए पश्चिम बंगाल में ली शरण
13 फरवरी को हत्या को अंजाम देने के बाद विशाल सिंह ने यशराज को सफलता की सूचना दी, जिसके बाद पूरा गिरोह फरार हो गया। यशराज पुलिस से बचने के लिए पश्चिम बंगाल के खड़गपुर में अपनी बुआ के घर छिप गया था। वह वहां से वकीलों के संपर्क में था ताकि कानूनी रास्ते से बच सके, लेकिन पुलिस की सतर्कता ने उसके मंसूबों पर पानी फेर दिया।
सराहनीय कार्य करने वाली संयुक्त टीम
इस हाई-प्रोफाइल केस को सुलझाने वाली टीम के मुख्य सदस्य:
- निरीक्षक संतोष सिंह कुंवर: प्रभारी निरीक्षक, डालनवाला (नेतृत्वकर्ता)
- उ0नि0 नरोत्तम सिंह बिष्ट: STF देहरादून
- अ0उ0नि0 हितेश कुमार: STF देहरादून
- हे0का0 प्रमोद सिंह व किरन कुमार: STF/SOG
- का0 देवेन्द्र कुमार: SOG नगर
शेष फरार आरोपियों के लिए चेतावनी
यशराज सिंह की गिरफ्तारी देहरादून पुलिस के लिए एक बड़ी मनोवैज्ञानिक जीत है। ₹1 लाख के इनामी बदमाश के पकड़े जाने से अब इस हत्याकांड के अन्य फरार 5 आरोपियों (विशाल, आकाश प्रसाद, अंकित वर्मा, जितेन्द्र साहू और मोहित) तक पहुंचने का रास्ता साफ हो गया है। एसएसपी देहरादून ने स्पष्ट किया है कि अपराध करके कोई भी अपराधी कानून के लंबे हाथों से बच नहीं सकता, चाहे वह देश के किसी भी कोने में छिप जाए।
अभियुक्त को कोर्ट में पेश कर पुलिस रिमांड की मांग करेगी ताकि हत्या में प्रयुक्त हथियारों और अन्य फरार साथियों के सटीक ठिकानों का पता लगाया जा सके।
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