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देहरादून: स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का सीएचसी रायपुर पर औचक निरीक्षण; ड्यूटी पर मुस्तैद मिले डॉक्टर्स


Aapki Media AI


देहरादून, 22 मई, 2026: उत्तराखंड सरकार के स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल आज अचानक पूरे एक्शन मोड में नजर आए। प्रदेश की स्वास्थ्य व्यवस्थाओं को चुस्त-दुरुस्त करने और सरकारी दावों की जमीनी हकीकत परखने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने शुक्रवार को राजधानी देहरादून के रायपुर स्थित सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र (CHC रायपुर) का औचक निरीक्षण (Surprise Inspection) किया। वीआईपी प्रोटोकॉल और बिना किसी पूर्व सूचना के सुबह-सुबह अस्पताल पहुंचे कैबिनेट मंत्री को देखकर वहां मौजूद स्टाफ और प्रशासनिक अधिकारियों में हड़कंप मच गया।

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल का सीएचसी रायपुर पर औचक निरीक्षण; ड्यूटी पर मुस्तैद मिले डॉक्टर्स


राहत की बात यह रही कि औचक निरीक्षण के दौरान अस्पताल के सभी चिकित्सक (Doctors) और पैरामेडिकल स्टाफ अपनी ड्यूटी पर पूरी तरह मुस्तैद और उपस्थित पाए गए। स्वास्थ्य मंत्री ने खुद एक-एक वार्ड और काउंटर पर जाकर मरीजों को दी जा रही चिकित्सा सुविधाओं का सूक्ष्मता से अवलोकन किया और तीमारदारों से फीडबैक लिया।

पर्चा काउंटर से लेकर इमरजेंसी तक का लिया जायजा; मरीजों से पूछा—"सुविधाएं कैसी मिल रही हैं?"

स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने सीएचसी रायपुर में प्रवेश करते ही सबसे पहले मरीजों की शुरुआती लाइन यानी पर्चा काउंटर (Registration Counter) का रुख किया। उन्होंने वहां टोकन सिस्टम और सीनियर सिटीजंस के लिए बनाई गई व्यवस्था को देखा।

इसके उपरांत स्वास्थ्य मंत्री ने क्रमशः निम्नलिखित विभागों का विस्तृत मुआयना किया:

  • ओपीडी (OPD) एवं विशेष ओपीडी: मंत्री ने जनरल ओपीडी के साथ-साथ शुक्रवार को अस्पताल में विशेष रूप से संचालित होने वाली ईसीजी (ECG) ओपीडी का भी गहन निरीक्षण किया और डॉक्टरों से प्रतिदिन आने वाले मरीजों की संख्या का चार्ट देखा।
  • दवा वितरण केंद्र (Pharmacy Area): फॉर्मासिस्ट काउंटर पर जाकर स्टॉक रजिस्टर चेक किया और यह देखा कि सरकार द्वारा अनुशंसित आवश्यक दवाएं स्टॉक में हैं या नहीं।
  • इमर्जेंसी एवं जनरल वार्ड: इमरजेंसी में तैनात स्टाफ की तैयारियों और बेड की उपलब्धता को परखा। उन्होंने वार्डों में भर्ती मरीजों के बेड पर जाकर उनसे सीधे संवाद किया और पूछा कि डॉक्टर समय पर राउंड पर आ रहे हैं या नहीं, और अस्पताल का व्यवहार कैसा है।

सीएचसी रायपुर में स्वास्थ्य मंत्री के निरीक्षण के मुख्य बिंदु और कड़े निर्देश 

 

निरीक्षण का क्षेत्र (Department)मौके पर पाई गई स्थितिस्वास्थ्य मंत्री द्वारा जारी कड़े दिशा-निर्देश
चिकित्सकों की उपस्थितिसभी डॉक्टर और मेडिकल स्टाफ ड्यूटी पर तैनात मिले।ड्यूटी के प्रति पूरी निष्ठा, समयबद्धता और संवेदनशीलता बनाए रखें।
दवाइयों की उपलब्धताजेनेरिक एवं आवश्यक दवाइयों का स्टॉक उपलब्ध था।शून्य प्रिसक्रिप्शन नीति: एक भी मरीज को बाहर से दवा न खरीदनी पड़े।
स्वच्छता एवं साफ-सफाईसामान्य स्तर की सफाई पाई गई।अस्पताल परिसर के भीतर स्वच्छता के मानकों को और उच्च स्तर (VVIP) पर ले जाएं।
इंफ्रास्ट्रक्चर (नई बिल्डिंग)आधुनिक ब्लॉक का निर्माण कार्य प्रगति पर है।कार्यदायी संस्था के साथ मिलकर निर्माण में तेजी लाएं और आधुनिक संसाधन जुटाएं।

कड़ा अल्टीमेटम: "डॉक्टर पूरी निष्ठा से निभाएं अपना दायित्व, बाहर की दवाएं लिखना बंद करें"

निरीक्षण के दौरान स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल ने उपस्थित डॉक्टरों और अस्पताल प्रबंधन के साथ एक संक्षिप्त समीक्षा बैठक भी की। उन्होंने डॉक्टरों को उनके पेशे की गरिमा और सामाजिक जिम्मेदारी की याद दिलाते हुए कहा कि सरकारी अस्पतालों में समाज का सबसे गरीब और जरूरतमंद तबका इलाज के लिए आता है। ऐसे में चिकित्सकों का व्यवहार संवेदनशील और सहयोगात्मक होना चाहिए।

अस्पतालों के लिए जारी हुआ 'ज़ीरो-आउटसाइड प्रिसक्रिप्शन' का आदेश:

स्वास्थ्य मंत्री ने कड़े शब्दों में मुख्य चिकित्सा अधीक्षक और डॉक्टरों को निर्देश दिए कि अस्पताल में ऐसी व्यवस्था और दवाइयों का बफर स्टॉक सुनिश्चित किया जाए कि किसी भी गरीब मरीज को बाहर के मेडिकल स्टोर से दवा खरीदने की आवश्यकता न पड़े। उन्होंने चेतावनी दी कि यदि किसी मरीज या उसके तीमारदार ने बाहर की दवा लिखे जाने की शिकायत की, तो संबंधित डॉक्टर के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जाएगी। सरकार अस्पतालों को पर्याप्त बजट और दवाइयां दे रही है, इसलिए यह लाभ जनता तक पहुंचना चाहिए।

स्वच्छता व्यवस्था पर विशेष जोर; वार्डों में इंफेक्शन कंट्रोल के निर्देश

कैबिनेट मंत्री सुबोध उनियाल ने अस्पताल परिसर, शौचालयों और वार्डों में स्वच्छता व्यवस्था को और अधिक सुदृढ़ करने पर विशेष जोर दिया। उन्होंने कहा कि चिकित्सालयों में आने वाले मरीजों की रोग प्रतिरोधक क्षमता (Immunity) पहले से ही कमजोर होती है, ऐसे में अस्पताल परिसर में गंदगी होना संक्रमण (Infection) को आमंत्रण देने जैसा है।

उन्होंने आउटसोर्सिंग एजेंसी और सफाई कर्मियों के सुपरवाइजर को निर्देश दिए कि दिन में कम से कम तीन से चार बार वार्डों और गलियारों की 'मॉपिंग' और सैनिटाइजेशन सुनिश्चित किया जाए। वार्डों की खिड़कियों, चादरों की सफाई और डस्टबिन के उचित निस्तारण में कोई कोताही न बरती जाए।

रायपुर क्षेत्र के स्वास्थ्य ढांचे को मजबूत करने वाले 4 मुख्य बिंदु

सीएचसी रायपुर को भविष्य में एक बड़े सेटेलाइट अस्पताल के रूप में विकसित करने के लिए स्वास्थ्य मंत्री ने निम्नलिखित घोषणाएं और निर्देश किए:

  • निर्माणाधीन नई बिल्डिंग का अवलोकन: स्वास्थ्य मंत्री ने अस्पताल परिसर में ही तीव्र गति से बन रही आधुनिक मल्टीस्टोरी नई बिल्डिंग के निर्माण कार्य का मौके पर जाकर मुआयना किया।
  • आधुनिक संसाधनों का विस्तार: नई बिल्डिंग के चालू होने के बाद इसमें आधुनिक डायग्नोस्टिक लैब, डिजिटल एक्स-रे, एडवांस ईसीजी और अल्ट्रासाउंड जैसी जांच सुविधाएं एक ही छत के नीचे उपलब्ध कराई जाएंगी।
  • अस्पताल की कार्यक्षमता में होगा सुधार: नया भवन पूरी तरह से सेंट्रलाइज्ड और सुव्यवस्थित चिकित्सा सेवाओं से लैस होगा, जिससे रायपुर, मालदेवता, थानों और आसपास की लगभग 2 लाख की आबादी को सीधे लाभ मिलेगा और दून अस्पताल पर दबाव कम होगा।
  • समय पर मुफ्त जांच की गारंटी: स्वास्थ्य मंत्री ने विभाग के उच्चाधिकारियों को निर्देशित किया कि अस्पताल आने वाले प्रत्येक नागरिक को पैथोलॉजी जांच की रिपोर्ट समय पर मिले, ताकि उनका इलाज तुरंत शुरू किया जा सके।

अस्पताल के इंफ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प: आधुनिक स्वास्थ्य सुविधाएं देना सरकार का संकल्प

स्वास्थ्य मंत्री ने कहा कि मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी के नेतृत्व में राज्य सरकार उत्तराखंड के सुदूरवर्ती पहाड़ी इलाकों से लेकर मैदानी क्षेत्रों तक "राइट टू हेल्थ" (स्वास्थ्य का अधिकार) की परिकल्पना को साकार कर रही है। रायपुर सीएचसी की नई बिल्डिंग का निर्माण इसी संकल्प का हिस्सा है।

उन्होंने स्वास्थ्य महानिदेशालय के अधिकारियों को स्पष्ट किया कि नए भवन के सिविल कंस्ट्रक्शन का काम पूरा होते ही वहां आधुनिक चिकित्सा उपकरण, वेंटिलेटर बेड्स और अतिरिक्त डॉक्टरों की तैनाती का प्रस्ताव पहले से तैयार रखा जाए, ताकि बिल्डिंग हैंडओवर होते ही चिकित्सा सेवाएं शुरू की जा सकें।

धरातल पर सुधर रही स्वास्थ्य व्यवस्था; 'औचक निरीक्षण' से बना रहेगा खौफ

अक्सर सरकारी अस्पतालों को लेकर आम जनता में यह धारणा रहती है कि वहां डॉक्टर समय पर नहीं मिलते या दवाइयां बाहर की लिखी जाती हैं। लेकिन स्वास्थ्य मंत्री सुबोध उनियाल द्वारा शुक्रवार सुबह किए गए इस औचक निरीक्षण में सभी डॉक्टरों का मुस्तैद मिलना यह दर्शाता है कि शासन की कड़ाई का असर अब धरातल पर दिखने लगा है।

मंत्री द्वारा 'बाहर की दवा न लिखने' का सख्त निर्देश और निर्माणाधीन बिल्डिंग की प्रगति की स्वयं समीक्षा करना, रायपुर और आसपास के ग्रामीण इलाकों के मरीजों के लिए एक बड़ी राहत की खबर है। इस प्रकार के निरंतर औचक निरीक्षणों से न केवल प्रशासनिक तंत्र सजग रहता है, बल्कि आम जनता का सरकारी स्वास्थ्य सेवाओं के प्रति खोया हुआ विश्वास भी पुनर्जीवित होता है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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