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देहरादून, 14 मई, 2026: उत्तराखंड की खेल प्रतिभाओं, विशेषकर बालिकाओं के लिए धामी सरकार ने एक बड़ा और राहत भरा फैसला लिया है। प्रदेश की खेल मंत्री रेखा आर्या ने घोषणा की है कि लोहाघाट (चम्पावत) स्थित महिला स्पोर्ट्स कॉलेज में प्रवेश से वंचित रही मेधावी छात्राओं को 'स्पॉट ट्रायल' के माध्यम से एडमिशन का एक और मौका दिया जाएगा।
सचिवालय स्थित एफआरडीसी (FRDC) सभागार में आयोजित खेल विभाग की समीक्षा बैठक के दौरान मंत्री ने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए कि जानकारी के अभाव में कोई भी प्रतिभाशाली खिलाड़ी प्रवेश से वंचित नहीं रहनी चाहिए। इस निर्णय से प्रदेश की सैकड़ों उन छात्राओं को उम्मीद मिली है जो तकनीकी कारणों या सूचना की कमी की वजह से आवेदन नहीं कर पाई थीं।
लोहाघाट स्पोर्ट्स कॉलेज: 1 जुलाई से गूंजेगी सीटी, 16 पदों पर होगी भर्ती
समीक्षा बैठक के बाद मीडिया से रूबरू होते हुए खेल मंत्री रेखा आर्या ने बताया कि लोहाघाट स्पोर्ट्स कॉलेज को लेकर सरकार बेहद गंभीर है।
- हजारों आवेदन: अब तक इस कॉलेज के लिए 1000 से अधिक आवेदन प्राप्त हो चुके हैं, जो प्रदेश में महिला खेलों के प्रति बढ़ते उत्साह को दर्शाता है।
- स्पॉट ट्रायल की सुविधा: आवेदन की समय सीमा समाप्त होने के बावजूद, अब मेधावी छात्राएं सीधे ट्रायल स्थल पर पहुंचकर अपनी प्रतिभा का प्रदर्शन कर प्रवेश पा सकेंगी।
- नया सत्र और नियुक्तियां: कॉलेज में शैक्षणिक और खेल गतिविधियों के संचालन के लिए 16 नए पद सृजित किए गए हैं, जिन्हें जल्द भरा जाएगा। 1 जुलाई, 2026 से पहला आधिकारिक सत्र शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
हल्द्वानी खेल विश्वविद्यालय: इसी सत्र से शुरू होगी पढ़ाई
उत्तराखंड के पहले खेल विश्वविद्यालय (Sports University) को लेकर भी बैठक में महत्वपूर्ण निर्णय लिया गया। हल्द्वानी में निर्माणाधीन इस विश्वविद्यालय की कक्षाएं इसी वर्तमान सत्र से शुरू करने के निर्देश दिए गए हैं। मंत्री ने अधिकारियों को ताकीद की है कि बुनियादी ढांचे और स्टाफ से जुड़ी सभी तैयारियां समय रहते पूरी कर ली जाएं, ताकि खिलाड़ियों को उच्च स्तरीय खेल शिक्षा के लिए राज्य से बाहर न जाना पड़े।
खेल विभाग की समीक्षा बैठक के मुख्य निर्णय
| योजना / विषय | मुख्य निर्णय | कार्यान्वयन की तिथि |
| महिला स्पोर्ट्स कॉलेज, लोहाघाट | स्पॉट ट्रायल के माध्यम से प्रवेश का अतिरिक्त अवसर। | 1 जुलाई से सत्र प्रारंभ |
| खेल विश्वविद्यालय, हल्द्वानी | इसी शैक्षणिक सत्र से कक्षाएं शुरू करने के निर्देश। | वर्तमान सत्र 2026 |
| 38वें राष्ट्रीय खेल | पदक विजेताओं को 'आउट ऑफ टर्न' जॉब की प्रक्रिया तेज। | इसी वर्ष विज्ञप्ति जारी होगी |
| स्पोर्ट्स हॉस्टल | खेल नर्सरी (Sports Nursery) के रूप में विकास। | पायलट प्रोजेक्ट इसी वर्ष |
| नई नीति | 'वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट' (One District One Sport) लागू। | तत्काल प्रभाव से |
राष्ट्रीय खेलों की तैयारी: पदक लाओ, नौकरी पाओ
उत्तराखंड में होने वाले 38वें राष्ट्रीय खेलों के लिए सरकार ने अपनी रणनीति साझा की है।
- आउट ऑफ टर्न जॉब: पदक विजेता खिलाड़ियों को सीधे सरकारी नौकरी (Out of Turn Job) देने की प्रक्रिया को गति देने के निर्देश दिए गए हैं। खेल मंत्री ने इसके लिए मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी से बैठक का समय मांगा है ताकि इसी साल इसकी विज्ञप्ति जारी की जा सके।
- हाई-टेक ट्रेनिंग और डाइट: खिलाड़ियों के प्रशिक्षण शिविर (Training Camps), रहने-खाने की व्यवस्था और बेहतर डाइट सुनिश्चित करने के लिए शासन से अतिरिक्त बजट की मांग की गई है। लक्ष्य यह है कि उत्तराखंड राष्ट्रीय खेलों की पदक तालिका में शीर्ष स्थान प्राप्त करे।
वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट: हर जिले की होगी अपनी पहचान
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के विजन को आगे बढ़ाते हुए खेल मंत्री ने बताया कि उत्तराखंड में 'वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट' (ODOS) की नीति तय कर दी गई है।
- 13 जिले, 13 खेल: प्रदेश के सभी 13 जनपदों के लिए वहां की भौगोलिक स्थिति और प्रतिभा के आधार पर एक-एक खेल का चयन किया गया है। इससे जिलों में खेल विशेष के लिए बुनियादी ढांचा तैयार करने में आसानी होगी।
- खेल नर्सरी का कॉन्सेप्ट: प्रदेश के मौजूदा स्पोर्ट्स हॉस्टलों को अब 'खेल नर्सरी' के रूप में विकसित किया जाएगा। इसका पायलट प्रोजेक्ट इसी साल शुरू हो जाएगा, जिससे बचपन से ही खिलाड़ियों को तराशा जा सकेगा।
उत्तराखंड खेल जगत के लिए 5 बड़ी घोषणाएं
- छात्राओं को संजीवनी: लोहाघाट स्पोर्ट्स कॉलेज में सीधे ट्रायल (Spot Trial) देकर प्रवेश लेने का सुनहरा मौका।
- भर्ती प्रक्रिया: स्पोर्ट्स कॉलेज में स्टाफ की कमी दूर करने के लिए 16 पदों पर तत्काल भर्ती के आदेश।
- एजुकेशन हब: हल्द्वानी खेल विश्वविद्यालय का संचालन शुरू होने से खिलाड़ियों को डिग्री और कोचिंग दोनों एक साथ मिलेंगे।
- खिलाड़ी कल्याण: पदक विजेताओं के लिए सरकारी नौकरी की राह आसान करने के लिए सीएम स्तर पर होगी फाइनल बैठक।
- बजट में बढ़ोतरी: राष्ट्रीय खेलों की तैयारी और खिलाड़ियों की डाइट के लिए अतिरिक्त फंड का प्रावधान।
खेलों के सुनहरे भविष्य की नींव
खेल मंत्री रेखा आर्या की इस समीक्षा बैठक ने यह स्पष्ट कर दिया है कि उत्तराखंड सरकार खेलों को केवल मनोरंजन नहीं, बल्कि करियर और गौरव के रूप में देख रही है। लोहाघाट से लेकर हल्द्वानी तक, खेल के बुनियादी ढांचे को मजबूत करना और खिलाड़ियों को आर्थिक सुरक्षा (नौकरी के माध्यम से) प्रदान करना एक सराहनीय कदम है।
'वन डिस्ट्रिक्ट वन स्पोर्ट' नीति से ग्रामीण क्षेत्रों की छिपी हुई प्रतिभाओं को भी राष्ट्रीय मंच मिलने की उम्मीद जगी है। अब देखना यह होगा कि अधिकारी इन निर्देशों को धरातल पर कितनी तेजी से उतारते हैं।
