पौड़ी गढ़वाल को ₹110.55 करोड़ का महा-पैकेज: CM धामी ने किया आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण


Aapki Media AI


पौड़ी/देहरादून, 15 जून, 2026: उत्तराखण्ड के पर्वतीय क्षेत्रों के आधारभूत ढांचे (Infrastructure) को सुदृढ़ करने, युवाओं में वैज्ञानिक चेतना का संचार करने और राज्य की समृद्ध सांस्कृतिक लोक-परंपराओं को वैश्विक पहचान दिलाने की दिशा में सोमवार को एक नया स्वर्णिम अध्याय जुड़ गया। मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने अपने जनपद पौड़ी गढ़वाल के विधिवत भ्रमण के दौरान जिला मुख्यालय को ₹110.55 करोड़ की लागत वाली 19 महत्वपूर्ण विकास योजनाओं की अभूतपूर्व सौगात दी।

पौड़ी गढ़वाल को ₹110.55 करोड़ का महा-पैकेज: CM धामी ने किया आधुनिक विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण

मुख्यमंत्री ने श्रीनगर रोड पर जिला प्रशासन द्वारा अत्यधिक तकनीकी विजन के साथ विकसित किए गए 'आधुनिक विज्ञान संग्रहालय' (Modern Science Museum) का भव्य लोकार्पण किया और इसके उपरांत ऐतिहासिक रामलीला मैदान में आयोजित 'कंडोलिया पौड़ी महोत्सव' का शुभारंभ किया। देवभूमि की लोक संस्कृति का सम्मान करते हुए मुख्यमंत्री ने मंच से कंडोलिया महोत्सव को सरकारी कैलेंडर में शामिल करते हुए 'राजकीय महोत्सव' (State Festival) के रूप में मनाए जाने की विधिक घोषणा की। मुख्यमंत्री का यह दौरा सिद्ध करता है कि राज्य सरकार प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी के "विकास भी, विरासत भी" के मूल मंत्र को धरातल पर उतारने के लिए पूरी तरह प्रतिबद्ध है।


विज्ञान संग्रहालय का लोकार्पण: पुस्तकों से बाहर आकर प्रयोगात्मक शिक्षण की ओर बढ़ेंगे बच्चे


मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी ने श्रीनगर रोड स्थित जिला विज्ञान संग्रहालय का फीता काटकर विधिवत उद्घाटन किया। इस संग्रहालय को केवल एक पारंपरिक प्रदर्शनी स्थल के रूप में नहीं, बल्कि छात्रों के लिए एक 'नवाचार एवं अनुसंधान केंद्र' (Innovation and Research Center) के रूप में स्थापित किया गया है।


  1. इंटरएक्टिव मॉडलों का अवलोकन: मुख्यमंत्री ने संग्रहालय के भीतर स्थापित विभिन्न वैज्ञानिक सिद्धांतों पर आधारित इंटरएक्टिव मॉडलों, भौतिकी और रसायन शास्त्र के प्रयोगात्मक उपकरणों, अंतरिक्ष विज्ञान (Space Science), नवीकरणीय ऊर्जा (Renewable Energy) और पर्यावरण संरक्षण से संबंधित अत्याधुनिक वैज्ञानिक प्रदर्शनों का बारीकी से अवलोकन किया।
  2. छात्रों से सीधा संवाद: विभिन्न सरकारी और निजी विद्यालयों के छात्र-छात्राओं ने मुख्यमंत्री को स्वयं इन मॉडलों की कार्यप्रणाली (Working Mechanism) का प्रदर्शन करके दिखाया। बच्चों के इस वैज्ञानिक उत्साह को देखकर मुख्यमंत्री बेहद प्रभावित हुए और उन्होंने स्वयं कई प्रदर्शनियों में भाग लिया। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह केंद्र बच्चों में रटने की प्रवृत्ति को खत्म कर जिज्ञासा, अनुसंधान की भावना और विधिक वैज्ञानिक दृष्टिकोण (Scientific Temperament) विकसित करने में मील का पत्थर साबित होगा।

 

पौड़ी गढ़वाल विकास एवं विधिक नीतिगत सौगात मैट्रिक्स 2026


मुख्यमंत्री के भ्रमण के दौरान लोकार्पित एवं शिलान्यास की गई परियोजनाओं, सांख्यिकीय वित्तीय आवंटन और राज्य के कड़े विधायी सुधारों का संपूर्ण प्रशासनिक लेखा-जोखा इस तालिका में संकलित है:


विकास, विरासत एवं विधिक मानक (Parameters)राज्य सरकार का आधिकारिक डेटा / घोषणाएं (Financial & Legal Data)क्षेत्रीय एवं सामाजिक प्रभाव (Socio-Economic Impact)
कुल बजटीय सौगात (Total Budget)₹110.55 करोड़ की कुल 19 विकास योजनाएं।पौड़ी और श्रीनगर क्षेत्र के इन्फ्रास्ट्रक्चर का कायाकल्प।
शिलान्यास परियोजनाएं (Foundation)14 नई विकास योजनाओं का विधिक शिलान्यास।भविष्य की पेयजल, मार्ग और खेल आवश्यकताओं की पूर्ति।
लोकार्पण परियोजनाएं (Inauguration)05 पूर्ण हो चुकी योजनाओं का लोकार्पण (विज्ञान संग्रहालय सहित)।जनता को तत्काल आधुनिक शिक्षण और जनसुविधाओं का लाभ।
सांस्कृतिक विधिक घोषणाकंडोलिया महोत्सव को 'राजकीय महोत्सव' का दर्जा।लोक कला, पारंपरिक संगीत और पर्यटन को सरकारी वित्तीय मदद।
रोजगार एवं पारदर्शिता मानकदेश का सबसे सख्त नकल विरोधी कानून प्रभावी।पिछले 4 वर्षों में 33,000+ युवाओं को पारदर्शी सरकारी नौकरियां।
सुरक्षात्मक विधायी सुधारUCC, धर्मांतरण विरोधी, दंगा विरोधी व कड़ा भू-कानून।उत्तराखण्ड की मूल जनसांख्यिकी और सामाजिक सौहार्द की रक्षा।

कंडोलिया महोत्सव को राजकीय दर्जा: लोक संस्कृति और युवा प्रतिभाओं को मिलेगा वैश्विक मंच


कंडोलिया मंदिर में देवभूमि की परंपरा के अनुसार विधिवत पूजा-अर्चना कर प्रदेशवासियों की सुख-समृद्धि की कामना करने के बाद मुख्यमंत्री रामलीला मैदान में आयोजित कंडोलिया महोत्सव के मंच पर पहुंचे। विशाल जनसभा को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री ने कहा कि कंडोलिया महोत्सव उत्तराखण्ड की समृद्ध सांस्कृतिक विरासत, अद्वितीय लोक परंपराओं और हमारे पहाड़ों की छुपी हुई युवा प्रतिभाओं को एक नया मंच देने का सशक्त माध्यम है।


इसे राजकीय महोत्सव घोषित करने से अब इस मेले के आयोजन का पूरा वित्तीय और प्रशासनिक जिम्मा राज्य सरकार के संस्कृति विभाग का होगा, जिससे इसकी भव्यता और पर्यटन क्षमता में कई गुना वृद्धि होगी। मुख्यमंत्री ने कहा कि इन 110 करोड़ रुपये की परियोजनाओं के धरातल पर उतरने से स्थानीय नागरिकों के जीवन स्तर में गुणात्मक सुधार आएगा और पहाड़ों से होने वाले पलायन (Migration) पर प्रभावी रोक लगेगी।


कड़े कानूनों से सुरक्षित हो रहा देवभूमि का मूल स्वरूप: यूसीसी और दंगा रोधी कानून पर दोटूक


अपने संबोधन के दौरान मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी ने राज्य सरकार द्वारा पिछले चार वर्षों में लिए गए कड़े और ऐतिहासिक विधायी निर्णयों (Legislative Decisions) पर अपनी बात रखी। उन्होंने स्पष्ट किया कि उत्तराखण्ड की सनातन संस्कृति, सामाजिक समरसता और देवभूमि के मूल स्वरूप के साथ किसी भी प्रकार का समझौता नहीं किया जाएगा:


मुख्यमंत्री का कड़ा नीतिगत वक्तव्य:


"हमारी सरकार ने केवल बुनियादी ढांचे का विकास नहीं किया है, बल्कि देवभूमि की आत्मा की रक्षा के लिए देश के सबसे कड़े कानून बनाए हैं। समान नागरिक संहिता (UCC) लागू करने वाला उत्तराखण्ड देश का पहला राज्य है। इसके साथ ही, हमने देवभूमि की जनसांख्यिकी को बदलने की कोशिश करने वालों के खिलाफ धर्मांतरण विरोधी कानून (Anti-Conversion Law) और सार्वजनिक संपत्ति को नुकसान पहुंचाने वाले उपद्रवियों से पाई-पाई की वसूली के लिए सख्त दंगा विरोधी कानून (Anti-Riot Law) लागू किया है। हमारी सीमाओं और संस्कृति की रक्षा के लिए एक अत्यंत प्रभावी और सख्त भू-कानून (Land Law) लाने की तैयारी अंतिम चरण में है। हमारे युवाओं के भविष्य को सुरक्षित करने के लिए हमने देश का सबसे कड़ा नकल विरोधी कानून भी बनाया है, जिसके तहत पिछले 4 वर्षों में बिना किसी धांधली के 33 हजार से अधिक युवाओं को सरकारी नियुक्तियां दी जा चुकी हैं।"


 

पौड़ी-श्रीनगर क्षेत्र की कायाकल्प योजनाएं: बुनियादी ढांचे के 8 स्तंभ 


मुख्यमंत्री ने पौड़ी और श्रीनगर विधानसभा क्षेत्रों के भीतर तेजी से गतिमान और भविष्य में मील का पत्थर साबित होने वाली प्रमुख वृहद परियोजनाओं का विशेष रूप से उल्लेख किया, जो इस प्रकार हैं:


  • प्रदेश की पहली एनसीसी अकादमी (NCC Academy): क्षेत्र के युवाओं को सैन्य और अनुशासित प्रशिक्षण देने के लिए राज्य की पहली अत्याधुनिक एनसीसी अकादमी की स्थापना की जा रही है।
  • राष्ट्रीय प्रौद्योगिकी संस्थान (NIT Campus): सुमाड़ी में एनआईटी के स्थायी परिसर का निर्माण कार्य तीव्र गति से चल रहा है, जो उच्च तकनीकी शिक्षा का मुख्य केंद्र बनेगा।
  • सिंगटाली पुल (Singtali Bridge): क्षेत्र की दशकों पुरानी मांग को पूरा करते हुए सिंगटाली पुल का विधिक संरेखण और निर्माण कार्य आगे बढ़ाया जा रहा है, जो कनेक्टिविटी को नई परिभाषा देगा।
  • गंगा संस्कृति केंद्र (Ganga Culture Center): श्रीनगर क्षेत्र में मां गंगा की सांस्कृतिक महत्ता को प्रदर्शित करने वाले एक आधुनिक केंद्र का विकास किया जा रहा है।
  • मार्ग चौड़ीकरण और इंफ्रा: पौड़ी-श्रीनगर मुख्य मार्ग का चौड़ीकरण, आधुनिक झील निर्माण (Lake Construction) और ड्राइविंग टेस्ट ट्रैक का विकास किया जा रहा है ताकि कनेक्टिविटी और सुरक्षा दोनों सुनिश्चित हो सके।
  • ग्लोबल ब्रांडिंग व आर्थिकी: पहाड़ों की आर्थिकी को मजबूत करने के लिए 'हाउस ऑफ हिमालय' (House of Himalayas) ब्रांड, 'एक जनपद-दो उत्पाद योजना', 'मिलेट मिशन' (Millet Mission) और नई व्यावहारिक 'फिल्म व पर्यटन नीति' को प्रभावी ढंग से धरातल पर लागू किया गया है, जिससे स्थानीय होमस्टे (Homestays) व्यवसाय को भारी प्रोत्साहन मिल रहा है।

 

प्रशासनिक एवं राजनीतिक नेतृत्व की गरिमामयी उपस्थिति


इस ऐतिहासिक लोकार्पण और शिलान्यास समारोह के दौरान मंच पर उत्तराखण्ड शासन के कई वरिष्ठ जनप्रतिनिधि और प्रशासनिक अधिकारी उपस्थित रहे, जिनमें मुख्य रूप से:


  • स्थानीय विधायक राजकुमार पोरी, विधायक दलीप सिंह रावत
  • जिला पंचायत अध्यक्ष रचना बुटोला, नगर पालिकाध्यक्ष हिमानी नेगी, ब्लॉक प्रमुख अस्मिता नेगी
  • गौ सेवा आयोग के अध्यक्ष पं. राजेंद्र अण्थवाल
  • जिला प्रशासन की ओर से जिलाधिकारी पौड़ी स्वाति भदौरिया, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) सर्वेश पंवार और मुख्य विकास अधिकारी (CDO) अशोक जोशी सहित विभिन्न विभागों के जिला स्तरीय उच्चाधिकारी मौजूद थे।

 

समग्र विकास और नीतिगत दृढ़ता का नया कीर्तिमान


मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी का यह पौड़ी गढ़वाल दौरा केवल विकास योजनाओं के शिलान्यास तक सीमित नहीं है, बल्कि यह पर्वतीय क्षेत्रों के सर्वांगीण विकास (Holistic Development) के प्रति सरकार के विजन को प्रदर्शित करता है। जिला प्रशासन द्वारा विकसित आधुनिक विज्ञान संग्रहालय ग्रामीण और पर्वतीय अंचल के छात्रों के भीतर छिपे हुए 'डॉ. एपीजे अब्दुल कलाम' और 'सर सीवी रमन' जैसे वैज्ञानिकों को बाहर लाने का काम करेगा। पुस्तकों की रटंत विद्या से दूर होकर जब पहाड़ का बच्चा प्रैक्टिकल मॉडलों के जरिए अंतरिक्ष और पर्यावरण को समझेगा, तो राज्य का तकनीकी भविष्य स्वतः ही सुरक्षित हो जाएगा।


दूसरी ओर, कंडोलिया महोत्सव को राजकीय दर्जा देकर धामी सरकार ने यह सिद्ध कर दिया है कि आधुनिकता की अंधी दौड़ में वे राज्य की सांस्कृतिक जड़ों और लोक परंपराओं को ओझल नहीं होने देंगे। ₹110.55 करोड़ की 19 योजनाएं जब धरातल पर पूर्ण होंगी, तो वे रोजगार, पर्यटन और अवस्थापना विकास के नए द्वार खोलेंगी। यूसीसी, सख्त नकल विरोधी कानून और दंगा रोधी कानून जैसी नीतिगत दृढ़ता के साथ विकास को पहाड़ के अंतिम छोर तक पहुंचाने का मुख्यमंत्री का यह "अंत्योदय विजन" उत्तराखण्ड को वर्ष 2030 तक देश के अग्रणी और आदर्श राज्यों की श्रेणी में शीर्ष पर स्थापित करने की ओर पूरी गति से अग्रसर है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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