विकसित भारत रोजगार योजना: 19 जून को पीएम मोदी देश भर में बांटेंगे ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि; उत्तराखंड में सीएम धामी होंगे मुख्य अतिथि


Aapki Media AI


 देहरादून (प्रेस सूचना ब्यूरो)। देश के औपचारिक कार्यबल में सामाजिक सुरक्षा का दायरा बढ़ाने और युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसरों को सृजित करने की दिशा में केंद्र सरकार द्वारा एक बड़ा राष्ट्रीय कार्यक्रम आयोजित किया जा रहा है। आगामी 19 जून 2026 को नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित होने वाले एक भव्य समारोह में प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी 'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' (पीएमवीबीआरवाई) के तहत देश भर के पात्र कर्मचारियों और नियोक्ताओं को लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का डिजिटल वितरण करेंगे। इस महत्वाकांक्षी रोजगारोन्मुखी योजना का मूल उद्देश्य देश में औद्योगिक विकास को गति देना, युवाओं की रोजगार क्षमता में गुणात्मक वृद्धि करना तथा संगठित क्षेत्र में सामाजिक सुरक्षा कवरेज का विस्तार करना है।


विकसित भारत रोजगार योजना: 19 जून को पीएम मोदी देश भर में बांटेंगे ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि; उत्तराखंड में सीएम धामी होंगे मुख्य अतिथि


इस राष्ट्रीय कार्यक्रम के समानांतर, कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून द्वारा उत्तराखंड में भी व्यापक स्तर पर कार्यक्रमों का आयोजन किया जा रहा है। मुख्य प्रादेशिक समारोह राजधानी देहरादून के गढ़ी कैंट स्थित मुख्यमंत्री कैंप कार्यालय के 'मुख्य सेवक सदन' में आयोजित होगा। इसके साथ ही, राज्य के दो अन्य प्रमुख औद्योगिक केंद्रों—हरिद्वार और सेलाकुई में भी इसी प्रकार के समानांतर समारोहों का आयोजन किया जाएगा, जो नई दिल्ली के मुख्य कार्यक्रम से सीधे (लाइव) जुड़ेंगे।

उत्तराखंड के मुख्यमंत्री पुष्कर सिंह धामी होंगे मुख्य अतिथि, बांटे जाएंगे नियुक्ति पत्र

देहरादून के मुख्य सेवक सदन में आयोजित होने वाले राज्य स्तरीय समारोह को भव्य और प्रभावी बनाने के लिए व्यापक प्रशासनिक तैयारियां की गई हैं। इस कार्यक्रम में उत्तराखंड के मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी बतौर मुख्य अतिथि आमंत्रित किए गए हैं। मुख्यमंत्री के अतिरिक्त, समारोह में राज्य सरकार के कैबिनेट मंत्री, स्थानीय सांसद, विधायक, वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारी, विभिन्न औद्योगिक संगठनों के प्रतिनिधि, प्रमुख नियोक्ता (नियोजनकर्ता) और बड़ी संख्या में नवनियुक्त कर्मचारी व अन्य हितधारक प्रतिभाग करेंगे।

इस कार्यक्रम का एक सबसे महत्वपूर्ण व्यावहारिक पक्ष यह होगा कि इसके दौरान पीएमवीबीआरवाई (PMVBRY) योजना के अंतर्गत निजी और औपचारिक क्षेत्रों में नवनियुक्त किए गए उत्तराखंड के युवाओं को उनके नियोक्ताओं द्वारा आधिकारिक रूप से 'नियुक्ति पत्र' (Appointment Letters) वितरित किए जाएंगे। प्रशासन का मानना है कि यह कदम राज्य के युवाओं को औपचारिक रोजगार और भविष्य निधि (EPF) जैसी सामाजिक सुरक्षा प्रणालियों से जोड़ने की दिशा में एक ऐतिहासिक मील का पत्थर साबित होगा। इस राष्ट्रीय पहल की पहुँच और प्रभाव को व्यापक बनाने के लिए देश भर के 200 प्रमुख औद्योगिक क्षेत्रों व राज्यों की राजधानियों में ऐसे ही समानांतर कार्यक्रम आयोजित किए जा रहे हैं।

पीएमवीबीआरवाई योजना के मुख्य बजटीय प्रावधान और रोजगार सृजन का लक्ष्य

'प्रधानमंत्री विकसित भारत रोजगार योजना' भारत सरकार के श्रम एवं रोजगार मंत्रालय के अंतर्गत एक अत्यंत दूरगामी योजना है। विशेष रूप से विनिर्माण (Manufacturing) क्षेत्र में नए रोजगार सृजित करने और औद्योगिक इकाइयों को प्रोत्साहित करने के लिए इस योजना में कई अतिरिक्त वित्तीय लाभों का प्रावधान किया गया है।

योजना के दीर्घकालिक बजटीय और रणनीतिक लक्ष्य निम्नलिखित बिंदुओं के माध्यम से समझे जा सकते हैं:

  • विशाल बजटीय परिव्यय: केंद्र सरकार द्वारा इस योजना के सफल क्रियान्वयन के लिए कुल ₹99,446 करोड़ का भारी-भरकम बजटीय परिव्यय निर्धारित किया गया है।
  • रोजगार सृजन का अनुमान: इस विशाल बजट के माध्यम से मात्र दो वर्षों की अवधि के भीतर देश भर में 3.5 करोड़ से अधिक नए रोजगार अवसरों के सृजन का अनुमान लगाया गया है।
  • प्रथम बार प्रवेश करने वाले युवाओं को लाभ: इन कुल अवसरों में से लगभग 1.92 करोड़ ऐसे युवाओं को सीधे लाभ मिलने की संभावना है, जो अपने जीवन में पहली बार किसी औपचारिक या संगठित कार्यबल में प्रवेश कर रहे हैं।
  • योजना की प्रभावी समयावधि: इस महत्वाकांक्षी योजना का वित्तीय लाभ 1 अगस्त 2025 से लेकर 31 जुलाई 2027 के बीच सृजित होने वाले सभी नए रोजगारों और नियुक्तियों पर समान रूप से लागू होगा।

कर्मचारियों और नियोक्ताओं को मिलने वाले वित्तीय प्रोत्साहन के नियम

योजना को दो मुख्य भागों में विभाजित किया गया है—कर्मचारियों के लिए प्रत्यक्ष लाभ (भाग-ए) और अतिरिक्त रोजगार सृजित करने वाले नियोक्ताओं के लिए प्रोत्साहन (भाग-बी)।

1. नए कर्मचारियों के लिए प्रावधान (भाग-ए):

कर्मचारी भविष्य निधि संगठन (EPFO) में पहली बार पंजीकृत होने वाले और अधिकतम ₹1 लाख प्रतिमाह तक का वेतन प्राप्त करने वाले सभी पात्र कर्मचारियों को उनके एक माह के वेतन के बराबर (अधिकतम ₹15,000 तक) की प्रोत्साहन राशि प्रदान की जाएगी। यह राशि सीधे दो किश्तों में देय होगी। पहली किश्त संबंधित संस्थान में 6 महीने की निरंतर सेवा पूर्ण करने पर दी जाएगी, जबकि दूसरी किश्त 12 महीने की सेवा और एक अनिवार्य वित्तीय साक्षरता कार्यक्रम पूर्ण करने के उपरांत सीधे खाते में ट्रांसफर की जाएगी।

2. नियोक्ताओं (कंपनियों) के लिए प्रावधान (भाग-बी):

अपने प्रतिष्ठान में कर्मचारियों की संख्या बढ़ाने वाले नियोक्ताओं को प्रति अतिरिक्त कर्मचारी, प्रति माह ₹3,000 तक का वित्तीय प्रोत्साहन दो वर्षों की अवधि तक सरकार द्वारा प्रदान किया जाएगा। विनिर्माण (मैन्युफैक्चरिंग) क्षेत्र की कंपनियों के लिए इस लाभ की अवधि को बढ़ाकर तीसरे और चौथे वर्ष तक के लिए भी विस्तारित किया गया है। इसके लिए नियम तय किए गए हैं कि 50 से कम कर्मचारियों वाले छोटे प्रतिष्ठानों को अपने यहाँ कम से कम 2 नए कर्मचारियों और 50 या उससे अधिक कर्मचारियों वाले बड़े प्रतिष्ठानों को कम से कम 5 अतिरिक्त कर्मचारियों की नई नियुक्ति करनी अनिवार्य होगी。

3. डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) और तकनीकी सुरक्षा:

योजना के तहत मिलने वाली समस्त प्रोत्साहन राशि को पूरी तरह पारदर्शी और त्रुटिहीन बनाने के लिए प्रत्यक्ष लाभ अंतरण (DBT) का सहारा लिया जा रहा है। कर्मचारियों को मिलने वाली राशि आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम (ABPS) के माध्यम से सीधे उनके बैंक खातों में ट्रांसफर की जाएगी, जबकि नियोक्ताओं को मिलने वाला कमीशन या प्रोत्साहन उनके पैन (PAN) कार्ड से लिंक्ड बैंक खातों में सीधे जमा किया जाएगा।

ईपीएफओ (EPFO) क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून की उल्लेखनीय उपलब्धियां

उत्तराखंड के संदर्भ में यदि बात की जाए, तो कर्मचारी भविष्य निधि संगठन के क्षेत्रीय कार्यालय, देहरादून ने इस योजना को धरातल पर उतारने में उल्लेखनीय और सांख्यिकीय रूप से सुदृढ़ प्रदर्शन किया है। क्षेत्रीय कार्यालय द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, योजना के दोनों भागों (कर्मचारी और नियोक्ता प्रोत्साहन) के तहत राज्य में करोड़ों रुपयों का वित्तीय हस्तांतरण सफलतापूर्वक किया जा रहा है:

कर्मचारी लाभ (भाग-ए) की स्थिति:

  1. मार्च 2026 की प्रगति: मार्च 2026 के महीने में उत्तराखंड के कुल 435 औद्योगिक व व्यावसायिक प्रतिष्ठानों के 985 नवनियुक्त कर्मचारियों को लगभग ₹57.60 लाख की प्रोत्साहन राशि का वितरण पहले ही किया जा चुका है.
  2. जून 2026 का लक्ष्य: चालू माह यानी जून 2026 के राष्ट्रीय कार्यक्रम के दौरान उत्तराखंड के कुल 902 प्रतिष्ठानों से जुड़े 3,991 कर्मचारियों को लगभग ₹2.22 करोड़ की राशि डिजिटल माध्यम से वितरित की जाएगी।
  3. 9 माह का संचयी आंकड़ा: इस प्रकार योजना के शुरुआती प्रथम 9 महीनों के भीतर ही उत्तराखंड में कुल 4,976 पहली बार रोजगार प्राप्त करने वाले युवाओं को लगभग ₹2.80 करोड़ का प्रत्यक्ष वित्तीय लाभ प्राप्त हो चुका है।

नियोक्ता प्रोत्साहन (भाग-बी) की स्थिति:

  1. मार्च 2026 की प्रगति: राज्य में अतिरिक्त रोजगार के अवसर सृजित करने वाली कंपनियों को बढ़ावा देने के तहत मार्च 2026 में 141 नियोक्ताओं (नियोजनकर्ताओं) को लगभग ₹2.50 करोड़ की प्रोत्साहन राशि सीधे हस्तांतरित की गई थी।
  2. जून 2026 का लक्ष्य: आगामी 19 जून के कार्यक्रम में राज्य के 562 नियोक्ताओं को लगभग ₹15.82 करोड़ की भारी-भरकम राशि प्रदान की जाएगी।
  3. कुल संचयी लाभ: इस प्रकार ईपीएफओ क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून के अंतर्गत उत्तराखंड के औद्योगिक नियोक्ताओं को अब तक कुल ₹18.32 करोड़ का सीधा वित्तीय लाभ प्रदान किया जाना अनुमन्य हो चुका है, जिसे राज्य में सामाजिक सुरक्षा के विस्तार की दिशा में एक बड़ी प्रशासनिक उपलब्धि माना जा रहा है।

राष्ट्रीय कार्यक्रम एवं क्षेत्रीय कार्यालय देहरादून का सांख्यिकीय सार

क्र.सं. योजना के मुख्य मानक एवं सांख्यिकीय श्रेणियां (Scheme Metrics) निर्धारित राष्ट्रीय लक्ष्य एवं उत्तराखंड के वास्तविक आंकड़े (Data & Context)
1. मुख्य राष्ट्रीय कार्यक्रम की तिथि एवं स्थान 19 जून, 2026 | विज्ञान भवन, नई दिल्ली (अध्यक्षता: पीएम नरेंद्र मोदी)
2. उत्तराखंड में समानांतर कार्यक्रमों के स्थल मुख्य सेवक सदन (देहरादून), हरिद्वार एवं सेलाकुई (मुख्य अतिथि: सीएम पुष्कर सिंह धामी)
3. योजना का कुल राष्ट्रीय बजट (परिव्यय) ₹99,446 करोड़ (दो वर्षों की अवधि के लिए)
4. कर्मचारी प्रोत्साहन राशि (अधिकतम सीमा) एक माह के वेतन के बराबर, अधिकतम ₹15,000 (दो किश्तों में - 6 व 12 माह पर)
5. वित्तीय भुगतान की तकनीकी प्रणाली कर्मचारियों हेतु: आधार ब्रिज पेमेंट सिस्टम (ABPS) | नियोक्ताओं हेतु: पैन-लिंक्ड बैंक खाते
6. देहरादून कार्यालय: भाग-ए (कर्मचारी लाभ) कुल संचयी प्रगति 9 माह में कुल 4,976 प्रथम बार रोजगार प्राप्त युवाओं को ₹2.80 करोड़ का प्रत्यक्ष लाभ
7. देहरादून कार्यालय: भाग-बी (नियोक्ता लाभ) कुल संचयी प्रगति उत्तराखंड के पात्र औद्योगिक नियोक्ताओं को अब तक कुल ₹18.32 करोड़ का सीधा लाभ
8. 19 जून को जारी होने वाली कुल राष्ट्रीय राशि लगभग ₹2,400 करोड़ की प्रोत्साहन राशि का देशव्यापी वितरण

औपचारिक रोजगार और सामाजिक सुरक्षा को संबल


इस संपूर्ण महत्वाकांक्षी पहल का जमीनी प्रभाव यह हो रहा है कि निजी और औद्योगिक क्षेत्रों के संगठन अब अपने यहाँ कर्मचारियों का पंजीकरण ईपीएफओ (EPFO) में कराने के लिए तेजी से आगे आ रहे हैं। पूर्व में कई छोटे संस्थान वित्तीय भार के कारण कर्मचारियों को संगठित कार्यबल का हिस्सा बनाने से कतराते थे, लेकिन सरकार द्वारा नियोक्ताओं को प्रति कर्मचारी ₹3,000 तक की मासिक सहायता और कर्मचारियों को सीधे एक महीने का अतिरिक्त वेतन देने से दोनों पक्षों को सीधा आर्थिक संबल मिला है।

देहरादून क्षेत्रीय कार्यालय के अधिकारियों के अनुसार, हरिद्वार, सेलाकुई, पंतनगर और सिडकुल (SIDCUL) के अन्य औद्योगिक क्षेत्रों में इस योजना को लेकर नियोक्ताओं के मध्य निरंतर जागरूकता शिविर भी आयोजित किए जा रहे हैं। 19 जून को आयोजित होने वाला यह डिजिटल हस्तांतरण कार्यक्रम उत्तराखंड के औद्योगिक विकास, रोजगार दर में वृद्धि और युवा श्रमशक्ति को एक सुरक्षित और उज्जवल भविष्य प्रदान करने की दिशा में अत्यंत दूरगामी और प्रभावी सिद्ध होने जा रहा है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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