उत्तराखंड: राशन कार्ड के आय मानकों में होगा संशोधन, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समीक्षा के लिए समिति बनाने और राशन वितरण पूरी तरह ऑनलाइन करने के दिए निर्देश


Aapki Media AI


 देहरादून। उत्तराखंड में राशन कार्ड बनवाने की प्रक्रिया को अधिक व्यावहारिक और पारदर्शी बनाने की दिशा में खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति विभाग ने एक बड़ा नीतिगत कदम उठाया है। प्रदेश में अब एपीएल (राज्य खाद्य योजना) और अंत्योदय राशन कार्ड धारकों की अधिकतम आय सीमा के मानकों में जल्द ही संशोधन किया जाएगा। बुधवार को राजधानी देहरादून में आयोजित विभाग की उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक के दौरान खाद्य, नागरिक आपूर्ति एवं उपभोक्ता मामलों की कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने इस संबंध में अधिकारियों को एक विशेष समिति गठित करने के कड़े निर्देश जारी किए हैं।


उत्तराखंड: राशन कार्ड के आय मानकों में होगा संशोधन, कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने समीक्षा के लिए समिति बनाने और राशन वितरण पूरी तरह ऑनलाइन करने के दिए निर्देश


कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने बैठक को संबोधित करते हुए स्पष्ट किया कि विभिन्न प्रकार के राशन कार्ड जारी करने के लिए जो न्यूनतम या अधिकतम आय के मानक वर्तमान में लागू हैं, वे काफी पुराने हो चुके हैं। बदलते आर्थिक परिवेश में इन पुराने मानकों के कारण पात्र नागरिकों को भी अपने राशन कार्ड बनवाने में भारी व्यावहारिक कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है। इस समस्या के स्थाई समाधान के लिए उन्होंने अधिकारियों से कहा कि आय मानकों की व्यापक समीक्षा की जाए और इस संशोधन प्रक्रिया में प्रदेश के सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारियों (DSOs) के व्यावहारिक सुझावों को भी अनिवार्य रूप से शामिल किया जाए।

राशन विक्रेताओं का बकाया लाभांश एक सप्ताह में होगा जारी

समीक्षा बैठक के बाद पत्रकारों से बातचीत करते हुए कैबिनेट मंत्री रेखा आर्या ने राज्य के राशन डीलरों (सस्ता गल्ला विक्रेताओं) के लिए एक महत्वपूर्ण प्रशासनिक घोषणा की। उन्होंने बताया कि राशन विक्रेताओं का पिछले साल नवंबर माह से जो लाभांश (कमीशन) बकाया चल रहा है, उसे आगामी एक सप्ताह के भीतर पूरी तरह से जारी कर दिया जाएगा।

इस त्वरित भुगतान का मुख्य आधार यह है कि राज्य सरकार को हाल ही में केंद्र सरकार की ओर से ₹39 करोड़ का विशेष बजट प्राप्त हुआ है, जिससे इस देयता का भुगतान तत्काल प्रभाव से सुनिश्चित किया जा रहा है। इसके साथ ही बैठक में मौजूद राशन विक्रेता संगठन के पदाधिकारियों ने राज्य खाद्य योजना के तहत अपने लाभांश को वर्तमान ₹50 से बढ़ाकर ₹180 करने की मांग प्रमुखता से उठाई। इस मांग पर सकारात्मक रुख अपनाते हुए कैबिनेट मंत्री ने आश्वासन दिया कि लाभांश वृद्धि से संबंधित एक विस्तृत प्रस्ताव जल्द ही राज्य कैबिनेट के समक्ष मंजूरी के लिए लाया जाएगा।

30 जून तक समाप्त होगी मैनुअल व्यवस्था, तकनीकी अपग्रेडेशन के लिए मिलेगी ट्रेनिंग

राशन वितरण प्रणाली में पूरी पारदर्शिता लाने और भ्रष्टाचार की गुंजाइश को समाप्त करने के लिए विभाग ने एक बड़ी समय-सीमा (Deadline) तय की है। राशन विक्रेताओं की मांग और विभागीय सुदृढ़ीकरण को देखते हुए कैबिनेट मंत्री ने अधिकारियों को निर्देशित किया कि आगामी 30 जून तक संपूर्ण राशन वितरण प्रणाली को पूरी तरह ऑनलाइन मोड में परिवर्तित कर दिया जाए। इसके बाद डीलरों द्वारा मैन्युअल रजिस्टर मेंटेन करने की पुरानी व्यवस्था को पूरी तरह से समाप्त कर दिया जाएगा।

इस तकनीकी परिवर्तन को धरातल पर सुचारू रूप से लागू करने के लिए निम्नलिखित कदम उठाए जा रहे हैं:

  1. नया सॉफ्टवेयर और उसका क्रियान्वयन: राशन कार्ड प्रबंधन और आवंटन के लिए विभाग द्वारा अब एक अत्याधुनिक नए सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल शुरू किया जा रहा है।
  2. अधिकारियों व निरीक्षकों का प्रशिक्षण: सॉफ्टवेयर संचालन के दौरान फील्ड स्तर के कर्मचारियों को किसी तकनीकी परेशानी का सामना न करना पड़े, इसके लिए जल्द ही सभी जिला पूर्ति अधिकारियों और पूर्ति निरीक्षकों को विशेष ट्रेनिंग दी जाएगी।
  3. केंद्रीय प्रशिक्षकों का आगमन: इस प्रशिक्षण कार्यक्रम की गंभीरता को देखते हुए केंद्र सरकार से दो विशेष तकनीकी ट्रेनर बुलाए गए हैं, जो विभागीय अधिकारियों को सॉफ्टवेयर की बारीकियों से अवगत कराएंगे।

चार धाम यात्रा को लेकर अग्रिम राशन आपूर्ति और एलपीजी गैस की स्थिति

वर्तमान में संचालित हो रही चार धाम यात्रा को ध्यान में रखते हुए खाद्य मंत्री ने पर्वतीय और यात्रा मार्ग वाले जनपदों की राशन आपूर्ति पर विशेष ध्यान देने के निर्देश दिए हैं। उन्होंने सभी जिला पूर्ति अधिकारियों को सख्त लहजे में कहा कि यात्रा मार्गों और संबंधित क्षेत्रों की सरकारी दुकानों तक अगले तीन महीने का खाद्यान्न अग्रिम (Advance) रूप से जल्द से जल्द पहुंचा दिया जाए, ताकि दुर्गम क्षेत्रों में राशन वितरण में किसी भी प्रकार का विलंब या कमी न हो।

इसके अतिरिक्त, बैठक में प्रदेश के भीतर तरलीकृत पेट्रोलियम गैस (LPG) यानी रसोई गैस सिलेंडरों की आपूर्ति की भी गहन समीक्षा की गई। समीक्षा के उपरांत कैबिनेट मंत्री ने संतोष व्यक्त करते हुए बताया कि राज्य के सभी मैदानी और पर्वतीय क्षेत्रों में घरेलू (Domestic) और व्यावसायिक (Commercial) दोनों प्रकार के सिलेंडरों की आपूर्ति वर्तमान में पूरी तरह से नियमित और सुचारू है। प्रदेश के किसी भी जनपद या दूरस्थ ब्लॉक से गैस की किल्लत या आपूर्ति में कमी की कोई भी शिकायत प्राप्त नहीं हुई है।

कड़े और सुधारात्मक कदम: राशन विक्रेताओं का इंश्योरेंस और अवैध उठाव पर कानूनी कार्रवाई

खाद्य विभाग अब राशन डीलरों को सामाजिक सुरक्षा देने के साथ-साथ अपात्र लोगों के खिलाफ दंडात्मक कानूनी रुख अपनाने की तैयारी में है। बैठक में दो अत्यंत महत्वपूर्ण नीतिगत निर्णयों पर चर्चा की गई:

  • राशन विक्रेताओं का बीमा (Insurance): सरकारी सस्ता गल्ला विक्रेताओं को आर्थिक और सामाजिक सुरक्षा कवच प्रदान करने के लिए उनका इंश्योरेंस करने पर गंभीरता से विचार किया जा रहा है। इसके लिए खाद्य आयुक्त के नेतृत्व में एक विशेष कमेटी का गठन करने के निर्देश दिए गए हैं, जो विभिन्न इंश्योरेंस कंपनियों से वार्ता कर सर्वश्रेष्ठ प्लान तैयार करेगी। इस पर अंतिम निर्णय विभाग की अगली बैठक में लिया जाएगा।
  • मृत्यु के बाद राशन लेने पर कड़ी रिकवरी: सिर्फ और सिर्फ वास्तविक व पात्र लोगों तक ही सरकारी खाद्यान्न पहुंचाने के लिए विभाग कुछ कड़े कानूनी कदम उठाने जा रहा है। लगातार शिकायतें मिल रही थीं कि परिवार के किसी सदस्य की मृत्यु हो जाने के बाद भी उसका नाम कार्ड से नहीं कटवाया जाता और उसके हिस्से का राशन अवैध रूप से लिया जाता रहता है। इसे रोकने के लिए शासनादेश (GO) में आवश्यक संशोधन के निर्देश दिए गए हैं। अब यदि एक निश्चित समय सीमा के भीतर मृत्यु की सूचना देकर नाम नहीं कटवाया गया, तो विभाग न केवल अवैध रूप से लिए गए राशन की बाजार दर पर रिकवरी करेगा, बल्कि संबंधित के खिलाफ कानूनी कार्रवाई भी दर्ज कराएगा।

समीक्षा बैठक का मुख्य विवरण


क्र.सं. विभागीय मानक एवं प्रशासनिक निर्णय (Review Metrics) प्राप्त विवरण एवं निर्धारित समय-सीमा (Details & Timelines)
1. बैठक की मुख्य अध्यक्षता श्रीमती रेखा आर्या (माननीय खाद्य एवं नागरिक आपूर्ति मंत्री)
2. आयोजन की तिथि एवं स्थान बुधवार, 17 जून | देहरादून (उत्तराखंड)
3. मुख्य नीतिगत निर्णय एपीएल एवं अंत्योदय राशन कार्ड के आय मानकों में संशोधन हेतु समिति गठन
4. बकाया लाभांश भुगतान नवंबर माह से लंबित लाभांश एक सप्ताह के भीतर जारी होगा (बजट: ₹39 करोड़)
5. पूर्ण ऑनलाइन प्रणाली की समय-सीमा 30 जून तक मैन्युअल रजिस्टर व्यवस्था पूरी तरह समाप्त करने का लक्ष्य
6. चार धाम यात्रा हेतु निर्देश संबंधित जनपदों में अगले 3 माह का राशन एडवांस दुकानों तक पहुंचाने के आदेश
7. अवैध राशनिंग पर प्रतिबंध सदस्य की मृत्यु के बाद राशन लेने पर होगी वित्तीय रिकवरी व कानूनी कार्रवाई


बैठक में उपस्थित वरिष्ठ प्रशासनिक एवं संगठनात्मक अधिकारी

इस उच्च स्तरीय समीक्षा बैठक में विभागीय सुधारात्मक पहलों को अमलीजामा पहनाने के लिए शासन स्तर के अधिकारियों से लेकर फील्ड स्तर के अधिकारियों ने प्रतिभाग किया। बैठक में मुख्य रूप से विभागीय सचिव एवं फैनई, खाद्य आयुक्त बंसीलाल राणा, और अपर आयुक्त पी. एस. जंगपांगी व्यक्तिगत रूप से उपस्थित रहे।

इनके अतिरिक्त, राशन विक्रेता संगठन के प्रदेश अध्यक्ष रेवाधर बृजवासी ने अपनी टीम के साथ डीलरों का पक्ष रखा, जबकि राज्य के सभी जनपदों के जिला पूर्ति अधिकारी (DSOs) वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग (Virtual Mode) के माध्यम से इस बैठक से जुड़े और अपने-अपने क्षेत्रों की राशन व एलपीजी गैस आपूर्ति की प्रगति रिपोर्ट प्रस्तुत की।





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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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