NE-2020 के तहत राज्य 'पूर्ण साक्षर' घोषित; उपनल कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन का नया कट-ऑफ और चारधाम के 15,000 घोड़ों का होगा सरकारी बीमा


Aapki Media AI


देहरादून, 18 जून, 2026: मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में आज जिला सचिवालय स्थित मुख्य कैबिनेट कक्ष में उत्तराखण्ड मंत्रिमंडल (State Cabinet) की एक अत्यंत महत्वपूर्ण और दूरगामी नीतिगत बैठक संपन्न हुई। इस उच्च स्तरीय बैठक में राज्य के ढांचागत विकास, युवाओं के रोजगार संरक्षण, चारधाम यात्रा के सुचारू संचालन, मातृभाषा एवं संस्कृत शिक्षा के सुदृढ़ीकरण, पशुपालन में क्रांतिकारी वैज्ञानिक प्रयोगों तथा ऐतिहासिक 'किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना' पर अंतर्राज्यीय सहमति बनने जैसे 13 अति-महत्वपूर्ण विधिक प्रस्तावों पर कैबिनेट ने अपनी आधिकारिक मोहर लगा दी है।

 

उपनल कर्मियों को समान कार्य-समान वेतन का नया कट-ऑफ और चारधाम के 15,000 घोड़ों का होगा सरकारी बीमा


कैबिनेट के इन निर्णयों का सीधा असर सीधे तौर पर सीमांत क्षेत्रों की आर्थिकी, राजकीय सेवाओं की तैयारी कर रहे राज्य आंदोलनकारियों के आश्रितों, और वर्षों से 'समान कार्य हेतु समान वेतन' की विधिक लड़ाई लड़ रहे उपनल (UPNAL) संविदा कर्मियों पर पड़ेगा। मुख्यमंत्री ने इन निर्णयों को "विकल्प रहित संकल्प" के तहत समृद्ध उत्तराखण्ड की आधारशिला बताया है।


कैबिनेट के 13 नीतिगत एवं विधिक निर्णयों का विषयवार विस्तृत एवं खोजी विश्लेषण

 

 

1. गौ-वंशीय पशुओं में नस्ल सुधार: सेलाकुई की तर्ज पर भ्रूण प्रत्यारोपण (Embryo Transfer) पायलट प्रोजेक्ट


प्रदेश में श्वेत क्रांति को गति देने और दुग्ध उत्पादन में गुणात्मक व त्वरित वृद्धि सुनिश्चित करने के उद्देश्य से पशुपालन विभाग के एक अत्यंत आधुनिक वैज्ञानिक प्रस्ताव को कैबिनेट ने विधिक मंजूरी दी है। इस पायलट परियोजना के तहत उच्च आनुवंशिकी (High Genetic Merit) वाले गौ-वंशीय पशुओं में भ्रूण प्रत्यारोपण तकनीक (Embryo Transfer Technology - ETT) का उपयोग किया जाएगा। इससे अत्यंत कम समय में शुद्ध, उच्च दुग्ध क्षमता वाले गोवंश का उत्पादन संभव हो सकेगा, जिससे ग्रामीण आर्थिकी और डेयरी किसानों की आय में विधिक वृद्धि होगी।


2. चारधाम यात्रा के 15,000 अश्ववंशीय पशुओं (घोड़े-खच्चरों) का बीमा सुरक्षा चक्र


केदारनाथ, यमुनोत्री और हेमकुण्ड साहिब जैसे अत्यंत दुर्गम और उच्च हिमालयी यात्रा मार्गों पर तीर्थयात्रियों को सेवाएं देने वाले घोड़े-खच्चरों के स्वामियों को सरकार ने ऐतिहासिक वित्तीय राहत दी है।

  1. प्रीमियम का विधिक गणित: वर्ष 2026 की यात्रा के लिए कुल 15,000 पंजीकृत अश्ववंशीय पशुओं को इस विधिक सुरक्षा घेरे में लाया जा रहा है। प्रति पशु की विधिक कीमत ₹70,000 निर्धारित की गई है, जिस पर 5% की वार्षिक बीमा दर के अनुसार कुल बीमा प्रीमियम ₹525 लाख बनता है।
  2. 20% वित्तीय भार सरकार पर: कैबिनेट ने निर्णय लिया है कि कुल प्रीमियम का 20% हिस्सा (₹105 लाख) राज्य सेक्टर के अंतर्गत सरकार खुद वहन करेगी, जबकि शेष 80% धनराशि पशु स्वामियों द्वारा देय होगी। इससे स्थानीय बेरोजगार युवाओं को बड़ी सामाजिक व विधिक सुरक्षा मिलेगी।

 

उत्तराखण्ड कैबिनेट बैठक 2026: नीतिगत निर्णय, बजटीय आवंटन एवं विधिक प्रभाव मैट्रिक्स



मंत्रिमंडल द्वारा स्वीकृत मुख्य ऐतिहासिक निर्णयों के तकनीकी और सांख्यिकीय डेटा को इस विस्तृत नीतिगत तालिका में संकलित किया गया है:


निर्णय संख्या एवं विभाग (Department)स्वीकृत नीतिगत/विधिक प्रस्ताव (Policy/Rule Approved)बजटीय सीमा एवं सांख्यिकीय लक्ष्य (Target/Budget)प्रत्यक्ष लाभार्थी एवं विधिक प्रभाव (Direct Beneficiaries)
01. शिक्षा विभाग (NEP-2020)उत्तराखण्ड को 'पूर्णतः साक्षर राज्य' (Fully Literate State) घोषित करने की विधिक स्वीकृति।साक्षरता के राष्ट्रीय एवं अंतरराष्ट्रीय मानकों का शत-प्रतिशत संपादन।राज्य के समस्त वंचित प्रौढ़ एवं सीमांत जनपदों के निरक्षर नागरिक।
02. सैनिक कल्याण (उपनल)मा. सर्वोच्च न्यायालय के आदेशानुसार समान कार्य हेतु समान वेतन की कट-ऑफ डेट में संशोधन।15.10.2024 को नई कट-ऑफ विधिक तिथि निर्धारित किया जाना।विभिन्न विभागों में उपनल के माध्यम से कार्यरत हजारों संविदा एवं दैनिक कर्मचारी।
03. पशुपालन (चारधाम)15,000 घोड़े-खच्चरों के बीमा प्रीमियम में 20% राजकीय राजसहायता (Subsidy) को मंजूरी।₹105 लाख का वित्तीय भार राज्य सरकार द्वारा वहन (कुल प्रीमियम ₹525 लाख)।केदारनाथ, यमुनोत्री व हेमकुण्ड साहिब के स्थानीय अश्व स्वामी व हॉकर।
04. लोक निर्माण विभाग (PWD)मिडिल ईस्ट युद्ध के कारण बिटुमिनस (डामर) की कीमतों में 30% वृद्धि पर मूल्य समायोजन (Price Adjustment)।दिनांक 01-05-2026 से 30-06-2026 तक की सीमित विधिक अवधि हेतु।सरकारी ठेकेदार और समयबद्ध सड़क निर्माण अवसंरचना परियोजनाएं।
05. सगन्ध पौधा केन्द्र (CAP)सेलाकुई में अत्याधुनिक AMS मशीन संचालन हेतु पीएमयू (PMU) का गठन।05 विशेषज्ञ विधिक पदों का सृजन (Project Scientist व अन्य)।सगन्ध तेल उत्पादक कृषक, फार्मा उद्योग और राष्ट्रीय/अंतरराष्ट्रीय निर्यात।
06. पर्यटन विभाग (Tourism)एकल स्रोत (Single Source) के माध्यम से अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली का आयोजन।120 से अधिक विधिक एंट्रीज (25 अंतरराष्ट्रीय व 50 राष्ट्रीय चैंपियन)।वैश्विक मंच पर उत्तराखण्ड का साहसिक और वेलनेस पर्यटन विज़न।
07. गृह विभाग (कारागार)'उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026' एवं 'कारापाल अधीनस्थ सेवा नियमावली, 2026'।अभ्यस्त अपराधियों (Habitual Offenders) हेतु कड़े नियम; कारापाल के 14 पदोन्नति पद विनियमित।कारागार प्रशासन में सुधार, आंतरिक सुरक्षा और जेल संवर्ग के कर्मचारी हित।
08. संस्कृत शिक्षा परिषद्उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026 का प्रख्यापन।पाठ्यक्रम निर्धारण, मान्यता एवं परीक्षा संचालन विधिक नियमों का सरलीकरण।देवभूमि के समस्त संस्कृत विद्यालय, आचार्य, छात्र एवं संवर्धन संस्थान।

3. राज्य आंदोलनकारियों को बड़ी राहत: भर्ती परीक्षाओं में डॉक्यूमेंट वेरिफिकेशन के समय प्रमाण-पत्र की अनुमति


उत्तराखण्ड राज्य निर्माण के अमर शहीदों और चिन्हित आंदोलनकारियों के आश्रितों को राज्याधीन सेवाओं में प्राप्त 10% क्षैतिज आरक्षण (Horizontal Reservation) को लेकर कैबिनेट ने एक बार के लिए बड़ी विधिक शिथिलता (One-time Relaxation) दी है।


तकनीकी पेच का समाधान: अधिसूचना संख्या 244 (दिनांक 18.08.2024) के प्रख्यापन और शासनादेश संख्या 139 (दिनांक 24.11.2024) के जारी होने के बीच की अवधि में यूकेएसएसएससी (UKSSSC) द्वारा विज्ञापित तीन बड़ी परीक्षाओं—कनिष्ठ सहायक भर्ती 2024, आरक्षी जनपदीय पुलिस (पुरुष)/पीएसी भर्ती 2024, और अपर निजी सचिव/आशुलिपिक भर्ती 2024 में जिन अभ्यर्थियों ने आवेदन की अंतिम तिथि के बाद निर्धारित प्रारूप पर आंदोलनकारी प्रमाण-पत्र प्राप्त किया था, उन्हें अब बाहर नहीं किया जाएगा। मंत्रिमंडल ने निर्णय लिया है कि अभिलेख सत्यापन (Document Verification) के दौरान इन प्रमाण-पत्रों को "एक बार के लिए अनुमन्य" (Valid) माना जाएगा, जिससे सैकड़ों युवाओं का सरकारी नौकरी का सपना टूटने से बच गया।


4. मिडिल ईस्ट युद्ध का असर: पीडब्ल्यूडी के डामरीकरण (Bituminous) अनुबंधों में मूल्य समायोजन


वैश्विक भू-राजनीतिक संकट और मिडिल ईस्ट (मध्य पूर्व) में चल रहे युद्ध के कारण कच्चे तेल (Crude Oil) के दामों में आए उछाल से भारत में पेट्रोलियम उत्पादों और बिटुमिन (डामर) की कीमतों में 30 प्रतिशत से अधिक की अप्रत्याशित विधिक वृद्धि हो चुकी है। इसके कारण राज्य में सड़कों के निर्माण कार्य ठप होने की कगार पर थे। जनहित और कार्यहित को सर्वोपरि रखते हुए कैबिनेट ने उत्तराखण्ड लोक निर्माण विभाग (UPWD) में 01 अप्रैल, 2026 से पूर्व गठित उन सभी अनुबन्धों में (जिनकी समयावधि बची है) दिनांक 01-05-2026 से दिनांक 30-06-2026 तक की अवधि के लिए मात्र बिटुमिनस् कार्यों हेतु 'मूल्य समायोजन' (Price Adjustment) देने के विधिक दिशा-निर्देशों को मंजूरी दे दी है।


5. त्रिवर्षीय आबकारी नीति में विधिक संशोधन: वैट (VAT) गणना और होलोग्राम दोहराव विलोपन


आबकारी नीति विषयक नियमावली (2025-26, 2026-27 व 2027-28) के तहत जारी अधिसूचना संख्या 112 (दिनांक 31 मार्च, 2026) में आ रहे तकनीकी विरोधाभास को कैबिनेट ने दूर किया है। अब अधिसूचना के परिशिष्ट 'क' एवं 'ख' में अंकित उपकर (Cess) को उत्तराखण्ड वैट अधिनियम, 2005 के प्राविधानों के अंतर्गत वैट गणना का वैध भाग बनाया जाएगा। इसके अतिरिक्त, नियम 12.2 की तालिका में 'होलोग्राम शुल्क' के दोहराव (Double Taxation Error) की विधिक स्थिति को समाप्त करते हुए परिशिष्ट 'ख' के क्रमांक 4 से होलोग्राम शुल्क को पूरी तरह से विलोपित (Deleted) कर दिया गया है।


6. सेलाकुई सगन्ध पौधा केन्द्र (CAP) का वैश्विक अपग्रेडेशन: AMS मशीन हेतु 05 विशेषज्ञ पदों की स्वीकृति


'Trade Infrastructure for Export Scheme' (TIES) योजना के अंतर्गत उत्तराखण्ड के प्राकृतिक और हर्बल उत्पादों (जैसे एसेंशियल ऑयल्स, एक्सट्रैक्ट्स, फार्मास्यूटिकल्स) के अंतरराष्ट्रीय निर्यात को बढ़ावा देने के लिए एक ऐतिहासिक विधिक कदम उठाया गया है। सगन्ध पौधा केन्द्र, सेलाकुई (देहरादून) में मिलावट की जांच करने तथा सिंथेटिक एवं 100% प्राकृतिक उत्पादों के मध्य अंतर प्रमाणित करने वाली अत्याधुनिक Accelerator Mass Spectrometry (AMS) Machine स्थापित की जा रही है। इस मशीन के सुचारू वैज्ञानिक और विधिक संचालन के लिए कैबिनेट ने एक विशेष प्रोजेक्ट मैनेजमेंट यूनिट (PMU) के गठन को मंजूरी देते हुए 05 उच्च विशेषज्ञ विधिक पदों (Project Scientist-III, Senior Project Associate, Project Associate-II, और दो Technical Assistant) के सृजन पर विधिक मुहर लगाई।


उपनल कार्मिकों को सौगात: सुप्रीम कोर्ट के आदेशानुसार 'समान कार्य-समान वेतन' की नई विधिक तिथि तय


मंत्रिमंडल की बैठक का एक और सर्वाधिक प्रतीक्षित विधिक निर्णय उपनल (Uttarakhand Purv Sainik Kalyan Nigam Ltd) के माध्यम से विभिन्न विभागों, निगमों और परिषदों में योजित संविदा कर्मचारियों से जुड़ा था।


उपनल कर्मियों हेतु कैबिनेट का नीतिगत रुख:


"माननीय उच्च न्यायालय उत्तराखण्ड, नैनीताल द्वारा पारित ऐतिहासिक आदेश (दिनांक 20.04.2026) के अनुपालन में कैबिनेट ने उपनल कर्मचारियों को 'समान कार्य हेतु समान वेतन' (Equal Pay for Equal Work) का विधिक लाभ देने के लिए पूर्व में निर्धारित पात्रता की कट-ऑफ डेट (12.11.2018) को पूरी तरह से संशोधित कर दिया है। अब माननीय सर्वोच्च न्यायालय, नई दिल्ली द्वारा पारित आदेश की तिथि 15 अक्टूबर, 2024 (15.10.2024) को नया विधिक कट-ऑफ बेस माना जाएगा। इस विधिक संशोधन से उन हजारों संविदा कर्मियों को समान वेतनमान और एरियर का विधिक लाभ मिल सकेगा जो पिछले कई वर्षों से विभागों में अपनी अमूल्य सेवाएं दे रहे हैं।"


 

8. अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली: एकल स्रोत (Single Source) से होगा अनुभवी संस्था का चयन


उत्तराखण्ड को साहसिक खेल और वैश्विक पर्यटन मानचित्र पर स्थापित करने के लिए राज्य सरकार एक भव्य 'अन्तर्राष्ट्रीय हिमालयन कार रैली' (International Himalayan Car Rally) का आयोजन करने जा रही है। इस रैली की संवेदनशीलता और तकनीकी जटिलता को देखते हुए कैबिनेट ने 'एकल स्रोत' (Single Source Procurement Rules) के माध्यम से देश-विदेश की सबसे अनुभवी और विधिक रूप से सक्षम खेल प्रबंधन संस्था के चयन की विशेष अनुमति प्रदान की है। इस वैश्विक आयोजन में 120 से अधिक स्पोर्ट्स एंट्रीज को शामिल करने का विधिक लक्ष्य रखा गया है, जिसमें 25 अंतरराष्ट्रीय चालक, 25 एशिया क्रॉस कंट्री रैली के विशेषज्ञ, 20 क्लासिक कार और 50 भारतीय राष्ट्रीय रैली चैंपियनशिप के शीर्ष रेसर भाग लेंगे।


9. कारागार नियमावली 2026: 'अभ्यस्त अपराधियों' (Habitual Offenders) पर कड़ा विधिक शिकंजा


माननीय सर्वोच्च न्यायालय द्वारा दिनांक 03.10.2024 को पारित कड़े आदेशों के अनुपालन में गृह विभाग ने 'उत्तराखण्ड कारागार (संशोधन) नियमावली, 2026' के प्रख्यापन को कैबिनेट से स्वीकृत कराया है। इसके तहत 'उत्तर प्रदेश अभ्यस्त अपराधी प्रतिरोध अधिनियम, 1952' की अनुसूची में उल्लिखित गंभीर विधिक अपराधों के लिए यदि किसी अपराधी को कम से कम तीन पृथक-पृथक अवसरों पर मौलिक कारावास की विधिक सजा मिली हो (और वह अपील में खारिज न हुई हो), तो उसे 'अभ्यस्त अपराधी' (Habitual Offender) की श्रेणी में रखकर जेल के भीतर कड़े विधिक कस्टडी नियमों और कठोर निगरानी के दायरे में रखा जाएगा।


10. जेल विभाग में 14 पदों का नियमितीकरण: कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली प्रख्यापित


कारागार प्रशासन एवं सुधार विभाग की आंतरिक संरचना को मजबूत करने के लिए राज्य गठन के बाद पहली बार स्वतंत्र 'उत्तराखण्ड कारागार कारापाल अधीनस्थ (राजपत्रित) सेवा नियमावली, 2026' को प्रख्यापित किया गया है। अब तक विभाग में वर्ष 2002 का पुराना उत्तर प्रदेश अनुकूलन आदेश लागू था। वर्तमान में स्वीकृत कारापाल (Jailor) के कुल 14 पदों को अब शत-प्रतिशत स्थायी उप-कारापालों (Deputy Jailors) की विधिक पदोन्नति (Promotion) के माध्यम से समयबद्ध रूप से भरा जाएगा, जिससे जेल संवर्ग के कार्मिकों का मनोबल बढ़ेगा।


संस्कृत शिक्षा, पूर्ण साक्षरता एवं किशाऊ बांध आभार के 3 मुख्य विधिक बिंदु


कैबिनेट के शेष तीन महत्वपूर्ण और युगांतकारी नीतिगत निर्णयों का विश्लेषण इस प्रकार है:


  • उत्तराखण्ड संस्कृत शिक्षा (संशोधन) विनियमावली, 2026: वर्ष 2014 के मूल अधिनियम और 2023 की विनियमावली में आवश्यक विधिक संशोधन करते हुए संस्कृत शिक्षा परिषद् को अधिक प्रशासनिक अधिकार दिए गए हैं। अब राज्य के पारंपरिक संस्कृत विद्यालयों को मान्यता देने, उनका आधुनिक पाठ्यक्रम (जैसे कंप्यूटर और आधुनिक विज्ञान का समावेशन) निर्धारित करने और परीक्षाओं के पारदर्शी संचालन के नियमों को विधिक रूप से बेहद सरल और सुलभ बना दिया गया है।
  •  राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP-2020) के तहत 'पूर्णतः साक्षर राज्य': शिक्षा विभाग के ऐतिहासिक प्रस्ताव पर मुहर लगाते हुए कैबिनेट ने उत्तराखण्ड को साक्षरता के राष्ट्रीय मानकों के आधार पर आधिकारिक रूप से 'पूर्णतः साक्षर राज्य' (Fully Literate State) घोषित करने की विधिक संस्तुति दे दी है। इसके तहत राज्य के दूरस्थ पर्वतीय अंचलों में शत-प्रतिशत प्राथमिक व प्रौढ़ साक्षरता दर प्राप्त करने के विशेष विधिक अभियान को अंतिम सफलता मिली है।
  • गोल्डन कार्ड (SGHS) के लंबित बिलों का भुगतान और किशाऊ बांध हेतु आभार: राज्य सरकार के कर्मचारियों और पेंशनरों के लिए संचालित 'स्टेट गवर्नमेंट हेल्थ स्कीम' (Golden Card) के तहत विभिन्न सूचीबद्ध निजी व सरकारी अस्पतालों के करोड़ों रुपये के वर्षों से लंबित पड़े चिकित्सा प्रतिपूर्ति बिलों के भुगतान के लिए कैबिनेट ने स्वास्थ्य विभाग को विशेष बजटीय वित्तीय सहायता (Financial Bailout) उपलब्ध कराने की विधिक मंजूरी दी है। इसके साथ ही, दशकों से लटकी 'किशाऊ बहु-उद्देशीय बांध परियोजना' पर भागीदार राज्यों (हिमाचल, उत्तर प्रदेश आदि) के मध्य ऐतिहासिक विधिक सहमति बनाने के लिए मुख्यमंत्री की अध्यक्षता में पूरी कैबिनेट ने देश के प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृह मंत्री श्री अमित शाह का सामूहिक रूप से विशेष विधिक धन्यवाद व आभार ज्ञापित किया।

 

समावेशी सुशासन और आर्थिक सुधारों का नया स्वर्णिम अध्याय 


मुख्यमंत्री के नेतृत्व में संपन्न हुई यह कैबिनेट बैठक इस तथ्य का जीवंत विधिक दस्तावेज है कि उत्तराखण्ड सरकार 2026 में "सरलीकरण, समाधान और निस्तारण" के मूल मंत्र पर कितनी तेजी से आगे बढ़ रही है। राष्ट्रीय शिक्षा नीति 2020 के कड़े मानकों पर उत्तराखण्ड को 'पूर्णतः साक्षर राज्य' घोषित करना देवभूमि के शैक्षिक इतिहास की सबसे बड़ी विधिक और सामाजिक उपलब्धि है।


इसी प्रकार, उपनल संविदा कर्मियों के लिए 'समान कार्य हेतु समान वेतन' के कट-ऑफ को संशोधित कर 15 अक्टूबर 2024 करना और चारधाम के 15,000 बेजुबान अश्वों के बीमा का 20% प्रीमियम सरकारी खजाने से देना यह सिद्ध करता है कि यह सरकार समाज के सबसे अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति और पारिस्थितिकी के प्रति अत्यंत संवेदनशील है। मध्य पूर्व के वैश्विक युद्ध के कारण डामर (Bitumen) की बढ़ी कीमतों पर लोक निर्माण विभाग के अनुबंधों में 'प्राइस एडजस्टमेंट' का व्यावहारिक निर्णय देकर सरकार ने राज्य के बुनियादी ढांचागत विकास को रुकने से बचा लिया है। सेलाकुई में एएमएस जैसी अत्याधुनिक अंतरराष्ट्रीय लैब की स्थापना और हिमालयन कार रैली जैसे आयोजन यह दर्शाते हैं कि उत्तराखण्ड अब वैश्विक प्रतिस्पर्धा के लिए पूरी तरह तैयार है। इन सभी निर्णयों का समयबद्ध और पारदर्शी विधिक शासनादेश (GO) जारी होना ही अब नौकरशाही की असली परीक्षा होगी।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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