DM आशीष चौहान का हंटर: लापरवाह डेयरी प्रबंधक का वेतन रोका; भू-माफियाओं और अवैध कब्जों पर कड़े विधिक एक्शन के निर्देश


Aapki Media AI


देहरादून, 6 जुलाई, 2026: जनमानस की समस्याओं के समयबद्ध और संवेदनशील निस्तारण हेतु प्रतिबद्ध धामी सरकार के सुशासन विज़न को धरातल पर उतारते हुए कलेक्ट्रेट परिसर देहरादून में एक बड़े प्रशासनिक और विधिक अभियान का संचालन किया गया। सोमवार, 6 जुलाई 2026 को जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान की अध्यक्षता में आयोजित 'समाधान दिवस' में प्रशासनिक हंटर और मानवीय संवेदनशीलता का एक अनूठा समन्वय देखने को मिला।

 

DM आशीष चौहान का हंटर: लापरवाह डेयरी प्रबंधक का वेतन रोका; भू-माफियाओं और अवैध कब्जों पर कड़े विधिक एक्शन के निर्देश


दूर-दराज के पर्वतीय और ग्रामीण अंचलों से अपनी पीड़ा लेकर कलेक्ट्रेट पहुंचे 169 फरियादियों की गंभीर समस्याओं को जिलाधिकारी ने न केवल अत्यंत धैर्यपूर्वक सुना, बल्कि बहुसंख्यक विधिक मामलों का मौके पर ही तात्कालिक निस्तारण (Spot Redressal) सुनिश्चित किया। जिन मामलों में गहन तकनीकी या विधिक जांच की आवश्यकता थी, उनमें संबंधित उपजिलाधिकारियों (SDM) और विभागीय विभागाध्यक्षों को एक निश्चित समय-सीमा (Timeline) के भीतर जवाबदेही तय करते हुए रिपोर्ट सौंपने के कड़े निर्देश जारी किए गए हैं।


प्रशासनिक जवाबदेही: एसीपी भुगतान में लापरवाही पर डेयरी प्रबंधक का वेतन आहरण तत्काल रोका


समाधान दिवस के दौरान कड़ा प्रशासनिक संदेश तब देखने को मिला जब अधोईवाला क्षेत्र के निवासी नितिन कुमार ने कलेक्ट्रेट में अपनी गुहार लगाई। पीड़ित ने बताया कि दुग्ध संघ में कार्यरत उनकी वृद्ध माता को विधिक रूप से देय एसीपी (Assured Career Progression) भुगतान के लिए दुग्ध संघ के दफ्तरों के बार-बार चक्कर काटने पड़ रहे हैं, परंतु विभागीय सुस्ती के कारण उनकी फाइल को दबाकर रखा गया है।


इस घोर प्रशासनिक लापरवाही और संवेदनहीनता पर कड़ा संज्ञान लेते हुए जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने दुग्ध उत्पादक सहकारी संघ (आंचल डेयरी), रायपुर रोड के प्रबंधक के वेतन आहरण (Salary Withdrawal) पर तत्काल प्रभाव से विधिक रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया। जिलाधिकारी ने स्पष्ट किया कि जब तक पीड़ित महिला को उनके विधिक बकाए का शत-प्रतिशत भुगतान सुनिश्चित नहीं हो जाता, तब तक डेयरी प्रबंधक के वेतन को अवमुक्त नहीं किया जाएगा।


समाधान दिवस 2026: प्रमुख विधिक शिकायतें, प्रभावित क्षेत्र एवं जिलाधिकारी के कड़े निर्देश 


जनता दरबार में आए भू-विवाद, अवैध कब्जे और सामाजिक सुरक्षा से जुड़े प्रमुख मामलों की सांख्यिकी और उन पर जारी विधिक आदेश इस तालिका में संकलित हैं:

क्र. सं.शिकायत का मुख्य विषय / क्षेत्रपीड़ित / फरियादी पक्षप्रशासनिक नोडल अधिकारीजिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान का कड़ा विधिक निर्देश
01एसीपी भुगतान में देरी (रायपुर रोड)नितिन कुमार (दुग्ध संघ कर्मी की माता)मुख्य दुग्ध प्रबंधक / कोषाधिकारीडेयरी प्रबंधक का वेतन तत्काल रोकते हुए त्वरित विधिक भुगतान सुनिश्चित करें।
02सरकारी नहर पर अतिक्रमण (मेहूँवाला)स्थानीय नागरिकएसडीएम (SDM) सदरतत्काल मौके पर जाकर जांच करें, अवैध दीवार ढहाएं और विधिक मुकदमा दर्ज करें।
03जनजाति भूमि पर अवैध प्लॉटिंग (छिद्दरवाला व कृसाली)80 वर्षीय बुजुर्ग व स्थानीय समाजएसडीएम ऋषिकेश / तहसीलदारभू-माफियाओं द्वारा तोड़ी गई बाउंड्रीवॉल का संज्ञान लें; अवैध कब्जा मुक्त कराएं।
04ऐतिहासिक धर्मशाला पर कब्जा (ऋषिकेश)त्रिवेणी घाट खुर्जा धर्मशाला न्यासएसडीएम ऋषिकेश / एमडीडीएएमडीडीए व कलेक्ट्रेट के आदेशों की अवहेलना पर तत्काल अवैध निर्माण को सील करें।
05माता-पिता प्रताड़ना मामला (बंजारावाला)शकुंतला (61 वर्षीय बुजुर्ग महिला)एसडीएम सदर'भरण-पोषण अधिनियम' के तहत दर्ज वाद पर त्वरित सुनवाई कर बहु-बेटों पर एक्शन लें।

भू-माफियाओं और अवैध प्लॉटिंग पर सर्जिकल स्ट्राइक: जालसाजों पर कठोर विधिक कार्रवाई की तैयारी


देहरादून जनपद के भीतर कृषि और जनजातीय भूमियों की अवैध खरीद-फरोख्त तथा सरकारी संपत्तियों पर अतिक्रमण करने वाले भू-माफियाओं के खिलाफ जिलाधिकारी ने व्यापक और दंडात्मक अभियान छेड़ने के विधिक निर्देश दिए हैं:


  1. मेहूँवाला सरकारी नहर मामला: मेहूँवाला क्षेत्र में सिंचाई विभाग की सरकारी नहर पर अवैध रूप से पक्की दीवार बनाकर पानी का प्रवाह रोकने और सरकारी भूमि पर कब्जा करने की शिकायत पर डीएम ने कड़ा रुख अपनाया। उन्होंने संबंधित एसडीएम को पुलिस बल के साथ तत्काल मौके का भौतिक निरीक्षण कर ध्वस्तीकरण (Demolition) और विधिक मुकदमा दर्ज करने के आदेश दिए।
  2. छिद्दरवाला एवं कृसाली भू-माफिया गठजोड़: छिद्दरवाला व कृसाली क्षेत्रों में अनुसूचित जनजाति की विधिक संरक्षित भूमियों पर भू-माफियाओं द्वारा जबरन कब्जा कर अवैध प्लॉटिंग (Illegal Plotting) करने तथा एक 80 वर्षीय असहाय बुजुर्ग की वैध भूमि की बाउंड्रीवॉल तोड़कर डराने-धमकाने के संगीन मामले सामने आए। इस पर डीएम ने एसडीएम ऋषिकेश और तहसीलदार को स्पष्ट हिदायत दी कि जालसाजों और धोखेबाजों को किसी भी सूरत में बख्शा न जाए और तत्काल दंडात्मक रिपोर्ट सौंपी जाए।
  3. त्रिवेणी घाट खुर्जा वाली धर्मशाला (ऋषिकेश): ऋषिकेश के ऐतिहासिक त्रिवेणी घाट स्थित खुर्जा वाली धर्मशाला की बेशकीमती विधिक भूमि पर मसूरी देहरादून विकास प्राधिकरण (MDDA) और जिला प्रशासन के पूर्व स्थगन आदेशों की अवहेलना कर धड़ल्ले से किए जा रहे अवैध निर्माण पर डीएम ने गहरी नाराजगी जताई और एसडीएम ऋषिकेश को बिना किसी देरी के निर्माण कार्य को रुकवाने और विधिक सीलिंग करने का जिम्मा सौंपा।

 

सामाजिक न्याय और मानवीय संवेदना: बुजुर्गों, महिलाओं और मेधावी छात्रों को तत्काल राहत


जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान ने समाधान दिवस के दौरान कानून की कठोरता के साथ-साथ एक अभिभावक जैसी संवेदनशीलता का परिचय भी दिया, विशेषकर महिलाओं और असहाय बुजुर्गों के मामलों में:


  • भरण-पोषण अधिनियम का कड़ा क्रियान्वयन: बंजारावाला की 61 वर्षीय बुजुर्ग महिला शकुंतला द्वारा अपने ही बहू-बेटों द्वारा घर से निकालने और प्रताड़ित करने की मार्मिक शिकायत पर डीएम ने एसडीएम सदर को 'माता-पिता और वरिष्ठ नागरिकों का भरण-पोषण तथा कल्याण अधिनियम' के तहत त्वरित अदालती कार्यवाही कर बुजुर्ग मां को उनके अपने घर में विधिक सुरक्षा और भरण-पोषण भत्ता दिलाने के निर्देश दिए। वहीं चुक्खूवाला के एक अन्य बुजुर्ग दंपत्ति की सुरक्षा हेतु सीओ पुलिस (CO Police) और तहसीलदार को संयुक्त रूप से जवाबदेह बनाया।
  • पारिवारिक काउंसिलिंग एवं महिला सेल: शराब की लत से ग्रसित पति द्वारा घरेलू संपत्ति को खुर्द-बुर्द करने से त्रस्त एक महिला की सुरक्षा के लिए जिला कार्यक्रम अधिकारी (DPO) को पूरे परिवार की अनिवार्य काउंसलिंग करने तथा अम्बीवाला की तारा वती द्वारा लगाए गए 40 लाख रुपये के कथित झूठे दहेज मामले की निष्पक्ष जांच हेतु फाइल को तत्काल वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (SSP) महिला प्रकोष्ठ को हस्तांतरित किया गया।
  • शिक्षा और दिव्यांगों की आर्थिक रीढ़: उत्तराखंड प्राविधिक विश्वविद्यालय (सुद्धोवाला) से बीटेक कर रही एक निर्धन मेधावी छात्रा की उच्च शिक्षा फीस हेतु वित्तीय सहायता, कुडियाल निवासी महिला की बेटी की तृतीय सेमेस्टर की पढ़ाई जारी रखने के लिए ‘नंदा सुनंदा योजना’ के तहत दोबारा आर्थिक मदद की विधिक अर्हताओं की जांच कर तत्काल बजट जारी करने तथा एक दिव्यांग महिला को आजीविका हेतु त्वरित मुख्यमंत्री विवेकाधीन कोष से वित्तीय सहायता देने के प्रशासनिक निर्देश दिए गए।

 

समाधान दिवस: जनता दरबार में भौतिक व वर्चुअल रूप से उपस्थित प्रशासनिक टीम


इस महा-सुशासन अभियान में कलेक्ट्रेट स्तर पर उपस्थित रहने वाले वरिष्ठ प्रशासनिक अधिकारियों का विवरण नीचे तालिका में सुव्यवस्थित है:

प्रशासनिक पदनामउपस्थित आला अधिकारी का नाम (6 जुलाई, 2026)विभागीय विधिक जिम्मेदारी
जिलाधिकारी (DM)डॉ. आशीष चौहानकलेक्ट्रेट जनसुनवाई एवं जिला सुशासन विंग के सर्वोच्च विधिक अध्यक्ष।
अपर जिलाधिकारी (वि.रा.)श्री के.के. मिश्रावित्तीय मामलों, राजस्व अपीलों और आर्थिक अनुदानों की विधिक समीक्षा।
अपर जिलाधिकारी (प्रशा.)श्रीमती स्मृता परमारआंतरिक प्रशासनिक समन्वय, कार्मिक अनुशासन और आंतरिक व्यवस्था प्रबंधन।
नगर मजिस्ट्रेट (City Magistrate)श्री राजेश तिवारीदेहरादून नगर क्षेत्र के भीतर कानून-व्यवस्था एवं मजिस्ट्रेट जांच विंग।
उपजिलाधिकारी (SDM) / तहसीलदारसुश्री अपूर्वा सिंह, श्री रविन्द्र ज्वांठा, श्री विनोद कुमार, सुश्री अपर्णा ढ़ौडियाल, श्री सुरेन्द्र देव, श्री विवेक राजौरीतहसीलों के भीतर भू-अभिलेखों का सत्यापन, सीमांकन एवं मौके पर विधिक निस्तारण।
विकास एवं परियोजना विंगपरियोजना निदेशक श्री विक्रम सिंह, जिला विकास अधिकारी श्री सुनील कुमारग्रामीण विकास, रोजगार परक ऋण योजनाएं और मुख्यमंत्री हेल्पलाइन मॉनिटरिंग।

सीएम हेल्पलाइन (1905) एकत्रीकरण और औचक निरीक्षण के 4 मुख्य नीतिगत स्तंभ 


जन शिकायतों के शत-प्रतिशत और गुणवत्तापूर्ण निस्तारण को संस्थागत रूप देने के लिए कलेक्ट्रेट प्रशासन निम्नलिखित चार मुख्य नीतिगत स्तंभों पर कड़ाई से कार्य कर रहा है:


  • सीएम हेल्पलाइन (1905) के साथ एकीकरण: समाधान दिवस पर प्राप्त होने वाली प्रत्येक लिखित शिकायत को तत्काल मुख्यमंत्री हेल्पलाइन पोर्टल पर भी दर्ज करना, ताकि राज्य स्तर से इसकी लाइव प्रोग्रेस ट्रैक की जा सके।
  • रेहड़ी-फड़ बाज़ार सत्यापन: बंजारावाला में अव्यवस्थित हॉट बाजार को हटाने तथा यातायात को सुचारू करने के लिए कलेक्ट्रेट ने सीओ पुलिस को रेहड़ी-फड़ संचालकों का शत-प्रतिशत विधिक व पुलिस सत्यापन (Verification) करने का जिम्मा सौंपा है।
  • लापरवाही पर शून्य सहिष्णुता (Zero Tolerance): यदि कोई अधिकारी कलेक्ट्रेट द्वारा तय समय-सीमा के भीतर पीड़ित नागरिक की समस्या का विधिक निस्तारण नहीं करता, तो उसके खिलाफ सीधे 'उत्तराखंड सरकारी सेवक अनुशासन एवं अपील नियमावली' के तहत कार्रवाई होगी।
  • ग्रामीण विकास योजनाओं का समन्वय: देवपुरम में सड़क निर्माण न होने से उत्पन्न नागरिक असुविधा को दूर करने के लिए नगर आयुक्त को लोक निर्माण विभाग के साथ मिलकर त्वरित बजट आवंटन का विधिक निर्देश।

 

कड़े प्रशासनिक फैसलों से बहाल होता नागरिक विश्वास


6 जुलाई, 2026 को देहरादून कलेक्ट्रेट परिसर में आयोजित 'समाधान दिवस' इस बात का क्रेडिबल प्रमाण है कि नौकरशाही को यदि सही नेतृत्व मिले, तो वह जनता की तकलीफों के प्रति अत्यंत संवेदनशील और भू-माफियाओं के प्रति उतनी ही कठोर हो सकती है।


जिलाधिकारी डॉ. आशीष चौहान द्वारा आंचल डेयरी रायपुर रोड के प्रबंधक का वेतन रोकना शासकीय सेवा में बैठे उन तमाम अधिकारियों के लिए एक कड़ा विधिक सबक है जो जनहित की फाइलों को दफ्तरों की अलमारियों में दबाकर रखते हैं। 169 शिकायतों में से अधिकांश का मौके पर निस्तारण और भू-माफियाओं की अवैध प्लॉटिंग पर तत्काल बुलडोजर एक्शन व विधिक मुकदमों के निर्देश यह सुनिश्चित करते हैं कि देहरादून जनपद में कानून का राज सर्वोच्च रहेगा। सुद्धोवाला की बीटेक छात्रा से लेकर बंजारावाला की पीड़ित बुजुर्ग मां शकुंतला तक को न्याय का विधिक भरोसा दिलाकर जिला प्रशासन ने देवभूमि के प्रशासनिक सुशासन ढांचे को एक क्रेडिबल, पारदर्शी और जन-उन्मुख पहचान प्रदान की है।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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