देहरादून के 465 दलित युवाओं को स्वरोजगार व कौशल का महा-तोहफा: ₹124.94 लाख की जिला कार्ययोजना को डीएम की विधिक हरी झंडी


Aapki Media AI


देहरादून, 15 जुलाई, 2026: उत्तराखंड के सीमांत और महानगरीय क्षेत्रों में सामाजिक न्याय और आर्थिक समरसता को धरातल पर उतारने के लिए जिला प्रशासन देहरादून ने एक क्रेडिबल प्रशासनिक कदम उठाया है। बुधवार, 15 जुलाई, 2026 को जिला सूचना कार्यालय (सू.वि.) देहरादून द्वारा जारी आधिकारिक विधिक विज्ञप्ति के अनुसार, केंद्र सरकार की फ्लैगशिप 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' (PMAJAY - PM Ajay) के अंतर्गत वित्तीय वर्ष 2026-27 हेतु ₹124.94 लाख की वृहद जिला कार्ययोजना को जिलाधिकारी द्वारा विधिक मंजूरी प्रदान कर दी गई है।

 

देहरादून के 465 दलित युवाओं को स्वरोजगार व कौशल का महा-तोहफा: ₹124.94 लाख की जिला कार्ययोजना को डीएम की विधिक हरी झंडी

 


जिला समाज कल्याण विभाग द्वारा तैयार की गई इस व्यापक कार्ययोजना को अंतिम बजटीय संस्तुति और वित्तीय अवमुक्तिकरण के लिए भारत सरकार के सामाजिक न्याय और अधिकारिता मंत्रालय को प्रेषित कर दिया गया है। इस विधिक योजना के क्रियान्वयन से जनपद देहरादून के 465 अनुसूचित जाति (SC) वर्ग के चिन्हित युवाओं को सीधे तौर पर सम्मानजनक आजीविका, वित्तीय सब्सिडी और बाजार की मांग के अनुरूप उच्च स्तरीय कौशल विकास का क्रेडिबल लाभ मिलेगा।


कार्ययोजना का द्वि-आयामी विभाजन: वित्तीय ग्रांट-इन-एड और कौशल संवर्धन ग्रिड


प्रशासनिक पारदर्शिता के सिद्धांतों के तहत इस ₹124.94 लाख की जिला कार्ययोजना को मुख्य रूप से दो क्रेडिबल घटकों (Components) में विभाजित किया गया है, ताकि युवाओं का सर्वांगीण आर्थिक सशक्तिकरण सुनिश्चित हो सके:


  1. स्वरोजगार हेतु विधिक सब्सिडी घटक: योजना के 'ग्रांट-इन-एड' घटक के अंतर्गत कुल ₹87.55 लाख का वित्तीय अनुदान विधिक रूप से आरक्षित किया गया है। इसके माध्यम से जिले के 175 बेरोजगार अनुसूचित जाति के युवक-युवतियों को अपना स्वयं का नया सूक्ष्म उद्योग, पारंपरिक व्यवसाय या स्टार्टअप शुरू करने के लिए प्रत्यक्ष आर्थिक सहायता (Direct Capital Subsidy) प्रदान की जाएगी।
  2. बाजार-उन्मुख कौशल विकास प्रशिक्षण: स्वरोजगार के अतिरिक्त, जिले के 290 शिक्षित बेरोजगार युवाओं को वर्तमान औद्योगिक और कॉर्पोरेट जगत की मांग के अनुसार रोजगारपरक तकनीकी एवं व्यावसायिक प्रशिक्षण दिया जाएगा। यह विशेष ट्रेनिंग आयुष, आईटी, और विनिर्माण क्षेत्र की प्रतिष्ठित एवं सरकार द्वारा अधिकृत स्वैच्छिक संस्थाओं (NGOs) के माध्यम से विधिक रूप से संचालित की जाएगी।

 

PMAJAY जिला कार्ययोजना देहरादून: सांख्यिकी, बजटीय आवंटन एवं लाभार्थी मैट्रिक्स


14-15 जुलाई 2026 को कलेक्ट्रेट विंग द्वारा अनुमोदित की गई कार्ययोजना के मुख्य बजटीय और सांख्यिकीय संकेतकों का प्रामाणिक विवरण इस प्रशासनिक तालिका में संकलित है:

कार्ययोजना सुशासन घटकआधिकारिक सांख्यिकी व वित्तीय लक्ष्य (FY 2026-27)मुख्य क्रियान्वयन नोडल अधिकारीसामाजिक-आर्थिक मोर्चे पर क्रेडिबल प्रभाव
कुल स्वीकृत बजट₹124.94 लाख (कुल जिला ग्रिड)जिलाधिकारी, देहरादूनअनुसूचित जाति बाहुल्य क्षेत्रों में गरीबी रेखा (BPL) उन्मूलन।
स्वरोजगार अनुदान बजट₹87.55 लाख (175 लाभार्थियों हेतु)दीपांकर घिल्डियाल (जिला समाज कल्याण अधिकारी)शून्य ब्याज/सब्सिडी आधारित पूंजी से नए सूक्ष्म उद्योगों की विधिक स्थापना।
कौशल विकास घटक290 शिक्षित बेरोजगार युवाओं का प्रशिक्षणअधिकृत प्रतिष्ठित स्वैच्छिक संस्थाएंयुवाओं को विधिक प्लेसमेंट लिंकेज और औद्योगिक रोजगार की प्राप्ति।
प्रशासनिक स्थितिजिला स्तर से स्वीकृत | केंद्र को प्रेषितजिला सूचना अधिकारी (देहरादून)100% पेपरलेस और पारदर्शी डिजिटल चयन प्रक्रिया।

जिलाधिकारी के 4 कड़े प्रशासनिक निर्देश: पारदर्शिता और 'जीरो-लीकेज' नीति


इस महत्वाकांक्षी योजना को धरातल पर बिना किसी विसंगति के लागू करने के लिए जिलाधिकारी ने समाज कल्याण विभाग और संबंधित तकनीकी विंग को निम्नलिखित चार कड़े विधिक निर्देश जारी किए हैं:


  • पारदर्शी डिजिटल चयन प्रक्रिया: जैसे ही भारत सरकार से बजट अवमुक्त होकर राज्य को प्राप्त हो, लाभार्थियों के चयन में पूर्णतः पारदर्शिता बरती जाए और इसके लिए विधिक पात्रता मानकों का कड़ा अनुपालन हो, ताकि अपात्र लोग योजना का लाभ न उठा सकें।
  • अंतिम छोर तक क्रेडिबल पहुंच: जिला समाज कल्याण अधिकारी को निर्देश दिए गए हैं कि जिले के अत्यंत पिछड़े ग्रामीण ब्लॉकों और मलिन बस्तियों के जरूरतमंद युवाओं तक इस योजना की जानकारी क्रेडिबल तरीके से पहुंचाई जाए।
  • आउटकम-बेस्ड ट्रेनिंग ऑडिट: कौशल विकास प्रशिक्षण प्रदान करने वाली संस्थाओं का कड़ा विधिक ऑडिट किया जाए, ताकि यह सुनिश्चित हो सके कि 290 युवाओं को केवल कागजी ट्रेनिंग न मिले, बल्कि उन्हें प्रतिष्ठित कंपनियों में वास्तविक रोजगार हासिल हो।
  • विभागीय समय-बद्धता (Timeline Compliance): शासन स्तर और केंद्र सरकार के स्तर पर फाइलों के त्वरित विधिक निस्तारण के लिए निरंतर अनुश्रवण (Follow-up) किया जाए, ताकि वित्तीय वर्ष की प्रथम छमाही में ही अनुदान राशि का वितरण शुरू हो सके।

 

समाज कल्याण विभाग का संकल्प: दीपांकर घिल्डियाल का नीतिगत वक्तव्य


योजना के धरातलीय क्रियान्वयन का रोडमैप साझा करते हुए जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल ने क्रेडिबल भरोसा दिलाया कि विभाग इस कार्ययोजना को बिना किसी विलंब के शासन के माध्यम से केंद्र सरकार के समक्ष अंतिम विधिक स्वीकृति के लिए प्रस्तुत कर रहा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि नई दिल्ली से प्रशासनिक हरी झंडी मिलते ही पात्र युवाओं का ऑनलाइन पोर्टल के माध्यम से पारदर्शी पंजीकरण, उनका कौशल मूल्यांकन और बैंकों के विधिक समन्वय से सब्सिडी वितरण का काम युद्धस्तर पर प्रारंभ कर दिया जाएगा। विभाग का मुख्य ध्येय अनुसूचित जाति वर्ग के युवाओं को ऋणजाल से मुक्त कराकर एक सम्मानजनक और क्रेडिबल आजीविका मॉडल से जोड़ना है।


 

समावेशी विकास और सामाजिक न्याय का उत्कृष्ट प्रशासनिक मॉडल


वित्तीय वर्ष 2026-27 के लिए देहरादून जिला प्रशासन द्वारा 'प्रधानमंत्री अनुसूचित जाति अभ्युदय योजना' (PMAJAY) के तहत ₹124.94 लाख की कार्ययोजना को मंजूरी देना राज्य में अनुसूचित जाति के कल्याण और डिजिटल सुशासन की दिशा में एक क्रेडिबल मील का पत्थर है।


जिलाधिकारी के कड़े निर्देश और जिला समाज कल्याण अधिकारी दीपांकर घिल्डियाल का त्वरित प्रशासनिक समन्वय यह सुनिश्चित करता है कि योजना में 'जीरो-करप्शन' और 'मैक्सिमम डिलीवरी' के सिद्धांतों का विधिक पालन होगा। 175 युवाओं को स्वरोजगार के लिए ₹87.55 लाख की सब्सिडी और 290 युवाओं को बाजार-उन्मुख कौशल प्रशिक्षण देने का यह द्वि-आयामी दृष्टिकोण न केवल देवभूमि के युवा कार्यबल को आत्मनिर्भर बनाएगा, बल्कि सामाजिक असमानता को पाटकर अंत्योदय के विधिक संकल्प को एक नई और क्रेडिबल ऊंचाई प्रदान करेगा।




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Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
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