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देहरादून। उत्तराखंड की राजधानी देहरादून और उसके आस-पास के क्षेत्रों में सार्वजनिक चिकित्सा सेवाओं को तकनीकी रूप से उन्नत और आधुनिक संसाधनों से सुसज्जित करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण पहल की गई है। सूबे के चिकित्सा स्वास्थ्य एवं चिकित्सा शिक्षा मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने गुरुवार, 16 जुलाई 2026 को स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन (रजि.) द्वारा ऑयल एंड नेचुरल गैस कॉर्पोरेशन (ONGC) के कॉर्पोरेट सोशल रिस्पॉन्सिबिलिटी (CSR) फंड के सहयोग से आयोजित एक विशेष समारोह में प्रतिभाग किया।
इस महत्वपूर्ण कार्यक्रम के दौरान देहरादून के रायपुर स्थित सामुदायिक/राजकीय अस्पताल को अत्याधुनिक और जीवन रक्षक चिकित्सा उपकरण (Advanced Medical Equipment) औपचारिक रूप से वितरित किए गए। सार्वजनिक-निजी भागीदारी (PPP) और कॉर्पोरेट सामाजिक उत्तरदायित्व के इस बेहतरीन समन्वय से सरकारी अस्पतालों में बुनियादी चिकित्सा सुविधाओं को अत्यधिक मजबूती मिलने की उम्मीद है।
गुणवत्तापूर्ण स्वास्थ्य सेवाएं नागरिकों का मौलिक अधिकार: सुबोध उनियाल
उपकरण वितरण कार्यक्रम को मुख्य अतिथि के रूप में संबोधित करते हुए स्वास्थ्य मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि एक कल्याणकारी सरकार के रूप में हमारा यह दृढ़ मानना है कि गुणवत्तापूर्ण और सस्ती स्वास्थ्य सेवाएं देश के प्रत्येक नागरिक का बुनियादी अधिकार हैं। पर्वतीय और मैदानी क्षेत्रों के सरकारी अस्पतालों में आधुनिकतम डायग्नोस्टिक और उपचार उपकरणों की उपलब्धता सुनिश्चित होने से न केवल मरीजों को समय पर इलाज मिल सकेगा, बल्कि रैफरल मामलों (Referral Cases) में भी भारी कमी आएगी।
स्वास्थ्य मंत्री ने बुनियादी स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार के संबंध में निम्नलिखित प्रमुख बिंदुओं पर विशेष बल दिया:
- समयबद्ध और सटीक उपचार (Timely Treatment): अस्पतालों में पैथोलॉजी, इमरजेंसी और ओपीडी स्तर पर आधुनिक उपकरणों के होने से बीमारियों का समय पर पता लगाना और सटीक इलाज करना बेहद सुगम हो जाता है।
- कार्यक्षमता में वृद्धि: नए और आधुनिक उपकरणों की मदद से डॉक्टरों और पैरामेडिकल स्टाफ को काम करने में आसानी होती है, जिससे संपूर्ण चिकित्सालय की कार्यप्रणाली और दक्षता (Efficiency) में गुणात्मक सुधार होता है।
- संस्थागत प्रसव और आपातकालीन सेवाएं: रायपुर अस्पताल को मिले इन नए उपकरणों से मातृत्व एवं शिशु स्वास्थ्य सेवाओं और आपातकालीन सेवाओं को सीधे तौर पर मजबूती मिलेगी।
सरकार, कॉर्पोरेट और सामाजिक संस्थाओं के त्रिकोणीय समन्वय की सराहना
समारोह के दौरान मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन (रजि.) और देश की अग्रणी सार्वजनिक उपक्रम कंपनी ONGC के इस संयुक्त प्रयास की मुक्त कंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि उत्तराखंड जैसे भौगोलिक रूप से विषम परिस्थितियों वाले पर्वतीय राज्य में केवल सरकारी बजट के भरोसे ही तमाम व्यवस्थाओं को रातों-रात सुदृढ़ करना चुनौतीपूर्ण होता है। ऐसे में जब सामाजिक संस्थाएं और कॉर्पोरेट जगत अपनी सामाजिक जिम्मेदारियों (CSR) को समझते हुए आगे आते हैं, तो जनसेवा के कार्यों को अभूतपूर्व गति मिलती है।
उन्होंने कॉर्पोरेट जगत और अन्य सामाजिक ट्रस्टों से आह्वान किया कि वे प्रदेश के दूरस्थ पर्वतीय क्षेत्रों के प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों (PHCs) और सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्रों (CHCs) को गोद लेकर वहां बुनियादी ढांचे को मजबूत करने में राज्य सरकार के साथ कदम से कदम मिलाकर कार्य करें।
केंद्र और राज्य सरकार के साझा विजन से सुदृढ़ हो रहा है उत्तराखंड का हेल्थ इन्फ्रास्ट्रक्चर
अपने संबोधन के विस्तृत भाग में श्री सुबोध उनियाल ने कहा कि देश के यशस्वी प्रधानमंत्री श्री नरेंद्र मोदी के सशक्त नेतृत्व में पूरे भारतवर्ष में राष्ट्रीय स्वास्थ्य मिशन (NHM) और आयुष्मान भारत योजना के तहत स्वास्थ्य अवसंरचना (Health Infrastructure) को ब्लॉक स्तर तक अभूतपूर्व ढंग से सुदृढ़ किया जा रहा है।
इसी विजन को आगे बढ़ाते हुए उत्तराखंड में मुख्यमंत्री श्री पुष्कर सिंह धामी के कुशल मार्गदर्शन में राज्य सरकार भी प्रत्येक जिला अस्पताल और संयुक्त चिकित्सालय को आधुनिक संसाधनों, आईसीयू बेड, वेंटिलेटर और डिजिटल एक्स-रे जैसी सुविधाओं से लैस करने के लिए पूरी तरह से प्रतिबद्ध है। सरकार का मुख्य ध्येय यह सुनिश्चित करना है कि राज्य के अंतिम छोर पर बैठे व्यक्ति को भी इलाज के लिए बड़े शहरों की तरफ रुख न करना पड़े।
भविष्य की कार्ययोजना: उपकरणों का रख-रखाव और जनहित में उपयोग
समारोह के समापन अवसर पर रायपुर अस्पताल के चिकित्साधीक्षक और उपस्थित डॉक्टरों की टीम ने माननीय मंत्री और सहयोगी संस्थाओं को आश्वस्त किया कि प्राप्त हुए सभी अत्याधुनिक उपकरणों का उचित रखरखाव (Maintenance) सुनिश्चित किया जाएगा और इनका शत-प्रतिशत लाभ अस्पताल में आने वाले गरीब व मध्यमवर्गीय मरीजों को दिया जाएगा।
स्वामी विवेकानंद फाउंडेशन के पदाधिकारियों ने भी भविष्य में राज्य के अन्य पर्वतीय जनपदों जैसे चमोली, उत्तरकाशी और पिथौरागढ़ के अस्पतालों में भी इसी प्रकार के चिकित्सा उपकरण वितरण अभियान चलाने की अपनी प्रतिबद्धता व्यक्त की। मंत्री श्री सुबोध उनियाल ने सभी उपस्थित चिकित्सकों और पैरामेडिकल स्टाफ को मानवीय मूल्यों के साथ अपनी सेवाएं देने की प्रेरणा देते हुए कार्यक्रम का सफल समापन किया।
