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देहरादून, 07 सितंबर, 2026: उत्तराखण्ड में अवैध हथियारों और फर्जी दस्तावेजों के जरिए शस्त्र लाइसेंस जारी करने वाले संगठित अंतर्राज्यीय अपराध गिरोहों के खिलाफ स्पेशल टास्क फोर्स (STF) ने एक और बड़ा एक्शन लिया है। रविवार, 06 सितंबर, 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ देहरादून कार्यालय द्वारा जारी अधिकृत प्रेस नोट के अनुसार, फर्जी शस्त्र लाइसेंस तैयार करने वाले नेटवर्क के मुख्य सूत्रधार और गन हाउस मालिक को उत्तर प्रदेश के मेरठ जिले से गिरफ्तार कर लिया गया है।
यह कार्रवाई थाना प्रेमनगर, देहरादून में दर्ज मु0अ0सं0 09/2026 (धारा 420, 467, 468, 471, 120-B भादवि व आर्म्स एक्ट) की गहन विवेचना के आधार पर अमल में लाई गई है।
मामले का बैकग्राउंड: फर्जी ट्रांसफर और मेरठ से आरोपी की गिरफ्तारी
मामले की जांच के दौरान फर्जी लाइसेंस के पीछे एक बड़े नेटवर्क की परतें उधड़ीं:
- जनवरी 2026 में पहली गिरफ्तारी: एसटीएफ ने 15 जनवरी, 2026 को प्रेमनगर क्षेत्र से अभियुक्त मनोज कुमार को एक फर्जी शस्त्र लाइसेंस, एक अवैध .30 बोर सेमी-ऑटोमैटिक पिस्टल और 05 जिंदा कारतूसों के साथ गिरफ्तार किया था।
- सिरसा से फर्जी ट्रांसफर का भंडाफोड़: जांच में पता चला कि अभियुक्त मनोज कुमार के लाइसेंस को हरियाणा के सिरसा से मेरठ और फिर देहरादून स्थानांतरित दर्शाया गया था। जब सिरसा जिलाधिकारी (DM) कार्यालय से रिकॉर्ड सत्यापित कराया गया, तो पाया गया कि ऐसा कोई लाइसेंस कभी जारी ही नहीं हुआ था।
- शिवा गन हाउस मालिक की भूमिका: पुलिस विवेचना में मिले पुख्ता साक्ष्यों से स्पष्ट हुआ कि इस फर्जी लाइसेंस को तैयार कराने में मेरठ स्थित 'शिवा शस्त्रागार/गन हाउस' के मालिक की मुख्य भूमिका थी।
एसटीएफ टीम ने दबिश देकर आरोपी शैलेन्द्र पुत्र राजपाल (निवासी: 69, गायत्री ग्रीन, बाईपास रोड, थाना कंकरखेड़ा, जनपद मेरठ, उत्तर प्रदेश) को गिरफ्तार कर लिया।
फर्जी शस्त्र लाइसेंस मामला 2026: प्रशासनिक व विधिक ब्योरा
06 सितंबर, 2026 को एसटीएफ द्वारा दी गई विधिक कार्रवाई का विवरण इस तालिका में संकलित है:
| विधिक/प्रशासनिक घटक | प्रकरण विवरण एवं पुलिस कार्रवाई | संबंधित कानून व धाराएं | सुशासन एवं जन-सुरक्षा प्रभाव |
| मुख्य गिरफ्तार अभियुक्त | शैलेन्द्र (मालिक- शिवा गन हाउस, कंकरखेड़ा, मेरठ) | IPC 420, 467, 468, 471, 120-B & Arms Act | गन हाउसों के माध्यम से संचालित नेटवर्क पर रोक। |
| पूर्व गिरफ्तार अभियुक्त | मनोज कुमार (15 जनवरी 2026 को पिस्टल संग दबोचा) | धारा 25 आर्म्स एक्ट व IPC धाराएं | जाली दस्तावेजों से हथियार रखने वालों पर शिकंजा। |
| नेटवर्क का विस्तार | उत्तर प्रदेश, हरियाणा एवं उत्तराखण्ड | संगठित अपराध एवं BNS धाराएं | अंतर्राज्यीय अवैध असलहा नेटवर्क का पर्दाफाश। |
| आरोपी का आपराधिक इतिहास | 1. मु0अ0सं0 693/2024 (थाना कंकरखेड़ा, मेरठ) 2. मु0अ0सं0 09/2026 (थाना प्रेमनगर, देहरादून) | BNS धारा 340, 338, 318, 109 BNS व भादवि | अभ्यस्त अपराधियों पर कड़ा कानूनी एक्शन। |
ऑपरेशन को अंजाम देने वाली एसटीएफ टीम
अंतर्राज्यीय सीमा पर कार्रवाई कर सफलता हासिल करने वाली एसटीएफ टीम के सदस्य:
- निरीक्षक: यादविंदर सिंह बाजवा
- उपनिरीक्षक (SI): कमाल हसन
- सहायक उपनिरीक्षक (ASI): योगेंद्र सिंह
- कॉन्स्टेबल: दीपक चंदोला
- कॉन्स्टेबल: दीपक नेगी
अवैध असलहा व शस्त्र लाइसेंस नियंत्रण के 4 मुख्य नीतिगत बिंदु
राज्य में कानून-व्यवस्था मजबूत करने हेतु एसटीएफ के कड़े कदम:
- डिजिटल वेरिफिकेशन (Verifiable Database): अन्य राज्यों से स्थानांतरित होकर आए सभी शस्त्र लाइसेंसों का संबंधित जिला मजिस्ट्रेट कार्यालयों से अनिवार्य क्रॉस-वेरिफिकेशन।
- गन हाउसों की निगरानी: शस्त्र दुकानों के स्टॉक और खरीद-बिक्री रजिस्टरों का समय-समय पर औचक निरीक्षण।
- अंतर्राज्यीय पुलिस समन्वय: उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखण्ड पुलिस के बीच अपराधियों का रियल-टाइम डेटा शेयरिंग।
- कठोर विधिक कार्रवाई: फर्जी दस्तावेजों से राष्ट्रीय सुरक्षा को खतरे में डालने वाले सिंडिकेट्स के खिलाफ गैंगस्टर एक्ट के तहत कार्रवाई।
कानून-व्यवस्था सुदृढ़ करने का संकल्प
06 सितंबर, 2026 को उत्तराखण्ड एसटीएफ द्वारा मेरठ से गन हाउस मालिक की गिरफ्तारी राज्य में अवैध हथियारों की तस्करी और फर्जी दस्तावेजों के सिंडिकेट को खत्म करने की दिशा में एक क्रेडिबल कदम है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि उत्तर प्रदेश, हरियाणा और उत्तराखण्ड में फैले इस नेटवर्क से जुड़े अन्य आरोपियों की भी पहचान की जा रही है और जल्द ही उन पर कानून का शिकंजा कसा जाएगा।
