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देहरादून/हल्द्वानी, 16 सितंबर, 2026: उत्तराखण्ड राज्य को पूरी तरह से नशामुक्त बनाने हेतु चलाए जा रहे 'ड्रग्स फ्री देवभूमि' अभियान के तहत स्पेशल टास्क फोर्स (STF) को एक और बड़ी सफलता हासिल हुई है। बुधवार, 16 सितंबर, 2026 को वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक एसटीएफ कार्यालय देहरादून द्वारा जारी आधिकारिक प्रेस रिलीज के अनुसार, एसटीएफ कुमाऊं यूनिट और थाना काठगोदाम पुलिस की संयुक्त टीम ने काठगोदाम क्षेत्र में चेकिंग के दौरान 02 शातिर तस्करों को 1 किलो 150 ग्राम चरस (व्यावसायिक मात्रा) के साथ गिरफ्तार कर लिया। बरामद अवैध चरस की अंतरराष्ट्रीय बाजार में अनुमानित कीमत लगभग ₹05 लाख आंकी गई है।
चम्पावत से लाते थे चरस, काठगोदाम में पुलिस ने स्कूटी संग दबोचा
एसटीएफ की पूछताछ एवं प्रारंभिक जांच में नशा तस्करी के संगठित नेटवर्क का खुलासा हुआ है:
- तस्करी का तरीका (Modus Operandi): गिरफ्तार अभियुक्तों ने स्वीकार किया कि वे जनपद चम्पावत के पर्वतीय इलाकों से अवैध चरस सस्ते दामों में खरीदते थे और उसे ऊंचे दामों पर नैनीताल व ऊधमसिंह नगर जनपदों के मैदानी इलाकों में युवाओं को सप्लाई करते थे।
गिरफ्तार अभियुक्तों का विवरण:
- मनोज चंद्र पुत्र भवानी दत्त भट्ट (निवासी: ग्राम बामन चापड़, तहसील व थाना पाटी, जनपद चम्पावत)।
- संजय चंद्र पुत्र जगदीश चंद्र (निवासी: ग्राम अनरपा, तहसील व थाना पाटी, जनपद चम्पावत)।
- बरामदगी: 01 किलो 150 ग्राम चरस एवं तस्करी में प्रयुक्त स्कूटी संख्या UK04 TB 8402।
एसटीएफ चरस बरामदगी मामला 2026: प्रशासनिक व विधिक विवरण
16 सितंबर, 2026 को एसटीएफ द्वारा की गई विधिक कार्रवाई का विवरण इस तालिका में संकलित है:
| विधिक / प्रशासनिक घटक | प्रकरण विवरण एवं पुलिस कार्रवाई | नोडल एजेंसी व कानून | नशामुक्त सुशासन एवं सुरक्षा प्रभाव |
| बरामद मादक पदार्थ | 1.150 किग्रा चरस (कीमत लगभग ₹5 लाख) | NDPS Act संबंधित धाराएं | व्यावसायिक मात्रा में नशीले पदार्थों की जब्ती। |
| गिरफ्तार अभियुक्त | मनोज चंद्र व संजय चंद्र (पाटी, चम्पावत) | थाना काठगोदाम, जनपद नैनीताल | पर्वतीय क्षेत्रों से सप्लाई चेन पर कड़ा प्रहार। |
| वाहन जब्ती | स्कूटी संख्या UK04 TB 8402 | परिवहन एवं एनडीपीएस विधिक जब्ती | नशा तस्करी के परिवहन माध्यमों पर रोक। |
| कार्रवाई दिशा | बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज की जांच | एसटीएफ कुमाऊं यूनिट व नैनीताल पुलिस | मुख्य सप्लायरों व नेटवर्क का पर्दाफाश। |
सफलता हासिल करने वाली संयुक्त पुलिस टीम
इस ऑपरेशन को अंजाम देने में एसटीएफ और स्थानीय पुलिस टीम की मुख्य भूमिका रही:
- STF कुमाऊं यूनिट टीम: निरीक्षक एम.पी. सिंह, एसआई अशोक कांडपाल, एसआई चंदन सिंह बिष्ट, एसआई प्रकाश चंद्र भगत, मुख्य आरक्षी गोविंद सिंह, मुख्य आरक्षी मोहित वर्मा तथा मुख्य आरक्षी चालक संजय कुमार।
- थाना काठगोदाम पुलिस टीम: एसआई धर्मेंद्र कुमार एवं मुख्य आरक्षी प्रताप गढ़िया।
मादक पदार्थ रोकथाम हेतु एसटीएफ के 4 मुख्य नीतिगत बिंदु
नशा तस्करों के खिलाफ राज्य में जारी कड़े कदम:
- इंटेलीजेंस आधारित कार्रवाई: पर्वतीय जनपदों से मैदानी जिलों में होने वाली अवैध मादक पदार्थों की सप्लाई पर निरंतर तकनीकी निगरानी।
- बैकवर्ड एवं फॉरवर्ड लिंकेज ट्रैकिंग: नशा तस्कर कहां से माल खरीद रहे हैं और किन खरीदारों तक पहुंचा रहे हैं, इसकी पूरी चेन को ध्वस्त करना।
- कठोर वैधानिक कार्रवाई: एनडीपीएस (NDPS) एक्ट के तहत अभियोग पंजीकृत कर अभियुक्तों की अवैध संपत्ति का ब्योरा जुटाना।
- सामुदायिक सहयोग व हेल्पलाइन: युवाओं को नशे से बचाने हेतु आम जनता से नशा तस्करों की जानकारी तुरंत पुलिस/एसटीएफ को देने की अपील।
नशामुक्त उत्तराखण्ड की दिशा में मजबूत कदम
16 सितंबर, 2026 को एसटीएफ उत्तराखण्ड और काठगोदाम पुलिस द्वारा 1.150 किग्रा चरस के साथ दो तस्करों की गिरफ्तारी राज्य सरकार के 'ड्रग्स फ्री देवभूमि' के संकल्प को सुदृढ़ करती है। एसटीएफ ने स्पष्ट किया है कि नशे के इस काले कारोबार में शामिल अन्य सहयोगियों और मुख्य सप्लायरों की तलाश जारी है और अपराधियों के खिलाफ यह अभियान अनवरत चलता रहेगा।
