Aapki Media AI
देहरादून: राजधानी देहरादून के सबसे व्यस्त और संकरे रास्तों वाले व्यावसायिक क्षेत्र मोती बाजार स्थित देवकी कॉम्प्लेक्स में सोमवार प्रातः लगभग 9:30 बजे एक भीषण अग्निकांड की घटना सामने आई। कॉम्प्लेक्स में स्थित 'बाला जी ड्रेस' नामक फैंसी कपड़ों की दुकान में अचानक शॉर्ट सर्किट या अन्य कारणों से आग भड़क उठी।
आग इतनी विकराल थी कि देखते ही देखते लपटों ने आसपास की अन्य दुकानों को भी अपनी चपेट में लेना शुरू कर दिया। बाजार में भारी धुएं का गुबार छाने से व्यापारियों और स्थानीय लोगों में अफरातफरी मच गई। गनीमत यह रही कि दमकल विभाग की त्वरित और सूझबूझ भरी कार्रवाई से एक बड़ा हादसा टल गया और इस घटना में किसी भी प्रकार की जनहानि की सूचना नहीं है।
दमकल विभाग का ऑपरेशन: 6 फायर टेंडर और आधुनिक उपकरणों का इस्तेमाल
घटना की सूचना मिलते ही फायर सर्विस देहरादून की यूनिट बिना एक पल गंवाए तुरंत घटनास्थल पर पहुंची और मोर्चा संभाला:
- फायर टेंडरों की तैनाती: आग की भीषणता को भांपते हुए फायर स्टेशन से एक के बाद एक कुल 6 फायर टेंडर तुरंत मौके पर रवाना किए गए।
- आधुनिक उपकरणों का प्रयोग: भारी धुएं और संकरे रास्तों के बीच राहत कार्य को गति देने के लिए स्मोक एग्जॉस्टर (Smoke Exhauster), आयरन कटर और आधुनिक टॉर्च का इस्तेमाल किया गया।
- शटर काटकर बचाव कार्य: अत्यधिक धुएं के कारण फायर कर्मियों को खासी मशक्कत करनी पड़ी। सुरक्षा की दृष्टि से बंद दुकानों के ताले और शटर बोल्ट कटर से काटे गए, ताकि आग को भीतर ही भीतर फैलने से रोका जा सके और यह सुनिश्चित किया जा सके कि अंदर कोई व्यक्ति फंसा न हो।
- 4 से 5 घंटे की मशक्कत: होज रील और होज पाइप के जरिए लगातार पानी की बौछार करते हुए दमकल कर्मियों ने करीब 4 से 5 घंटे की कड़ी मेहनत के बाद आग पर पूरी तरह नियंत्रण पा लिया।
मोती बाजार अग्निकांड 2026: घटना एवं राहत कार्य विवरण
12 अक्टूबर, 2026 को देहरादून के मोती बाजार में घटी घटना का संक्षिप्त विवरण:
| घटना के घटक | विवरण एवं आंकड़े | प्रशासनिक व सुरक्षात्मक कार्रवाई |
| घटनास्थल | देवकी कॉम्प्लेक्स, मोती बाजार (देहरादून) | व्यस्त व्यावसायिक व संकरा बाजार क्षेत्र |
| समय व शुरुआत | प्रातः लगभग 9:30 बजे | बाला जी ड्रेस (फैंसी कपड़ों की दुकान) से शुरुआत |
| फायर ब्रिगेड एक्शन | 6 फायर टेंडर मौके पर तैनात | होज पाइप, स्मोक एग्जॉस्टर और बोल्ट कटर का प्रयोग |
| नियंत्रण अवधि | 4 से 5 घंटे की कड़ी मशक्कत | दमकल कर्मियों की सूझबूझ से आग पर पूर्ण नियंत्रण |
| जनहानि की स्थिति | शून्य जनहानि (बड़ा हादसा टला) | समय पर ताले व शटर काटकर सुरक्षा सुनिश्चित की गई |
व्यावसायिक बाजारों की सुरक्षा हेतु 4 मुख्य सुरक्षा मानक
मोती बाजार जैसी घनी बस्तियों और बाजारों के लिए आवश्यक अग्निशमन उपाय:
- विद्युत ऑडिट (Electrical Audit): पुरानी कॉलोनियों और बाजारों में वायरिंग की नियमित जांच ताकि शॉर्ट सर्किट रोका जा सके।
- फायर एग्जिट व रास्ते: संकरे बाजारों में दमकल वाहनों के आवागमन हेतु न्यूनतम मार्ग और आपातकालीन निकास की उपलब्धता।
- प्राथमिक अग्निशमन यंत्र: प्रत्येक व्यावसायिक कॉम्प्लेक्स और दुकान में फायर एक्सटिंग्विशर की अनिवार्य स्थापना।
- दमकल समन्वय: बाजार समितियों और स्थानीय व्यापारियों का फायर विभाग के साथ आपदा प्रबंधन मॉक ड्रिल करना।
दमकल कर्मियों की मुस्तैदी से टला बड़ा नुकसान
मोती बाजार जैसे घनी आबादी और कंजेशन वाले इलाके में लगी इस भीषण आग पर काबू पाना फायर सर्विस की व्यावसायिक दक्षता और तत्परता का प्रमाण है। समय पर उठाए गए कदमों और लगातार 5 घंटे के रेस्क्यू ऑपरेशन के चलते शहर में एक संभावित बड़ी दुर्घटना टल गई।
