Advertisement

Advertisement...

रुद्रप्रयाग के युवा लेखक सतपाल ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से की शिष्टाचार भेंट: ‘पूरा केदार दर्शन’ पुस्तक की भेंट, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण पर चर्चा


Aapki Media AI


देहरादून: उत्तराखण्ड के धार्मिक, सांस्कृतिक और पर्यटन महत्व को साहित्य के माध्यम से जन-जन तक पहुँचाने की दिशा में रुद्रप्रयाग जनपद के युवा लेखक एवं कवि सतपाल लगातार सराहनीय कार्य कर रहे हैं। इसी क्रम में युवा लेखक सतपाल ने देहरादून स्थित यमुना कॉलोनी आवास पर उत्तराखण्ड सरकार के कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा से शिष्टाचार भेंट की।

रुद्रप्रयाग के युवा लेखक सतपाल ने कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा से की शिष्टाचार भेंट: ‘पूरा केदार दर्शन’ पुस्तक की भेंट, धार्मिक और प्राकृतिक धरोहर के संरक्षण पर चर्चा



इस मुलाकात के दौरान उन्होंने मंत्री जी को अपनी रचित चर्चित पुस्तक ‘पूरा केदार दर्शन’ भेंट की और जनपद रुद्रप्रयाग की धार्मिक, ऐतिहासिक, सांस्कृतिक एवं प्राकृतिक विरासत को संकलित करने के अपने अनुभवों को साझा किया।


‘पूरा केदार दर्शन’ पुस्तक की विशेषताएं और उद्देश्य


कवि सतपाल द्वारा रचित यह पुस्तक केदारभूमि की समग्र पहचान को पाठकों के सामने रखती है:

  • विविध धार्मिक स्थलों का संकलन: इस पुस्तक में रुद्रप्रयाग जनपद के विभिन्न प्राचीन मंदिरों, धार्मिक स्थलों, प्रमुख पर्यटन स्थलों और प्राकृतिक सौंदर्य का सूक्ष्म विवरण प्रस्तुत किया गया है।
  • पौराणिक मान्यताओं का दस्तावेजीकरण: क्षेत्र की पौराणिक कथाओं, लोकसंस्कृति और स्थानीय जनजीवन की विशेषताओं को एक स्थान पर संकलित किया गया है।
  • पर्यटन को बढ़ावा: पुस्तक का मुख्य उद्देश्य देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं, साधकों और पर्यटकों को केदारनाथ घाटी व आसपास के अनछुए धार्मिक स्थलों से परिचित कराना है, जिससे धार्मिक पर्यटन को नया विस्तार मिल सके।

 

सतपाल की भेंट एवं मंत्री संवाद 2026: संक्षिप्त विवरण 


13 अक्टूबर, 2026 को देहरादून में हुई इस शिष्टाचार भेंट का संकलित ब्योरा:

भेंट व संवाद के घटकविवरण एवं तथ्यनीतिगत व सांस्कृतिक प्रभाव
भेंटकर्तायुवा लेखक एवं कवि सतपाल (रुद्रप्रयाग, उत्तराखण्ड)स्थानीय साहित्य और युवा रचनात्मकता को प्रोत्साहन।
माननीय अतिथिकैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणाशासन स्तर से युवा लेखकों को वैचारिक समर्थन।
प्रस्तुत पुस्तक‘पूरा केदार दर्शन’केदारभूमि की संस्कृति, इतिहास व पर्यटन का समग्र संकलन।
प्रमुख संदेशउत्तराखंड की लोकसंस्कृति, परंपराओं व धरोहर का संरक्षणराज्य के धार्मिक पर्यटन और स्थानीय आजीविका को बल।

कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा का प्रोत्साहन और शुभकामना संदेश


उल्लेखनीय है कि कैबिनेट मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा का प्रेरणादायी शुभकामना संदेश स्वयं ‘पूरा केदार दर्शन’ पुस्तक में भी प्रकाशित है, जो युवा लेखक के लिए एक बड़ा संबल है।


मुलाकात के दौरान मंत्री श्री सौरभ बहुगुणा ने कवि सतपाल के इस अनूठे साहित्यिक प्रयास की मुक्तकंठ से सराहना की। उन्होंने कहा कि इस प्रकार के रचनात्मक कार्य उत्तराखंड की मूल पहचान, संस्कृति और पर्यटन को राष्ट्रीय पटल पर मजबूत करने का काम करते हैं। मंत्री ने युवा लेखक को भविष्य में भी इसी निष्ठा के साथ प्रादेशिक साहित्य और संस्कृति के संवर्धन हेतु निरंतर लेखन करते रहने के लिए प्रेरित किया।


सांस्कृतिक संरक्षण एवं पर्यटन नीति के 4 मुख्य बिंदु 


राज्य में साहित्य और पर्यटन के समन्वय से जुड़े मुख्य आयाम:


  • साहित्य के जरिए पर्यटन प्रसार: पुस्तकों और डिजिटल माध्यमों से उत्तराखंड के अनछुए धार्मिक व प्राकृतिक स्थलों की जानकारी देश-दुनिया तक पहुँचाना।
  • युवा सृजक प्रोत्साहन: स्थानीय युवा लेखकों और कलाकारों को शासन व समाज स्तर पर उचित मंच और सराहना प्रदान करना।
  • धार्मिक व सांस्कृतिक धरोहर संरक्षण: केदारभूमि की लोकसंस्कृति, रीति-रिवाजों और ऐतिहासिक विरासतों का दस्तावेजीकरण।
  • आत्मनिर्भर स्थानीय आजीविका: पर्यटन और सांस्कृतिक गतिविधियों के विस्तार से स्थानीय युवाओं हेतु स्वरोजगार के नए अवसर सृजित करना।

 साहित्य और संस्कृति के संवर्धन की प्रेरणादायक पहल

रुद्रप्रयाग के युवा लेखक सतपाल द्वारा कैबिनेट मंत्री सौरभ बहुगुणा को ‘पूरा केदार दर्शन’ पुस्तक भेंट किया जाना यह दर्शाता है कि आज की युवा पीढ़ी अपनी जड़ों, संस्कृति और आध्यात्मिक धरोहर के प्रति कितनी जागरूक है। जनप्रतिनिधियों और लेखकों का ऐसा समन्वय राज्य के सांस्कृतिक और साहित्यिक भविष्य को एक नई दिशा प्रदान कर रहा है।




📢 खबरों को सबसे पहले पाने के लिए आपकी मीडिया को फॉलो करें
👉 WhatsApp Channel Join करें 👉 WhatsApp Group Join करें
Krishna Kumar
लेखक के बारे में

कृष्ण कुमार

कृष्ण कुमार को छोटी उम्र से ही खबरों की दुनिया ने इतना रोमांचित किया कि पत्रकारिता को ही करियर बना लिया। 6+ साल पहले 'आपकी मीडिया' जैसे बहुआयामी संस्थान... और पढ़ें
Previous Post Next Post

Advertisement